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बाखबरः शादी मुबारकां मेढक-मेढकी!

एक निंदक भाजपा प्रवक्ता जी से कहने लगा कि सर जी आप नव-दंपति मेढक जी और मेढकी जी के नाम तो बता दीजिए! सास ससुर के नाम और पते-वते भी दे दीजिए। कार्ड छपा होगा! उसे भी दिखा दीजिए। हम भी उनको मुबारकबाद दे आएं!

Author July 1, 2018 4:01 AM
डॉक्टर भी तो कहता है ‘गॉड विल हेल्प यू’। इसी तरह मेढक-मेढकी विल हेल्प बारिश!

अपने ज्ञानचक्षु खोलने के लिए उस अंग्रेजी एंकर का आभार कि जिसने एक शाम प्राइम टाइम में दहाड़ते हुए ‘लेफ्ट’ को कान के मैल की तरह निकाल कर हमेशा के लिए बाहर करते हुए कहा : मैं कहूंगा कि इस सृष्टि में या तो ‘दक्षिणपंथी’ (राइटिस्ट) बचे हैं या ‘दक्षिपंथ विरोधी’ (एंटी राइटिस्ट) हैं, ‘वामपंथी’ (लेफ्टिस्ट) कहीं नहीं हैं…अपने दार्इं तरफ दो ‘दक्षिणपंथी’ बिठाए और बार्इं तरफ दो ‘दक्षिणपंथ विरोधी’ बिठाए। वह खुद आधा दक्षिणपंथी, आधा दक्षिणपंथ विरोधी हो गया। वह कभी दाएं देखता था और फिर बाएं देखता था।

इस बीच यूपी के सीएम ने एक शिकायत दर्ज की कि जब बीएचयू में दलितों के लिए आरक्षण हो सकता है तो एएमयू और जामिया में क्यों नहीं हो सकता? एएमयू वाला बोला कि मामला अदालत के अधीन है। शायद इस वजह से बात दब गई, वरना एएमयू में नए दलित विमर्श के दर्शन होते। इस बीच भाजपा के एक नेता पर जैसे ही आपातकाल का ‘पश्चात प्रभाव’ हुआ वैसे ही उनको इंदिरा में हिटलर के दर्शन हो गए। इसके बाद तो हर चैनल हिटलर हिटलर होने लगा। ये कहें कि वो हिटलर और वो कहें कि ये हिटलर! देखते-देखते दो-दो हिटलर मैदान में थे। हम तो एकदम ‘कानफ्यूज’ हो गए! ताली बजाएं तो किस पर? उनका हिटलर बढ़िया कि इनके वाला बढ़िया!

‘कान्फयूजन’ दूर किया भाजपा के एक प्रवक्ता ने कि एक बार हिटलर को एक फिल्म दिखाई गई, जिसका नाम था ‘ट्रायंफ आफ द विल’। फिल्म के बाद हिटलर के मंत्री रुडोल्फ हैस ने नारा दिया- ‘हिटलर इज जर्मनी, जर्मनी इज हिटलर’! इसी तरह एक कांग्रेसी नेता ने आपातकाल में नारा दिया था : ‘इंदिरा इज इंडिया, इंडिया इज इंदिरा’!… कांग्रेस नाजीवादी पार्टी है। वह घृणा की राजनीति करती है। उफ! एक बार फिर से हापुड़ वाली लिंच-लीला का वीडियो चैनलों में आया। एक चैनल ने दिखाया कि साठ-पैंसठ साल के एक मुसलमान को कुछ लोग तमाचे लगा रहे हैं और फिर उसकी दाढ़ी को खींचने लगते हैं, क्योंकि उस पर शक था कि वह गोकशी करने वाला है।

