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बाखबरः आह कोलकाता!

माफी-माफी के खेल की लंबी बोरियत से बचाया जम्मू-कश्मीर की सरकार से भाजपा के निकल आने ने। यह अचानक इतनी बड़ी खबर बनी कि नौ दिन से छाई केजरीवाल की खबर टीवी से तिरोहित हो गई। उधर अवसर देख केजरी भी पतली गली से निकल लिए!

Author June 24, 2018 04:40 am
अगले रोज यही ‘लिंच लीला’ ‘रोड-रेज’ लीला में बदली जाने लगती है : असली कहानी यह थी कि वह माटरसाइकिल से टकराया था। मोटरसइकिल वालों को गुस्सा आया था।

दिग्विजय के लिए राहुल माफी मांगें। कश्मीर के लिए राहुल माफी मांगें। तूतीकोरिन के लिए राहुल माफी मांगें। शुजात की हत्या के लिए राहुल माफी मांगें। शहीद औरंगजेब के लिए राहुल माफी मांगें। केजरीवाल के लिए आप माफी मांगे। केजरीवाल सोफे से माफी मांगें! सोफा केजरीवाल को सॉरी बोले! भूख हड़ताल भूख से माफी मांगे। माफी-माफी के इस खेल की लंबी बोरियत से बचाया जम्मू-कश्मीर की सरकार से भाजपा के निकल आने ने। यह अचानक इतनी बड़ी खबर बनी कि नौ दिन से छाई केजरीवाल की खबर टीवी से तिरोहित हो गई। उधर अवसर देख केजरी भी पतली गली से निकल लिए!

जम्मू-कश्मीर की पीडीपी-भाजपा की संयुक्त सरकार के गिरने और राज्यपाल शासन की कहानी छानी ही थी। महबूबा ने कहा कि कश्मीर में ‘मसल पॉलिटक्स’ नहीं चल सकती, लेकिन अगले ही रोज कई चैनल एनएसजी की ड्रिल दिखाने लगे कि अब ये खत्म करेंगे आतंकवाद को! यानी वही ‘मसल पॉलिटक्स!’ बहुत दिन एक चैनल पर हुई कश्मीर चर्चा में बरखा दत्त दिखीं। कई कश्मीर विशेषज्ञ कहते रहे कि राज्यपाल के पास कौन ऐसा जादू है कि समस्या हल हो जाएगी! इसी बीच लंकेश का हत्यारा चैनलों में दिखा। वह विनम्रता से बोलता था कि मैंने मारा। एक के कहने से मारा। किसे मारना था? मुझे नहीं मालूम, लेकिन मैंने मारा। चार गोली सीने में उतार दी। मोटरसाइिकल पर भाग लिया। इसमें कुल तेरह हजार रुपए का खर्च आया।

इस वीरत्व व्यंजक मुद्रा को देख युवा मोर्चा की एक नेता मंचलेश्वरी कह उठीं कि हर घर में चाहिए एक परशुराम बाघमारे। और मुझे इस बयान पर माफी नहीं मांगनी। हाय हाय! ये कह रही हैं आप? ऐसा भी कहीं बोला जाता है और वह भी सरेआम!देखा हम न कहते थे कि हत्यारे हैं ये लोग? अच्छा अपने हत्याकांड भूल गए? कर्नाटक में संघ के चौबीस लोगों की हत्या की गई? अरे कुछ शर्म करो! हम क्यों शर्म करें, तुम करो! सब एक-दूसरे को शर्मसार करने के लिए चीखने लगे!
अब गौरी लंकेश मांगें बाघमारे से माफी! मुथालिक से मांगें माफी! हम सब मांगे माफी!

