ताज़ा खबर
 

फैशन में सिंड्रेला गाउन, जानें इस नए चलन के बारे में ये बातें

फैशन में निरंतर बदलाव ही उसके प्रति आकर्षण बनाए रखने का मूल मंत्र है। इसलिए ज्यादातर फैशन डिजाइनर अपनी कल्पनाशीलता से पहनावे में नए-नए प्रयोग करते रहते हैं। फैशन के प्रचार-प्रसार का सबसे सहज माध्यम सिनेमा और टेलीविजन के धारावाहिक हैं। इसके अलावा फैशन शो और सोशल मीडिया पर भी निरंतर इसका प्रचार-प्रसार चलता रहता है। परी कथाओं पर आधारित पहनावे इस समय फैशन में नया चलन है। परियों के गाउन, मुकुट, चप्पल वगैरह इन दिनों फैशन डिजाइन में आकर्षण का केंद्र है। सिंड्रेला गाउन उसी की देन है। फैशन में इस नए चलन के बारे में बता रही हैं अनुजा भट्ट।

Author January 13, 2019 2:18 AM
लोगों की पसंद को भी अपने विचार में ढालना होता है।

फेयरी टेल फैशन एक अनूठी और कल्पनाशील सृजनात्मकता का पर्याय है। इसमें उच्च फैशन के लेंस के माध्यम से परी कथाओं से फैशन को रचा जाता है। चार्ल्स पेरौल्ट, ग्रिम बंधु और हंस क्रिश्चियन एंडरसन जैसे लेखकों द्वारा लिखी गई परियों की कहानियों में पोशाक कई तरह के संदर्भ लिए होती हैं। उदाहरण के लिए, सिंड्रेला की ग्लास चप्पल का महत्त्व व्यापक रूप से जाना जाता है। पर फैशन में यह ग्लास चप्पल और गाउन सिलेब्रिटी से लेकर आम जन की नजर में छा जाता है। अभी हाल ही में एक फैशन शो में फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत और अदिति राव हैदरी कुछ इसी अंदाज में नजर आर्इं। यह ड्रेस डिजाइन की थी जाने-माने फैशन डिजाइनर गौरव गुप्ता ने।

सिंड्रेला का नाम सुन कर हमारे दिमाग में एक परी की कहानी याद आती है, जो बच्चों को बहुत प्रिय है। उसका घेरदार गाउन और सिर पर सजा ताज बच्चों के साथ हमें भी मोहित करता है। डिजाइनर गौरव गुप्ता के परिधानों पर नजर डालें तो लगता है जैसे रोबोट और सिंड्रेला का मिलन हुआ हो। रोबेट सिंड्रेला के बहुत करीब जान पड़ता है। इसी तरह हम डिजाइनर गौरव गुप्ता की डिजाइनर ड्रेस की नई शृंखला को व्याख्यायित कर सकते हैं। यह शृंखला उत्कृष्ट रफल्स, प्लीट्स और फोल्ड्स को अतिआधुनिक तरह से पेश करने वाली है। गौरव गुप्ता की इस नई शृंखला का नाम है क्रिस्टल मिथ, जिसे उनके एवेरुजियन स्टोर में प्रदर्शन के लिए रखा गया है। कपड़े में एक आकृति उकेरी गई है, जो चमचमाते मोतियों की कड़ियों में एक लहर का-सा आभास देती हुई खूबसूरती के अहसास से भर देती है। यह सब बहुत भविष्य की सुंदर परिकल्पना से सराबोर है, फिर भी स्वप्निल और महिलाओं को मोहने वाला है। इस संग्रह के कई हिस्से हैं, जिसमें गाउन, ड्रेस, टोपी, लहंगा और साड़ी शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि इसका उद्घाटन इंस्टाग्राम पर सबसे पहले हुआ। गौरव कहते हैं, ‘मुझे सिर्फ एक शो करने का मन नहीं था। आजकल सामान्यत: हर कोई इंस्टाग्राम पर मौजूद है और हर कोई देख भी रहा है।’ अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए वे कहते हैं, ‘शो डिजाइन को नकल करने के लिए होते हैं। इंस्टा पर हम पूरे साल अपनी बनाई ड्रेस शो कर सकते हैं।’

