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बाखबर- दलित विमर्श का जलवा

कई चरचाकार रामनाथ की जीत के प्रति इतने आश्वस्त दिखते हैं कि उनको ‘केंडीडेट’ की जगह सीधे नए ‘राष्ट्रपति’ बोल देते हैं!

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद से मुलाकात करते पीएम नरेंद्र मोदी। तस्वीर प्रधानमंत्री ने ट्वीट की है।

टाइम्स नाउ घोषणा करता है: टाइम्स नाउ अपने चैनल पर एंटी इडिया प्रोपेगेंडा नहीं दिखाएगा…कुछ चैनल पाक प्रोपेगेंडा दिखाते हैं। टाइम्स नाउ लश्कर को ब्लैक लिस्ट करता है। कल तक इधर भी पाकिस्तानी जनरल बैठ कर जमकर गाली दिया करते थे, अब तौबा क्यों? लगता है रिपब्लिक की राह नहीं चलना है। लगता है अर्णब के भूत को उतारना है, लेकिन आपके तीन बडेÞ एंकर तो अब भी अर्णब वाले क्रोध की ही नकल करते हैं!उसको कब बदलोगे? किसी शहादत और त्रासदी को अपनी स्टूडियो छाप देशभक्ति का मसाला कैसे बनाया जाता है यह देखना हो तो टाइम्स नाउ को देखें: टाइम्स नाउ के आनंद शिवश्ांकर मोहम्मद अयूब पंडित के भीड़ द्वारा मार दिए जाने पर उत्तेजित होकर जान दयाल को लाइन पर लेकर सवाल दागे: क्या आप अब शांतिवादियों के लिए माफी मांगेंगे जो अब भी उनसे बात करने के लिए कहते हैं!

जान दयाल: जो शहीद हुआ उसे शर्मिंदा न करें। शांति बहाली की सोचें।
आनंद: ये शांतिवादी हैं, इनको समझना होगा कि जो संवाद नहीं चाहते उनसे करने को कहते हैं। जनरल बक्षी, आप कुछ कहना चाहेंगे। उसके बाद चरचा देखने की किसमें हिम्मत थी?
एक चैनल ने महबूबा को बोलते दिखाया: वो यानी डीएसपी मोहम्मद अयूब पंडित तो आपकी सिक्यूरिटी के लिए ड्यूटी पर था…अगर इनके (पुलिस के) सब्र का बांध टूट गया तो क्या होगा? क्या कहना चाहती हैं मैडम?
यही नहीं, दो सैनिक एलओसी पर पाक ने मारे हैं, इंडिया टुडे बता गया है कि अभी ये कहानी भी आनी है!
एक दिन खबर ब्रेक होती है कि भाजपा संसदीय बोर्ड की मीटिंग चल रही है, राष्ट्रपति पद के लिए नाम पर विचार चल रहा है। शाम को अमित शाह प्रेस को संबोधित करते हैं: श्री रामनाथ कोविंद जी राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी होंगे…वे दलित हैं… संघ कार्यकर्ता रहे हैं… वकील रहे हैं… निष्ठावान हैं… अपने आप बने हैं… राज्यपाल के रूप में निर्विवाद रहे हैं…
चैनल चौंके। लाइनें मारीं-
मास्टर स्ट्रोक!
रामनाथ कोविंद नामित
कौन बनेगा राष्ट्रपति?
रेस टू रायसीना हिल?
विपक्ष में दो फाड़
नीतीश का झटका। कोविंद जी को समर्थन देंगे। लालू का संभालना। नहीं, हम उनसे अपील करेंगे। पवन वर्मा का संभालना कि बिहार का महागठबंधन बिहार तक सीमित है। उस पर असर नहीं होगा। यह समर्थन सिर्फ ‘वक्ती’ है! चैनल प्रसन्न। नीतीश के हटते ही ‘महागठबंधन’ ‘गठबंधन’ हो गया! क्या राष्ट्रपति के चुनाव में चैनल भी दांव लगाए हैं?