जहां हापुड़ की पिलखुवा नगर पालिका सबका हाथ जोड़ कर स्वागत कर रही थी, वहीं कई चैनल इस स्वागत करने वाली जगह के एक खेत से बता रहे थे कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो देखो : इतना मारा है यानी अब उसे छोड़ दो। दूसरी आवाज कहती है : बछड़ा काटता है… ये कसाई है… बुरी तरह घायल कर दिया गया वह ईख के खेत में पड़ा हुआ, एक पल के लिए उठता है, पानी मांगता है और फिर लुढ़क जाता है। लोग घेर कर खड़े रहते हैं। वीडियो बनाते रहते हैं, ताकि अपनी वीरता की पिक्चर दुनिया को दिखा सकें, ताकि सब डरें!

अगले रोज यही ‘लिंच लीला’ ‘रोड-रेज’ लीला में बदली जाने लगती है : असली कहानी यह थी कि वह माटरसाइकिल से टकराया था। मोटरसइकिल वालों को गुस्सा आया था। सिर्फ बहाने के लिए गोकशी की बात जोड़ी गई है। हमें तो पहले से ही लग रहा था कि सारा कसूर मृतक का था! बताइए, वह मोटरसाइकिल से क्यों टकराया? मोटरसाइकिल को जो चोट लगी उसका क्या? अगर रोड पर जिस-तिस से टकराते फिरोगे, तो ऐसा रोडरेज तो होगा ही! यानी गोकशी के कारण लिंच करने की कहानी गलत थी, फेक थी! घायल तो बेचारी मोटरसाइकिल हुई थी। कौन कहता है ये ‘हेट क्राइम’ है? यह तो ‘लव स्टोरी’ है ‘लाठी लीला’ है। अब कासिम खेल न पाया तो कोई क्या करे?

चार दिन बाद पुलिस कासिम की लाश को घसीट कर ले जाती दिखी!

अब तो तसल्ली है?

एक ग्राहक ने एयरटेल के मैनेजर को कहा कि एयरटेल का व्यक्ति मुसलमान है और वह उससे बात नहीं करना चाहती। फरियाद सुनते ही एयरटेल ने उसकी जगह दूसरा आदमी रख दिया! यह खबर भी हर बड़े हिंदी चैनल पर बजती रही।

देखा, बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी किस कदर सेक्युलर हो जाती हैं अपने यहां?

लखनऊ पासपोर्ट के एक अफसर पर एक युवती ने आरोप लगाया कि अफसर ने धार्मिक आधार पर उनको परेशान किया और पासपोर्ट के लिए मना कर दिया। कई चैनलों ने बताया कि पासपोर्ट अफसर ने नियमानुसार काम किया है कि कायदे से निकाहनामे में और पासपोर्ट के नाम एक जैसे होने चाहिए!

खबर का दबाव बना। अफसर का तबादला कर दिया गया और शाम तक पासपोर्ट बन कर आ गया! है न कमाल की बात! लेकिन यह मालूम न हुआ कि युवती की शिकायत गलत थी या अफसर सही था?

ओह कोलकाता!

पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता खबर बना चुके थे कि एक-एक का एनकाउंटर करेंगे। बम से उड़ा देंगे। एक अंग्रेजी एंकर ने पूछा कि आप टीवी पर एनकाउंटर की धमकी दे रहे हैं, तो वे बोले- ‘हां जानता हूं’। यूपी में हमारी सरकार एनकाउंटर कर रही है न!महाभारत में भी तो ऐसा ही हुआ था! इस व्यवस्था को हटाने का एक ही रास्ता है, वो है एनकाउंटर! ममता बनर्जी मांगें माफी!

योग दिवस पर एक सौ सत्रह देशों ने योग किया। पीएम ने, गृहमंत्री और मंत्रियों ने योगाभ्यास किया, लेकिन रामदेव का योग सबसे उत्तम दिखा। एक ही वक्त में उन्होंने डेढ़ लाख लोगों से योग कराया।

वियोन चैनल ने बताया कि ‘योगा’ का मूल्य आज अस्सी ‘बिलियन’ है और आज पांच लाख ‘योगा टीचरों’ की जरूरत है!

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