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बाखबर: कैसे कैसे मनोहर दृश्य!

इस बीच कैमरों ने दिखाया कि राहुल देखते रहे अपने मोबाइल को पूरे चौबीस मिनट और जब औपचारिकता में मम्मी सोनिया ने मेज थपथपाई तो राहुल ने हाथ के इशारे से बरजा कि न बजाएं मेज!

Author June 23, 2019 4:15 AM
यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी।

अंत में वह शुभ दिवस आया, जिस दिवस कलियुग में धर्मयुग का ‘लाइव लाइव’ अवतरण हुआ।
अधिकतर देवगण जपने लगे : जय श्रीराम! जय श्रीराम! जय श्रीराम!
कैसे कैसे मनोहर दृश्य दिखे कि जीवन धन्य हो गया। कलियुग में कृतयुग का आनंद आ गया!
सबका कल्याण हुआ। इतने दिन बाद रामराज्य आया। ‘दैहिक दैविक भौतिक तापा’ किसी को नहीं ब्यापा, लेकिन ब्यापा तो मुजफ्फरपुर के बीमार बच्चों को ब्यापा कि वे न कह सके, न सुन सके जय श्रीराम और सीधे स्वर्ग सिधार गए।
जय श्रीराम का जादू ऐसा चला कि सबकी धार्मिक भावनाएं जाग कर संसद में धार्मिक नारे लगाने लगीं।
ओवैसी बोले : जय भीम, जय मीम तकबीर, अल्लाहो अकबर।
एक बोले जय काली, जय हिंद। दूसरे बोले इंकलाब जिंदाबाद।

एक ने कहा भारत माता की जय। वंदे मातरम्, तो दूसरे ने कहा हर हर महादेव!
धर्म आकर संसद में बिराज गया। सभी धर्मभाव से भर कर भद-भद मेजें बजाते रहे।
शाम तक बहसीले लोग बहसों में व्यस्त हो गए कि पंथनिरपेक्ष संसद के नए शपथ समारोह में क्यों गूंजा ‘जय श्रीराम’?
कुछ बोले कि इंग्लैंड की संसद में हर बात पर ‘जीसस’ ‘जीसस’ होता है, अगर अपने यहां कुछ ‘जय श्रीराम’ हो गया तो क्या गुनाह? हमारे लिए तो ‘अल्लाहो अकबर’ भी है ‘जय श्रीराम’!
इधर धर्म बरसता रहा, उधर मुजफ्फरपुर के अस्पताल में बच्चे पट-पट कर मरते रहे। खबर चैनलों के रिपोर्टर और एंकर चीखते रहे कि यह क्या हो रहा है, दवाई कहां है, डाक्टर कहां है? कि मुख्यमंत्री क्यों कुछ नहीं कर रहे?
इसी बीच यूपी सरकार ने कहा कि विश्वविद्यालयों और विद्यालयों को स्वच्छ किया जाएगा! अब कहीं भी ‘टुकड़े टुकड़े गैंग’ टुकड़े टुकड़े नहीं कर पाएगा! न कोई राष्ट्र-विरोधी गतिविधि कर सकेगा। सबको शपथ लेनी होगी कि वे कभी भी किसी भी राष्ट्र-विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे।
लेकिन इतने ‘जय श्रीराम’ के बावजूद दिमागी बुखार के शिकार बच्चों ने मुजफ्फरपुर के सबसे बड़े अस्पताल में मरना न छोड़ा!
ये दिमागी बुखार क्या होता है और क्यों होता है!
एक एंकर को क्रांति का दौरा पड़ गया और वह नेताओं को कोसने लगा कि नेता खाएं डेढ़ हजार की थाली और बच्चों का पेट रहे खाली! बजाओ ताली! बच्चों को पोषक आहार कब मिलेगा?

संसद में राष्ट्रपति जी का सुदीर्घ भाषण हुआ। पांच साल का सरकार का ‘रोड-मैप’ दिया कि भारत बनेगा पांच अरब डॉलर की महान अर्थव्यस्था!
सभी देवगण राष्ट्रपति के भाषण को ध्यान से सुनते रहे। कुछ आपस में बातें करते रहे। कुछ इधर उधर देखते रहे! बालाकोट स्ट्राइक का जिक्र जब आया, सबसे अधिक देर तक मेजें बजती रहीं!
इस बीच कैमरों ने दिखाया कि राहुल देखते रहे अपने मोबाइल को पूरे चौबीस मिनट और जब औपचारिकता में मम्मी सोनिया ने मेज थपथपाई तो राहुल ने हाथ के इशारे से बरजा कि न बजाएं मेज!
राहुल-ठोकू एंकरों को मौका मिल गया राहुल को ठोकने का कि यह कैसा ससंदीय शिष्टाचार था कि मम्मी को टोका!
एक चैनल की बहस में एक राहुल भक्त ने राहुल को यह कह कर बचाया कि वे तो अपनी बीमार मां का हाल पूछ रहे थे!
है न कमाल की व्याख्या!

लेकिन ठीक अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कलियुग इस बार राहुल के ट्वीट में आ बिराजा और जो काम दिव्या स्पंदना जी का हुआ करता था, उसे शायद राहुल ने ही पूरा कर दिया। सेना के कुत्तों के योगाभ्यास के चित्र को ट्वीट कर लिख दिया- ‘नया भारत’ अर्थात कटाक्ष किया कि यह नया भारत है!
एक भक्त एंकर को लगा कि यह तो ‘नए भारत’ की तौहीन की जा रही है, इसलिए उसने एक ‘प्रो-पैनलिस्ट’ से राहुल के इस ‘कुत्ता-ट्वीट’ का मतलब पूछा, तो उसने जिस अंग्रेजी में इस ‘कुत्ता-ट्वीट’ को अर्थाया उसे न लिखा और सुना जाए सो ही बेहतर, क्योंकि उसके बाद बहस में ऐसा कुत्ता-कुत्ता हुआ कि एंकर को कुत्तार्थ करने वाले का माइक खामोश करना पड़ा!

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