गठबंधन के सत्रह दलों की बैठक हो रही है, पूरे दिन होती रहती है, शाम को मीरा कुमार का नाम दिया जाता है कि वे राष्ट्रपति पद का चुनाव लडेंÞगी। तुरत भाजपा के नरसिंह राव कहते हैं: मीरा कुमार को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
कई चरचाकार रामनाथ की जीत के प्रति इतने आश्वस्त दिखते हैं कि उनको ‘केंडीडेट’ की जगह सीधे नए ‘राष्ट्रपति’ बोल देते हैं!नामित होने पर मीरा जी धन्यवाद देती हैं, कहती हैं कि यह मूल्यों की लड़ाई है। एक हारी हुई लड़ाई लड़ना बड़ी हिम्मत का काम है। शाबाश मीरा जी!शुक्र की सुबह से चैनल लगे हैं कि आज रामनाथ कोविंद जी परचा भरने वाले हैं, वहां पीएम होंगे, अमित शाह होंगे, बीस सीएम होंगे, यानी ताकत का फुल शो! लाइव कवरेज देखें।कि इतने में भीड़ द्वारा अयूब पंडित की नृशंस हत्या राष्ट्रपति की कहानी को टेकओवर कर लेती है।
एक चैनल पर सीएम योगी जी उवाच रहे हैं: गरीब परिवार का व्यक्ति है, उनको माननीय मोदी जी ने प्रत्याशी बनाया है, यह जातीय राजनीति नहीं है! जब जीते हुए हैं तब ये कनवैसिंग कैसी?

फिर भी बहसें जारी हैं: दलित बरक्स दलित हो रहा है। ये मेरा दलित है ये तेरा दलित है। एक बहस में केसी त्यागी उल्लसित होकर कह उठते हैं कि मुझे खुशी है कि अच्छी बात है कि अब राजनीति के बडेÞ दरवाजे पर दलित दस्तक देने लगे हैं।
योग दिवस! कई दिन पहले से ही चैनल योगमय होगए। टू मिनट नूडल छाप योग तो कई चैनल देने लगे। और योग दिवस पर तो सब साष्टांग आसन में आ गए। इस सुबह कोई ताड़ आसन में लीन था तो कोई उष्ट्रासन में उष्ट्र बना था! मुबारक हो! उम्मीद है अब चैनलों के एंकर मनसा कुछ संतुलित हो जाएंगे और इतनी चीख-पुकार न मचाएंगे जितनी मचाते हैं।
सबसे सुंदर दृश्य मोदी जी के ही थे। नीले कालर वाली सफेद बढ़िया टीशर्ट, चेहरे पर परम संतोष का भाव, चुस्त चाल! बच्चों के बीच तरह-तरह के आसन करते हुए। लेकिन कैमरावर्क एकदम धेले का था। वह अधिकतर समय मंच पर आसनों की घोषणा करने वालों को ही दिखाता रहा! मोदी पर कम गया! क्लोज अप भी बहुत साफ नहीं थे और इसकी वजह बरसात नहीं थी। दूसरे योगी सीन गुजरात से आते थे। यहां सवा लाख लोग एक साथ योग करके गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकाडर््स में जा रहे थे, न जाने कितने रिकार्ड तो इस दिन तोडेÞ गए। सबसे मजेदार सीन रामदेव के एक जगह खडेÞ होकर दौड़ने के और अमित शाह तथा मंत्रियों को दौड़वाने के थे। बाबा तो जोर-जोर से कूदते दिखते थे लेकिन अमित शाह क्या करते? यह कंट्रास्ट आनंददायक था!

अब जीएसटी की कहानी चैनलों में दस्तक दे रही है। अमिताभ बच्चन जीएसटी के ब्रांड एंबेसेडर बन रहे हैं। इस पर कांग्रेस के संजय निरुपम ने एतराज किया और उपहासास्पद। अरे भाई! अमिताभ सबसे बडेÞ अभिनेता हैं। सबसे ज्यादा विज्ञापन करते हैं। जब स्वच्छ भारत के विज्ञापन कर सकते हैं, तो जीएसटी के क्यों नहीं?

