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बाखबर: बीच की जगह गायब है

एक दिन मुंगेर में दुर्गा पूजा में शामिल युवक पुलिस की गोलियों का शिकार होता है और बिहार की कानून-व्यवस्था बहस में आ जाती है। विपक्ष सुशासन बाबू के प्रशासन पर सवाल उठाता है और जवाब में सुशानबाबू के बंदे भी विपक्ष के कुशासन की याद दिलाने लगते हैं कि हमने एक मारा, तो तुमने भी मारे।

हरियाणा में बढ़ते आपराधिक घटनाओं से लोग परेशान।

दो मिनट की हाय हाय! दो मिनट की वाह वाह! दो मिनट की शर्म शर्म! एक दिन महबूबा मुफ्ती के अलगाववाद का! एक दिन फारूक के अलगाववाद का, लेकिन कुटाई राहुल की! एक दिन प्रवर्तन निदेशालय द्वारा विदेशी मुद्रा अधिनियम के अंतर्गत फारुख से पूछताछ करना और उनका कहना कि बदले की कार्रवाई है!

एक दिन जाकिर नायक का इस्लामवादियों का आह्वान कि भाजपा भक्तों को डराओ, सभी इस्लाम विरोधियों की लिस्ट बनाओ। एंकर क्रुद्ध मुद्रा में कहता है : इस जाकिर नायक को विदेश से तुरंत वापस लाओ!स्टूडियो की सूट-टाई वाली वीरताएं बड़ी दिव्य लगती हैं। उनकी चर्चाएं माहौल को गरम बनाए रखती हैं।

फिर एक दिन बल्लभगढ़ में परीक्षा देकर निकली एक लड़की को दो मुसलमान लड़के अगवा करना चाहते हैं। उसके विरोध करने पर एक उसे गोली मार देता है और वे भाग जाते हैं। लड़की की मां रोती हुई कहती है कि गोली मारने वाले का एनकाउंटर करो। दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाता है, लेकिन बहसें शुरू हैं।

एक बहस में हरियाणा सरकार को कठघरे में खड़ा करने की जगह अंग्रेजी एंकर ‘सेक्युलरों’ को ही शर्मिंदा करने लगती है, मानो उन्हीं ने गोली मारी हो! एक चैनल लाइन देता है कि ये ‘लव जिहाद मर्डर’ है। अंतर्धर्मी प्रेम को या विवाह को गैर-कानूनी बनाओ की मांग उठने लगती है।
ऐसा हर मुद्दा पूरे दिन चैनलों में हिंदू-मुसलमान करवाने के लिए पर्याप्त सामग्री दे देता है। ऐसे कट्टरतावादी मुद्दे रोज गरज-बरस रहे हैं। धार्मिक द्वेष की खबरें इन दिनों पूरे दिन का मुद्दा बन जाती हैं। हम हर रोज कुछ और अधिक कट्टर हुए जाते हैं! बीच की जगह ही गायब है!

एक तमिल नेता कह देता है कि ‘मनुस्मृति’ महिला और दलितों पर अत्याचार को उचित बताती है, उस पर प्रतिबंध लगाओ। एंकर मनुस्मृति का एक श्लोक सुना कर अर्थाता है कि मनुस्मृति तो ‘कर्म’ पर बल देती है जन्म पर नहीं, लेकिन तमिलवादी जी अपनी ही हांकते चले जाते हैं।
एक दिन मुंगेर में दुर्गा पूजा में शामिल युवक पुलिस की गोलियों का शिकार होता है और बिहार की कानून-व्यवस्था बहस में आ जाती है। विपक्ष सुशासन बाबू के प्रशासन पर सवाल उठाता है और जवाब में सुशानबाबू के बंदे भी विपक्ष के कुशासन की याद दिलाने लगते हैं कि हमने एक मारा तो तुमने भी मारे। मारना ‘नया नारमल’ होता जाता है।

एक दिन अमेरिका और भारत के बीच ‘बीका’ समझौता होता है और अपने एंकर वीरमुद्रा में ताल ठोंकने लगते हैं कि अब देखें चीन क्या कर लेता है? फिर एक दिन पाक सांसद संसद में कह देता है कि अभिनंदन को छोड़ने के लिए कहते वक्त पाक सेना चीफ बाजवा के पैर कांप रहे थे, माथे पर पसीना था और कह रहे थे, उसे तुरंत छोड़ दो, नहीं तो इंडिया नौ बजे तक मिसाइल अटैक कर देगा!

एक अंग्रेजी एंकर पूरे आधे घंटे बिहार चुनाव पर एक ‘ट्रेकर’ रिपोर्ट देता रहा, जिसमें एनडीओ जीत रही दिखती है। मगर आखिर में एंकर अपनी आंखों में एक नटखटिया किस्म की चमक लाकर बहस का उपसंहार करता है कि आचार संहिता के कारण अभी हम आपको वह सब नहीं बता सकते, जो इस वक्त बिहार की जमीन पर घट रहा है। उसे हम सात नवंबर की शाम के एक्जिट पोल में ही बताएंगे! लीजिए! सबकी नींद हराम!

इतने में कट टू अमेरिकी चुनाव! एक ओर एक तालठोंकू और दूसरी ओर टंगड़ीमार! टंगड़ीमार को बयालीस फीसद अमेरिकी पसंद करते बताए जाते हैं, जबकि तालठोंकू को चौंतीस प्रतिशत!लेकिन अपने एक वीर एंकर जी के लिए सारे मुद्दों का एक ही मुद्दा है : मुंबई पुलिस के चीफ परमबीर सिंह से निपटना और परमबीर जी ने भी पता नहीं क्या टोटका किया है कि हमारा वीर एंकर एक दिन उनके नाम से कविता करने लगता है : ‘ऐ परंपराजित! ओ परंपराजित! तू सुनले परंपराजित…’अरे भाई, अपना वीर पीछे नहीं है, तो परमबीर जी आप ही हट जाइए। याद रखिए : ‘का रहीम हरिको घट्यो, जो भृगु मारी लात’!

लेकिन अपनी देसी धांय धांय भी क्या कम थी कि इंटरनेशनल धांय धांय शुरू हो गई। अचानक फ्रांस में एक इस्लामी कट्टरतावादी एक चर्च के अंदर एक औरत की गर्दन उड़ा देता है, क्योंकि उसे फ्रांस में छपा एक इस्लाम-द्वेषी कार्टून बर्दाश्त नहीं हुआ। फ्रांस के पें्रसीडेट ने इस कट्टरतावाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया, तो सारी दुनिया ही विभक्त होने लगी।

भारत ने फ्रांस का पक्ष लिया तो भोपाल से लेकर मुंबई तक एक समुदाय के लोग विरोध प्रदशर््न करने लगे। इसे देख एक चैनल ने लाइन लगाई : इस्लाम खतरे हैं या इस्लाम खतरा है? फिर उसी ने एक और लाइन लगाई : क्या तीसरा युद्ध कराएगी कट््टरता? इन दिनों बीच की जगह एकदम गायब है!

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