ताज़ा खबर
 

बाखबर: रामकाज कीन्हे बिनु मोहि कहां बिश्राम

पीएम ने शुरू में ‘सियावर रामचंद्र की जय’ का नारा लगाया और लगवाया और बोले : ‘राम काज कीन्हे बिनु मोहि कहां बिस्राम’... आज पूरा भारत राममय है। पूरा भारत आज भावुक है। सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है...

ram mandir, ram mandir news, PM modi, modi in ayodhyaराम मंदिर नींव पूजन के बाद बोलते पीएम मोदी। (फोटोः एएनआई)

चातुर्मास में शुभ काम नहीं किए जाते। पांच अगस्त को सही मुहूर्त नहीं है…- जहां राम तहां मुहूर्त! जब राम चाहें तब मुहूर्त! और, कांग्रेस किस मुंह से बोल सकती है मुहूर्त! राहुल तो उच्चारित भी नहीं कर सकते ‘मुहूर्त’…एक चैनल पर एक सवाल उछला : सुशांत की ‘बॉडी’ पंखे से किसने उतारी?

सुशांत का एक संगी बोला : उसने उतारी। रसोइया बोला : उसने उतारी। एंबुलेंस वाला बोला : उसने उतारी और पुलिस बोली : उसने उतारी!
शव एक, उतारने वाले चार! एंकर चीखता और पूछता है, सच बताओ, किसने उतारी? उतारी तो सीधे बिस्तर पर कैसे गिरी? तुम छोटे कद के, वो बड़े कद का। तुम उस तक पहुंचे कैसे? झूठ बोल रहे हो तुम। और एक शव उतारने वाला ‘रिसीवर’ उतार कर भाग उठता है।

इधर पूछताछ करती महाराष्ट्र पुलिस। उधर पूछताछ करना चाहती बिहार पुलिस! महाराष्ट्र पुलिस कहे कि मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है? और बिहार पुलिस के अफसर के हाथ पर मुहर लगा कर देती है क्वारंटीन! इस पर रोज चैनलों पर आकर शिकायत करते बिहार पुलिस के बड़े अधिकारी कि कल को मैं गया तो मुझे भी कर देंगे क्वारंटीन! एक पुलिस का अहं दूसरी से टकरा रहा है और सुशांत का मामला उलझे जा रहा है। सिर्फ एक एंकर इस मामले के पीछे पड़ा रहा। जिस शाम बाकी चैनलों में ‘भूमि पूजन’ के ‘मुहूर्त’ को लेकर आचार्य भिड़ रहे थे, उस शाम भी इसी मामले को आगे बढ़ाने में लगा था।

इस क्रम में जब ‘भूमि पूजन’ का दिन आया, तो कांग्रेस ने अचानक पलटी मारी। एक बड़ी नेत्री जी ट्वीटीं कि ‘सियाराम मय सब जग जानी’! हाय! जब बस निकल जाती है तब कांग्रेस दौड़ लगाती है कि ‘ओ दूर के मुसाफिर! हमको भी साथ ले ले रे, हम रह गए अकेले, हम रह गए अकेले।’
भूमि पूजन के लिए पीएम के अयोध्या पहुंचने के बाद सब कुछ मिनट टू मिनट के हिसाब से कवर किया जाता दिखा। पहले हनुमान गढ़ी में पीएम का हनुमान जी को हाथ जोड़ साष्टांग दंडवत करना, फिर राम के जन्म स्थान पर सबको हाथ जोड़ साष्टांग दंडवत करना, फिर शिलान्यास के स्थान पर बने कुंड में पंडितों के मंत्रोच्चार और नाना अनुष्ठानों के बाद मुहूर्त के समय यानी ठीक बारह बज कर चैबालीस मिनट आठ सेकेंड पर भूमि पूजन और शिलान्यास, तत्पश्चात नींव के कुंड की मिट्टी से अपने माथे पर पीएम का तिलक लगाना और फिर बाजू में आमंत्रित साधु-संतों को संबोधित करने से पहले सबको मंच से हाथ जोड़ कर साष्टांग दंडवत करना और फिर संबोधन करना! सब मिनट टू मिनट लाइव रहा!