टाइम्स नाउ घोषणा करता है: टाइम्स नाउ अपने चैनल पर एंटी इडिया प्रोपेगेंडा नहीं दिखाएगा…कुछ चैनल पाक प्रोपेगेंडा दिखाते हैं। टाइम्स नाउ लश्कर को ब्लैक लिस्ट करता है।
कल तक इधर भी पाकिस्तानी जनरल बैठ कर जमकर गाली दिया करते थे, अब तौबा क्यों? लगता है रिपब्लिक की राह नहीं चलना है। लगता है अर्णब के भूत को उतारना है, लेकिन आपके तीन बडेÞ एंकर तो अब भी अर्णब वाले क्रोध की ही नकल करते हैं!उसको कब बदलोगे?

किसी शहादत और त्रासदी को अपनी स्टूडियो छाप देशभक्ति का मसाला कैसे बनाया जाता है यह देखना हो तो टाइम्स नाउ को देखें: टाइम्स नाउ के आनंद शिवश्ांकर मोहम्मद अयूब पंडित के भीड़ द्वारा मार दिए जाने पर उत्तेजित होकर जान दयाल को लाइन पर लेकर सवाल दागे: क्या आप अब शांतिवादियों के लिए माफी मांगेंगे जो अब भी उनसे बात करने के लिए कहते हैं!
जान दयाल: जो शहीद हुआ उसे शर्मिंदा न करें। शांति बहाली की सोचें।
आनंद: ये शांतिवादी हैं, इनको समझना होगा कि जो संवाद नहीं चाहते उनसे करने को कहते हैं। जनरल बक्षी, आप कुछ कहना चाहेंगे। उसके बाद चरचा देखने की किसमें हिम्मत थी?

एक चैनल ने महबूबा को बोलते दिखाया: वो यानी डीएसपी मोहम्मद अयूब पंडित तो आपकी सिक्यूरिटी के लिए ड्यूटी पर था…अगर इनके (पुलिस के) सब्र का बांध टूट गया तो क्या होगा? क्या कहना चाहती हैं मैडम?
यही नहीं, दो सैनिक एलओसी पर पाक ने मारे हैं, इंडिया टुडे बता गया है कि अभी ये कहानी भी आनी है!
एक दिन खबर ब्रेक होती है कि भाजपा संसदीय बोर्ड की मीटिंग चल रही है, राष्ट्रपति पद के लिए नाम पर विचार चल रहा है। शाम को अमित शाह प्रेस को संबोधित करते हैं: श्री रामनाथ कोविंद जी राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी होंगे…वे दलित हैं… संघ कार्यकर्ता रहे हैं… वकील रहे हैं… निष्ठावान हैं… अपने आप बने हैं… राज्यपाल के रूप में निर्विवाद रहे हैं…
चैनल चौंके। लाइनें मारीं-
मास्टर स्ट्रोक!
रामनाथ कोविंद नामित
कौन बनेगा राष्ट्रपति?
रेस टू रायसीना हिल?
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नीतीश का झटका। कोविंद जी को समर्थन देंगे। लालू का संभालना। नहीं, हम उनसे अपील करेंगे। पवन वर्मा का संभालना कि बिहार का महागठबंधन बिहार तक सीमित है। उस पर असर नहीं होगा। यह समर्थन सिर्फ ‘वक्ती’ है! चैनल प्रसन्न। नीतीश के हटते ही ‘महागठबंधन’ ‘गठबंधन’ हो गया! क्या राष्ट्रपति के चुनाव में चैनल भी दांव लगाए हैं?
गठबंधन के सत्रह दलों की बैठक हो रही है, पूरे दिन होती रहती है, शाम को मीरा कुमार का नाम दिया जाता है कि वे राष्ट्रपति पद का चुनाव लडेंÞगी। तुरत भाजपा के नरसिंह राव कहते हैं: मीरा कुमार को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
कई चरचाकार रामनाथ की जीत के प्रति इतने आश्वस्त दिखते हैं कि उनको ‘केंडीडेट’ की जगह सीधे नए ‘राष्ट्रपति’ बोल देते हैं!नामित होने पर मीरा जी धन्यवाद देती हैं, कहती हैं कि यह मूल्यों की लड़ाई है। एक हारी हुई लड़ाई लड़ना बड़ी हिम्मत का काम है। शाबाश मीरा जी!शुक्र की सुबह से चैनल लगे हैं कि आज रामनाथ कोविंद जी परचा भरने वाले हैं, वहां पीएम होंगे, अमित शाह होंगे, बीस सीएम होंगे, यानी ताकत का फुल शो! लाइव कवरेज देखें।कि इतने में भीड़ द्वारा अयूब पंडित की नृशंस हत्या राष्ट्रपति की कहानी को टेकओवर कर लेती है।
एक चैनल पर सीएम योगी जी उवाच रहे हैं: गरीब परिवार का व्यक्ति है, उनको माननीय मोदी जी ने प्रत्याशी बनाया है, यह जातीय राजनीति नहीं है! जब जीते हुए हैं तब ये कनवैसिंग कैसी?

