ताज़ा खबर
 

रविवारीय स्तम्भ

बाखबर: हंसना मना है

बहरहाल, टाई-सूट छाप नामी-गिरामी पत्रकारों ने यूपी सरकार और पुलिस की निरंकुशता को दो दिन तक लगातार जम कर कोसा और बड़ी अदालत से...

वक्त की नब्ज: घाटी का दर्द

पुलवामा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया है कई बार कि पाकिस्तान से बातचीत का सिलसिला दोबारा तभी संभव होगा, जब पाकिस्तान सरकार...

दूसरी नजर: क्या मोदी सबका भरोसा जीतेंगे

मुझे लगता है नरेंद्र मोदी खुश तो हैं, पर संतुष्ट नहीं हैं। ऐसा कुछ तो है जिसे वे समझ गए हैं और शायद उनकी...

बाखबर: दीदी को इतना गुस्सा क्यों आता है?

कुछ अंग्रेजी चैनलों की जात ही कुछ ऐसी है कि कमाई हिंदी विज्ञापनों से करते हैं और गरियाते भी हिंदी को हैं! अरे भैये!...

मुद्दा: बदरंग होते गांव

आज का सबसे भयावह संकट यह है कि कृषि योग्य भूमि का रकबा बहुत तेजी से घटता जा रहा है। अब एक नगर से...

बाखबर: हिंदी को पीटना बंद करें

सबके पास होती है दूरदर्शन से उधार ली खबर, लेकिन बेचते ऐसे हैं, जैसे वह उन्हीं की लाई खबर हो! जिस तरह सब्जी वाला...

तीरंदाज: आ अब लौट चलें

वास्तव में चुनौतियों के डर से हम शहर में आकर छिप जाते हैं। रोटी का बहाना बनाते हैं और उस चूहे की तरह बन...

वक्त की नब्ज: कांग्रेस के दिन

कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी ने बहुत बार कहा है कि उनकी प्राथमिकता है संगठन को मजबूत करना। सवाल है कि ऐसा...

दूसरी नजर: यह सबका विकास कैसे हो सकता है

स्वच्छ भारत के मामले में कड़वी सच्चाई यह है कि भारत के किसी भी बड़े राज्य (गुजरात को छोड़ कर) ने खुले में शौच...

दूसरी नजर: समावेशी बनें या न बनें

परिणाम पूर्व नतीजे इसके दो दिन बाद, 19 मई को आए और उनमें कम से कम दो पूरी तरह सटीक थे : भाजपा को...

वक्त की नब्ज: यह जीत उन्हें नहीं पच रही

जिस राजवर्ग को मोदी ने कमजोर किया है प्रधानमंत्री बनने के बाद, वह अभी तक स्वीकार नहीं कर पाया है कि भारत बदल गया...

बाखबर: लटके हुए चेहरे

परिणाम आते रहे। एक ओर लड्डू लुटते रहे, दूसरी ओर चेहरे लटकते रहे! एक चैनल चिंतामग्न हुआ कि कहीं अब भारत हिंदू राष्ट्र न...

प्रतिरक्षा: आसमान में बढ़ती ताकत

वायुसेना के बेड़े में इस तरह के हेलीकॉप्टरों और विमानों की मौजूदगी से सशस्त्र सेनाओं का मनोबल तो बढ़ेगा ही, वायुसेना भी अत्याधुनिक बनेगी,...

दूसरी नजर: आखिर खत्म हुआ चुनाव प्रचार

राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों, रैलियों और रोड शो, पैसे के खर्च, दी गई गालियां, हिंसा, चर्चित ईवीएम और वीवीपैट की गड़बड़ियों और चुनाव आयोग द्वारा...

वक्त की नब्ज: सियासत का खेल और खिलाड़ी

सत्रहवीं लोकसभा की कहानी का अंत जैसे जैसे पास आ रहा है, वैसे वैसे दिखने लगा है कि इस दौड़ में एक ही खिलाड़ी...

बाखबर: जय काली कलकत्ते वाली

यों तो अपने नेताओं के मुखारबिंद से नित्य अनमोल बोल झरते हैं, लेकिन चुनाव के इन आखिरी चरणों में जैसे मोती झरे वैसे कभी...

तीरंदाज: अज्ञानता का आत्मविश्वास

कोई व्यक्ति जितना अक्षम होगा उसका आत्मविश्वास उतना ही ज्यादा होगा। ज्ञान का भ्रम उसको अति-आत्मविश्वास देता है। दरअसल, ज्ञान का सबसे बड़ा शत्रु...

प्रसंग: दलित उत्पीड़न का सिलसिला

गैर-दलितों को यह बात समझने की जरूरत है कि उनके दुख-सुख के सच्चे साथी दलित ही हैं। राजनेता अपने स्वार्थों के मद्देनजर आपके जख्मों...