संबोधन के क्रम में पहले योगी बोले : पांच सौ वर्षों का लंबा संघर्ष और साधना, भारत की न्यायपालिका की ताकत और लोकतांत्रिक पद्धति से पीएम के नेतृत्व में इस समस्या का समाधान कैसे हो सकता था, पीएम ने यह अहसास कराया है… इस घड़ी की प्रतीक्षा में हमारी कई पीढ़ियां चली गर्इं…
मोहन भागवत बोले : आनंद का क्षण है। बहुत प्रकार का आनंद है। पूरे देश में आनंद की लहर है। सदियों की आस पूरी होने के आनंद की लहर… आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए आज शुभारंभ हो रहा है… इस आनंद में एक स्फुरण है, एक उत्साह है कि हमें करना है… रास्ता हमारे पास है, हम दे सकते हैं। यही आज शुरू हुआ है…

अंत में, पीएम ने शुरू में ‘सियावर रामचंद्र की जय’ का नारा लगाया और लगवाया और बोले : ‘राम काज कीन्हे बिनु मोहि कहां बिस्राम’… आज पूरा भारत राममय है। पूरा भारत आज भावुक है। सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है… टूटना और फिर उठ खड़ा होना- इस व्यतिक्रम से आज जन्मभूमि फिर मुक्त हुई है… राम मंदिर के लिए चले आंदोलन में तर्पण भी था और अर्पण भी, संकल्प भी था और बलिदान भी। जिनके बलिदान से यह सपना साकार हो रहा है, मैं एक सौ तीस करोड़ देशवासियों की तरफ से उनको नमन करता हूं… राम हमारे मन में गड़े हुए हैं… वे भारतीय संस्कृति के आधार हैं। वे मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। आज भव्य मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन हुआ है। यह हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा! यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों को संकल्प की प्रेरणा देता रहेगा… ये ‘न भूतो न भविष्यति’ है। ये सामूहिकता की अमोघ शक्ति दुनिया के लिए शोध का विषय है। भारत की आस्था में, आदर्श में, दर्शन में राम हैं… ये राम भारत की विविधता में एकता के प्रतीक हैं। उनके जैसा आदर्श शासक नहीं हुआ (जहां) ‘नहिं दरिद्र, कोउ दुखी न दीना’। और ‘भय बिनु होइ न प्रीति’ भी राम का ही संदेश है…

एक चैनल खबर देता है कि ओवैसी ने कहा है कि बाबरी थी, है और रहेगी…एक एंकर योगी से पूछती है : जब अयोध्या में मस्जिद बनेगी तो क्या आप जाएंगे? वे बोले : न कोई मुझे बुलाएगा, न मैं जाऊंगा…भूमि पूजन के संपन्न होते ही खबर ब्रेक हुई कि सुशांत मामले की जांच सीबीआई करेगी, उसने रिया को प्रथम आरोपित बना कर एफआईआर की है।

मामले की पिछाई करने वाले एंकर को उसके दो चर्चकों ने बधाई दी। कुछ चर्चक उसके ‘मीडिया ट्रायल’ पर ऐतराज करते रहे। वह बोला कि मीडिया ट्रायल चलाना उसका हक है और वह तब तक करता रहेगा, जब तक इस मामले की सच्चाई सामने नहीं आ जाती! सुशांत मामले ने चैनलों को भी विभक्त कर दिया है। एक अंग्रेजी एंकर ने आरोप लगाया कि इस मामले के बहाने कुछ लोग ‘स्कोर सेटिल’ कर रहे हैं! चलते चलते : शुक्रवार की सुबह रिया धनशोधन संबंधी पूछताछ के संदर्भ में प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर में जाती, सभी चैनलों में, दिखीं!

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 तीरंदाजः लोकतंत्र में रामराज्य
2 वक़्त की नब्ज़ः एक विवाद खत्म!
3 दूसरी नज़रः त्रासद कथा का अंत नहीं
ये पढ़ा क्या?
X