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अनिद्रा की समस्या- जब उड़ जाए रातों की नींद

स्वस्थ रहने के लिए संतुलित नींद बहुत आवश्यक है। नींद से न सिर्फ शारीरिक थकान मिटती है, बल्कि नींद में हमारा शरीर बहुत सारी विकृतियों को दूर करने का प्रयास करता है।

अनिद्रा की समस्या- जब उड़ जाए रातों की नींद

नींद के महत्त्व को इससे भी समझ सकते हैं कि अगर किसी को लंबे समय तक नींद न आए, तो व्यक्ति विक्षप्तता का शिकार हो सकता है, उसके सोचने-समझने, काम करने की क्षमता पूरी तरह समाप्त हो सकती है। इसलिए अनिद्रा को एक बीमारी माना जाता है और इसका बकायदा इलाज जरूरी होता है।

अनिद्रा को चिकित्सीय शब्दावली में इंसोमेनिया कहते हैं, जो नींद से जुड़ा एक विकार है। इससे ग्रसित व्यक्ति को सोने में दिक्कत आती है या वह पूरी तरह से सो नहीं पाता। अगर अनिद्रा ज्यादा दिनों तक हावी रह जाए, तो पीड़ित कई तरह की शारीरिक समस्याओं की चपेट में आ सकता है।

कारण
अनिद्रा के कई कारण हो सकते हैं। मसलन, हर रोज सोने का वक्त बदलना, सोने का सही वातावरण न मिल पाना, जगे रह कर बिस्तर पर ज्यादा देर तक समय बिताना, रात की पाली में काम करना, पर्याप्त व्यायाम न करना, सोने से पहले टीवी, लैपटाप या मोबाइल का उपयोग करना।

इनके अलावा, शराब का सेवन, धूम्रपान, पूरे दिन या सोने से पहले कैफीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन, सोने की दवाइयों का आदी होना, सर्दी-जुकाम या पोषण से संबंधित दवाइयां लेना आदि। कुछ शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्थितियों के कारण भी अनिद्रा की समस्या हो सकती है। मसलन, दुखी होना या अवसाद की स्थिति, चिंता या तनाव। कुछ शारीरिक परेशानियां भी इसका कारण हो सकती हैं।

उपचार
हालांकि अनिद्रा एक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी जरूर है, पर इसका कोई अचूक चिकित्सीय निदान नहीं है। इससे काफी हद तक अपनी दिनचर्या और मानसिक स्थितियों में बदलाव करके पार पाया जा सकता है।

इसके लिए कुछ घरेलू नुस्खे अपनाए जा सकते हैं, जिससे नींद भरपूर ली जा सकती है। पहली बात तो यह कि अपने सोने का समय निर्धारित करें। उस वक्त टीवी, मोबाइल आदि का बिल्कुल उपयोग न करें। मोबाइल के उपयोग को लेकर अनेक अध्ययनों से स्पष्ट है कि इससे नींद बहुत तेजी से कम होती है और मानसिक बेचैनी बढ़ती है। सोने से कम से कम एक घंटा पहले भोजन अवश्य कर लें।

रात का भोजन हल्का ही रखें। चाहें तो धीमी आवाज में कोई यांत्रिक संगीत यानी इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक लगा सकते हैं। आजकल स्नायु तंत्र को शिथिल करने वाले अनेक संगीत उपलब्ध हैं, सोने से पहले उन्हें सुना जा सकता है। बिस्तर पर जाएं, तो अनावश्यक बातों को दिमाग से बाहर निकालने का प्रयास करें, कुछ सकारात्मक चिंतन करें।

बेहतर है कि आप अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें और शरीर को शिथिल छोड़ दें। सांसों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू में थोड़ा कठिन होगा, पर अभ्यास करने से यह संभव है। इस तरह दिमागी उथल-पुथल शांत होती और नींद जल्दी आ जाती है।

इसके अलावा, सोने से पहले पुदीने की चाय, कीवी फल, शहद और गुनगुना दूध, खजूर मिला दूध, जायफल या हल्दी मिला दूध ले सकते हैं। इससे नींद अच्छी आती है। भोजन से पहले गर्म पानी से स्नान करने, सोने से पहले पैरों के तलवों सरसों तेल की मालिश आदि भी स्नायुतंत्र को शिथिल करते हैं और अच्छी नींद आ जाती है।

नियमित व्यायाम, योग और ध्यान से अनिद्रा की समस्या सदा के लिए दूर हो सकती है। इसलिए रोज इसके लिए एक घंटा समय जरूर निकालना चाहिए। सोने से पहले की भी कई योग क्रियाएं हैं, उन्हें सोने से पहले करें, तो बेहतर नतीजे मिलते हैं। इसके अलावा सबसे जरूरी है कि अपनी जीवन-शैली में बदलाव करें। सोने और उठने का समय निर्धारित करें।

शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से बचें या उनकी मात्रा कम कर दें। दिन के वक्त न सोएं। सोने से पहले काफी आदि कैफीन युक्त पदार्थों का सेवन करने से बचें। अगर नींद न आए, तो कोई किताब पढ़ें। ऐसा करने से जल्दी नींद आ सकती है। रात को ज्यादा भारी या तैलीय खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें। सोने वाले कमरे में ज्यादा रोशनी और शोर न हो। हफ्ते में कम से कम एक दिन शरीर की मालिश कराएं। खुश रहने का प्रयास करें।

(यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। उपचार या स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए विशेषज्ञ की मदद लें।)

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First published on: 25-09-2022 at 04:09:00 am
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