हमें तो डर है कि इन छोटे-छोटे हिटलरों को भी किसी दिन कांग्रेसी ही न बता दिया जाय! इस बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को एक से एक दक्षिणपंथी ‘ट्रोल-सेनाओं’ के हिटलरी ट्रोल झेलने पड़े। एक ने अंग्रेजी में इस आशय का ट्रोल लिखा : पासपोर्ट अफसर का तबादला किया गया। कारण रही सुषमा की इस्लामी किडनी! दूसरे ने लिखा : वीजामाता सपोर्ट्स पाकिस्तान! अरे, डायन भी सात घर छोड़ती है। लेकिन ये ‘दंक्षिणपंथी फ्रैंकस्टीन’ किसी को नहीं छोड़ते। ‘इंडिया टुडे’ के एंकर ने एक लाइन में समेटा : आपके ही बनाए राक्षस आपको खाने दौड़ रहे हैं!

ऐसे हिटलरी माहौल में एक अंग्रेजी चैनल में अरुण शौरी ने ‘फर्जीकल स्ट्राइक’ की दुखती रग को ज्यों ही छेड़ा, त्यों ही नंबर वन के लिए होड़ मचाने वाले दो अंग्रेजी चैनल कांग्रेस और वामपंथ पर पिल पड़े कि सर्जीकल को फर्जीकल कहने के लिए राहुल मांगें माफी। लिबरल मांगें माफी! जब माफी नहीं आई तो एक चैनल ने ताल ठोंकी कि उसको मिला है सर्जीकल स्ट्राइक का असली वीडियो। ये देखो। ये मारा। वो मारा। यहां मारा। वहां मारा। ये तोप चली। वो गोला गिरा। एक से एक युद्ध विशेषज्ञ इस तरह बताते थे मानो खुद ही चला के आए हों। इतनी गोलाबारी के बीच भी कांग्रेस का एक नेता अपनी बात पर अड़ा रहा : सर्जीकल फर्जीकल और पीएम भी फर्जीकल!

यह बात कुछ हजम नहीं होती सर जी! सर्जीकल को फर्जीकल कह लें, लेकिन आप हमारे पीएम को फर्जीकल नहीं कह सकते! सर्जीकल फर्जीकल के इस दौर में सिर्फ एक चैनल ने मेढक-मेढकी की शादी में शिरकत की और उसका वीडियो दिखा कर दर्शकों को राहत पहुंचाई कि मध्यप्रदेश की एक मंत्री ललिता यादव जी ने ‘आषाढ़ोत्सव’ के दिन मेढक-मेढकी की शादी धूमधाम से कराई। पंडित ने मंत्र मारे। सात फेरे लगवाए। ढोल मजीरे बजे। नाच-गाने हुए। दावत दी गई। लड्डू बंटे।

लेकिन इन विघ्नसंतोषी विपक्षियों का क्या करें कि इनसे मेढक-मेढकी की शादी भी देखी न गई। देखते ही चीखने लगे कि यह अंधिवश्वास है, मंत्री अंधविश्वास को बढ़ा रही हैं। इस पर एक भाजपा नेता बोले कि यह अंधिवश्वास नहीं, विश्वास है, क्योंकि यह लोक-जीवन है। रीति-रिवाज है। विश्वास है। आस्था है। विकास है। सरकार है। हमने सोमयज्ञ कराया, तो वैज्ञानिकों ने माना। सरकार ने माना। कांग्रेस बुराई है। हम अच्छाई हैं। उनके चंद्रास्वामी थे, हमारे मेढक-मेढकी है। एंकर को जब कुछ न सूझा तो उसने लाइनें खोल दीं और देखते-देखते तीन-तीन कहने लगे : इसमें क्या बुराई है? डॉक्टर भी तो कहता है ‘गॉड विल हेल्प यू’। इसी तरह मेढक-मेढकी विल हेल्प बारिश!

एक निंदक भाजपा प्रवक्ता जी से कहने लगा कि सर जी आप नव-दंपति मेढक जी और मेढकी जी के नाम तो बता दीजिए! सास ससुर के नाम और पते-वते भी दे दीजिए। कार्ड छपा होगा! उसे भी दिखा दीजिए। हम भी उनको मुबारकबाद दे आएं!

 

 

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