फिर भी बहसें जारी हैं: दलित बरक्स दलित हो रहा है। ये मेरा दलित है ये तेरा दलित है। एक बहस में केसी त्यागी उल्लसित होकर कह उठते हैं कि मुझे खुशी है कि अच्छी बात है कि अब राजनीति के बडेÞ दरवाजे पर दलित दस्तक देने लगे हैं।
योग दिवस! कई दिन पहले से ही चैनल योगमय होगए। टू मिनट नूडल छाप योग तो कई चैनल देने लगे। और योग दिवस पर तो सब साष्टांग आसन में आ गए। इस सुबह कोई ताड़ आसन में लीन था तो कोई उष्ट्रासन में उष्ट्र बना था! मुबारक हो! उम्मीद है अब चैनलों के एंकर मनसा कुछ संतुलित हो जाएंगे और इतनी चीख-पुकार न मचाएंगे जितनी मचाते हैं।
सबसे सुंदर दृश्य मोदी जी के ही थे। नीले कालर वाली सफेद बढ़िया टीशर्ट, चेहरे पर परम संतोष का भाव, चुस्त चाल! बच्चों के बीच तरह-तरह के आसन करते हुए। लेकिन कैमरावर्क एकदम धेले का था। वह अधिकतर समय मंच पर आसनों की घोषणा करने वालों को ही दिखाता रहा! मोदी पर कम गया! क्लोज अप भी बहुत साफ नहीं थे और इसकी वजह बरसात नहीं थी। दूसरे योगी सीन गुजरात से आते थे। यहां सवा लाख लोग एक साथ योग करके गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकाडर््स में जा रहे थे, न जाने कितने रिकार्ड तो इस दिन तोडेÞ गए। सबसे मजेदार सीन रामदेव के एक जगह खडेÞ होकर दौड़ने के और अमित शाह तथा मंत्रियों को दौड़वाने के थे। बाबा तो जोर-जोर से कूदते दिखते थे लेकिन अमित शाह क्या करते? यह कंट्रास्ट आनंददायक था! अब जीएसटी की कहानी चैनलों में दस्तक दे रही है। अमिताभ बच्चन जीएसटी के ब्रांड एंबेसेडर बन रहे हैं। इस पर कांग्रेस के संजय निरुपम ने एतराज किया और उपहासास्पद। अरे भाई! अमिताभ सबसे बडेÞ अभिनेता हैं। सबसे ज्यादा विज्ञापन करते हैं। जब स्वच्छ भारत के विज्ञापन कर सकते हैं, तो जीएसटी के क्यों नहीं?

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