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सेहतः बरसात में जो रोग सताएं

कभी तेज धूप, कभी उमस तो कभी झमाझम बरसात। बरसात का यह मौसम बड़ी उलझन वाला होता है। समझ नहीं आता कि घर से बाहर निकलें तो कैसे कपड़े पहनें, छाता रखें या नहीं?

Author September 2, 2018 6:58 AM
इस मौसम में वायरल तेजी से फैलता है। यह सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी जैसी बीमारियां एक साथ लेकर आता है।

कभी तेज धूप, कभी उमस तो कभी झमाझम बरसात। बरसात का यह मौसम बड़ी उलझन वाला होता है। समझ नहीं आता कि घर से बाहर निकलें तो कैसे कपड़े पहनें, छाता रखें या नहीं? यह मौसम केवल सवालों से जद्दोजहद का नहीं होता, बल्कि कई बीमारियां भी लेकर आता है। इस मौसम में वायरल तेजी से फैलता है। यह सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी जैसी बीमारियां एक साथ लेकर आता है। अगर इस मौसम में सेहत पर ध्यान नहीं दिया जाए तो छोटी-सी बीमारी भी गंभीर रूप ले लेती है। इस मौसम में इन बीमारियों से बचें:

बुखार

बरसात के मौसम में त्वचा पर पसीने से नमी बनी रहती है। इस नमी के कारण बुखार करने वाले बैक्टिरिया पनपते हैं। बुखार होने की एक वजह बरसात में भीगना भी है। इस बुखार में बदन टूटना, सिर में दर्द और आंखों में जलन जैसी परेशानियां होती हैं। अगर बुखार बार-बार आता है या लंबे समय तक बना रहता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

खांसी

मौसम बदलते ही अनेक तरह की बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है, जिनमें खांसी एक है। इस मौसम में एलर्जी कफ अधिक होता है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान (एम्स) में जनरल फिजिशियन रह चुके डॉक्टर शंकर के मुताबिक इस मौसम में जो खांसी होती है वह एलर्जी कफ होता है। अगर यह चार-पांच दिन तक चलती है, तो परेशानी नहीं है, लेकिन अगर दस दिन से ज्यादा बनी रहती है, तो डॉक्टर से संपर्क करें। इस खांसी से अस्थमा के रोगियों को ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

मच्छर काटने से बीमारी

इस मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने की वजह से मच्छर पनपने लगते हैं। ये मच्छर तरह-तरह की बीमारियां फैलाते हैं। डॉक्टर शंकर के मुताबिक इस मौसम में मच्छर के काटने की वजह से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसे रोग होते हैं। अगर समय पर इनके लक्षणों को नहीं पहचाना गया, तो परेशानी अधिक बढ़ सकती है।

दस्त, हैजा, डायरिया

गली, नुक्कड़ की खुली दुकानों पर बिकने वाली चीजें खाने और दूषित पानी पीने से दस्त, हैजा और डायरिया की समस्या होती है। डॉक्टर शंकर के मुताबिक इस मौसम में संक्रमण अधिक बढ़ जाता है, जिसकी वजह से आंतों में सूजन आ जाती है। इसी वजह से दस्त होते हैं। अगर आपको लगातार दस्त, उल्टी, सिर में दर्द आदि लक्ष्ण दिखाई दे रहे हैं, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

उपाय

  • जो बीमारियां दूषित पानी और दूषित खानपान से हो रही हैं, उनसे बचने का सीधा उपाय है कि बाहर के खाने से दूरी बनाएं। बारिश के मौसम में हवा में कई तरह के संक्रामक कीटाणु फैलने लगते हैं। उनसे बचने के लिए अगर जरूरी न हो तो घर से बाहर कम ही निकलें। जहां तक हो सके पानी उबाल कर या प्यूरीफाइड पानी ही पीएं। अगर दस्त, हैजा, डायरिया जैसे रोग गंभीर स्थिति में आ जाएं तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
  • पानी जमा होने के कारण मच्छर अधिक पैदा होने लगते हैं। जिस वजह से मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसे रोग होते हैं। इनसे बचने के लिए मच्छर मारने वाले उपकरणों, धुएं वाली कोएल्स और मच्छरदानी का प्रयोग करें। इसके अलावा घर से बाहर जब भी निकलें, पूरी बाजू के कपड़े पहन कर निकलें।
  • इस मौसम में डीहाइड्रेशन की समस्या भी अधिक बढ़ने लगती है। इसलिए तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें। डॉक्टर शंकर के मुताबिक डीहाइड्रेशन होने पर ओआरएस, नारियल पानी आदि का सेवन ज्यादा करें।
  • बरसाती मौसम में पाचन तंत्र का विशेष ध्यान रखना पड़ता है, क्योंकि इस मौसम में जमीन के नीचे छिपे कीड़े-मकोड़े बाहर आने लगते हैं और वे जीव सब्जियों में प्रवेश करते हैं, जिससे सब्जियां खराब हो सकती हैं। इस वजह से पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। बरसाती बीमारियों से बचने के लिए हल्का और गरम भोजन करें।

सावधानियां

  • जब भी खाना खाएं तो पहले हाथ जरूर धोएं।
  • घर में साफ-सफाई रखें।
  • अपने आसपास मच्छर पैदा न होने दें।
  • ज्यादा सिर दर्द या तेज बुखार होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
  • विटामिन सी का अधिक इस्तेमाल करें।
  • नहाने के बाद बाल सुखा लें, नहीं तो बालों में रूसी होगी और बाल झड़ने लगेंगे।

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