गौरव के लिए संग्रह किसी खास सीजन या मौके की पेशकश नहीं है। इसका मतलब है कि हर बार कुछ नया करते हैं। और जब उनके मन में कोई नया विचार जन्म लेता है, तो उसे वे अपने डिजाइन में ढाल लेते हैं। ‘हम रफल्स, प्लीट्स, कढ़ाई, बिगुल बीड्स और ड्रेपिंग सिल्हूट्स के साथ प्रयोग करते रहते हैं। यह शृंखला हमने चालीस कपड़ों के साथ शुरूआत की और फिर हमने एक और दस जोड़ा… अब सौ हैं।’ वे आगे कहते हैं। रंगों के विस्तार की बात करें तो ये रंग मिडनाइट ब्लू, ब्लैक शैंपेन, केलको एक्रू, काबल ग्रे, लावा रेड, सेंड पिंक होते हैं। ‘मैं परिष्कृत, उत्कृष्ट रंगों का उपयोग करता हूं।’ ये अब गौरव गुप्ता रंग के रूप में जाने जाने लगे हैं। इस संग्रह में, शिफॉन, ट्यूल और दुपट्टे जैसे फ्लेबी फैब्रिक को बड़ी रफल और नाटकीय तरंगों में घुमाया जाता है, जिसमें गौरव की स्वदेशी बांडिंग तकनीक के साथ बनाई गई सामग्री होती है, जिसका उपयोग चोली बनाने में होता है। एक साल पहले गौरव ने मेन्सवियर की अपनी लाइन शुरू की। वे हंसते हुए कहते हैं, ‘मेरे दोस्त, रिश्तेदार और उसके बाद दुल्हनों के परिचित सभी ने यह सुझाव दिया कि मैं दूल्हे को इतना नजरअंदाज क्यों करता हूं। फिर मैंने पुरुषों के लिए भी परिधान बनाने शुरू किए, जिसे लोगों ने पसंद किया।’ उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ पुरुषों के कपड़ों में ही गढ़ी गई तकनीक का इस्तेमाल करना था और लैपल्स की विभिन्न शैलियों पर काम करना था।

डिजाइन करते समय जो कुछ आप सोच रहे हैं उसे परिधान के रूप में पेश करना होता है, ताकि लोगों को कुछ नया दिखाई दे। लोगों की पसंद को भी अपने विचार में ढालना होता है। कुछ लोग एक जैसी चीज पसंद नहीं करते, चाहे उसे किसी अभिनेत्री ने ही क्यों न पहना हो। और कुछ अभिनेत्री जैसे परिधान की ही मांग करते हैं। लेकिन मुझे पहली वाली सोच ज्यादा प्रभावित करती है। सचमुच, वे अपनी पर्सनेलिटी के बारे में क्यों न सजग हों। फिर भी मेरा अनुमान है कि ज्यादातर अपने बारे में जानने लिए बहुत उत्सुक नहीं हैं। इसलिए वे अपने लिए ड्रेस को खोजने के लिए पर्याप्त उत्सुक नहीं हैं। गौरव कहते हैं, मेरी व्यक्तिगत शैली कभी भी बदल सकती है। एक पल वह नई होती है और अगले पल वह पुरानी हो जाती है। परिधान में उनका प्यार दो जड़ाऊ पिन में दिखाई दे रहा है, जो उनके किनारे को सजा रहा है- एक गोल-मटोल सुनहरी मछली और दूसरी तरफ मणि से सजा हुआ भौंरा। संक्षेप में कहें तो फैशन डिजाइनर का यह कहना एकदम सही है कि हम अपने लिए अपने हिसाब से कपड़े चुनें, जो हमारे व्यक्तित्व पर सकारात्मक असर डालें। सब पर सब कुछ फबता नहीं, इसलिए ऐसे परिधान चुनें, जो आप पर फबें। परिधान चुनते समय अपनी कद-काठी, रंग-रूप और देहयष्टि पर भी विचार करें। दूसरों की तरह नहीं, अपनी तरह दिखें।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App