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जनहित के मुद्दों से जुड़ते गए लोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो पर प्रसारित होने वाले मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ का पचासवां एपिसोड रविवार को प्रसारित होगा। कार्यक्रम की शुरुआत अक्तूबर, 2014 में हुई थी। उसके बाद से हर महीने आकाशवाणी पर प्रधानमंत्री देशवासियों से बातचीत करते हैं। इस कार्यक्रम के जरिए बालिका शिक्षा, प्रदूषण घटाने, नशीले पदार्थों के इस्तेमाल को रोकने, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और परीक्षा समेत जनहित के विभिन्न मुद्दों पर प्रधानमंत्री बात कर चुके हैं। इस मंच के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजनीतिक नहीं, सामाजिक बदलाव के मुद्दे उठाते हैं।

Author November 25, 2018 5:59 AM
मन की बात करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo: ANI)

18 भाषाओं और 33 बोलियों के चार करोड़ श्रोता
पूरे देश में ‘मन की बात’ कार्यक्रम के करीब चार करोड़ श्रोता हैं। ‘मन की बात’ कार्यक्रम का देश की अठारह भाषाओं और तैंतीस बोलियों में प्रसारण होता है। वर्ष 2017 में आकाशवाणी (आॅल इंडिया रेडियो) ने एक सर्वे किया था, जिसमें पता चला था कि दस में से दो भारतीय नागरिक यह कार्यक्रम जरूर सुनते हैं। सबसे ज्यादा श्रोता बिहार, गुजरात और मध्यप्रदेश से हैं। इस कार्यक्रम को लेकर सबसे ज्यादा जागरूकता मणिपुर में पाई गई। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में ‘मन की बात’ को लोग ज्यादा सुनते हैं।

पहले एपिसोड में खादी की बात
तीन अक्तूबर, 2014 को पहली कड़ी में उन्होंने लोगों से कम से कम खादी का एक वस्त्र उपयोग करने की अपील की थी। उन्होंने नागरिकों से अपील की थी कि वे खादी के कम से कम एक उत्पाद का प्रयोग करें, ताकि गरीब बुनकरों की सहायता हो सके। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, इस अपील के बाद खादी की बिक्री में सवा सौ फीसद का इजाफा दर्ज किया गया था। पुलिस, नौसेना, रेलवे, डाक विभाग, उत्तराखंड सरकार सहित कई अन्य क्षेत्रों में खादी के प्रयोग का चलन बढ़ा।

ओबामा के साथ संबोधन
जनवरी, 2015 के एपिसोड में पहली बार किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय प्रधानमंत्री के साथ मिल कर रेडियो पर लोगों को संबोधित किया। इस एपिसोड में दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से सवाल भी पूछे थे। ‘मन की बात’ के इस एपिसोड की बहुत चर्चा हुई थी। उस एपिसोड में दोनों नेताओं ने गरीबी खत्म करने, सभी को रोजगार देने, आतंकवाद खत्म करने और दुनिया में शांति स्थापित करने की बात की थी। उस एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान पर विस्तार से बातचीत की थी। उसके बाद के एक एपिसोड में प्रधानमंत्री ने बच्चों को परीक्षा की तैयारी के बारे में सुझाव दिए। उन्होंने बच्चों से कहा कि परीक्षा की तैयारी को वे एक उत्सव की तरह देखें। मई, 2015 के एपिसोड में पीएम ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर अपनी बात कही थी।

लोकप्रिय एपिसोड
‘मन की बात’ में सेल्फी विद डॉटर, बराक ओबामा के साथ बातचीत और बच्चों पर परीक्षा का दबाव न डालने वाले एपिसोड सबसे ज्यादा लोकप्रिय रहे। इस कार्यक्रम के जरिए 2016 में चार करोड़ 78 लाख रुपए और 2017 में पांच करोड़ 19 लाख रुपए के राजस्व की आय सरकार को हुई थी। ‘मन की बात’ को व्यावसायिक सफलता मिल रही है। इस कार्यक्रम के दौरान दस सेकेंड के एक विज्ञापन की कीमत दो लाख रुपए है। रेडियो का शो होने के बावजूद करोड़ों लोग इसे टेलिविजन पर सुनते हैं।

सोशल मीडिया पर ट्रेंड
यह कार्यक्रम भले रेडियो पर प्रसारित होता है, पर सोशल मीडिया और टेलिविजन पर भी यह काफी सफल है। भारत में ट्विटर पर पर 2017 में ‘न्यूज’ और ‘गवर्नेंस’ श्रेणी में जो हैशटैग सबसे ज्यादा ट्रेंड हुआ, वह ‘मन की बात’ था। ट्विटर पर यह हैशटैग जल्लीकट्टू और जीएसटी से भी ज्यादा ट्रेंड हुआ था। 2017 में भारत में ट्विटर पर दस सबसे ज्यादा ट्रेंड होने वाले हैशटैग में ‘मन की बात’ शामिल था।

सफलता की चंद कहानियां
तुषार : नवंबर, 2017 के एपिसोड में प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के एक दिव्यांग बालक की कहानी बताई थी, जो बोल नहीं सकता। लेकिन उसने सुबह-सुबह सीटी बजा कर लोगों को खुले में शौच पर टोकना शुरू किया। उसने अपने गांव को खुले में शौच से मुक्त कर दिया।
जावेद अहमद : नवंबर, 2015 के एपिसोड में प्रधानमंत्री ने कश्मीर के जावेद अहमद की कहानी बताई, जिन्हें एक आतंकी हमले में रीढ़ की हड्डी में चोट आई। वे खड़े नहीं हो सकते। लेकिन बीते बीस वर्षों से वे बच्चों से शिक्षा अभियान से जुड़े हैं।
संतोष नेगी : जून, 2016 के एपिसोड में पौड़ी गढ़वाल की महिला संतोष नेगी का जिक्र आया, जिन्होंने जल संरक्षण को लेकर अपने प्रयासों की कहानी बताई। मानसून के पहले उन्होंने अपने स्कूल में चार फीट गहरे ढाई सौ गड्ढे खोदे। वर्षा जल संरक्षित किया। अब उनके गांव में पानी की कमी नहीं।
नूरजहां : प्रधानमंत्री ने नवंबर, 2015 के एपिसोड में कानपुर देहात की नूरजहां के बारे में बताया, जो देश में सौर ऊर्जा का सपना साकार करने में जुटी हैं। अकेले दम पर अपनी कोशिशों से वे अपने गांव के कई घरों में रोशनी फैला रही थीं। नूरजहां ने अपने गांव में सौर ऊर्जा का संयंत्र लगाया हुआ है। वे गांव के लोगों को किराए पर सौर लालटेन देती हैं, ताकि गांव की ऊर्जा की जरूरतें पूरी हो सकें। उन्होंने एक संस्था बनाई है, जिससे पांच सौ लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
ममता शर्मा : नवंबर, 2015 के एपिसोड में प्रधानमंत्री ने भोपाल की ममता शर्मा के बारे में बताया, जिन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से लाभ मिला है। उन्हें बैंक से चालीस हजार रुपए मिले। वह बटुआ बनाने का काम कर रही थीं। पहले वह ब्याज पर रकम उधार लेकर मुश्किल से कारोबार चलाती थीं। अब उनके लाभ और बचत- दोनों में बढ़ोतरी हुई है। कारोबार बढ़ाने लगीं हैं वे।

सामाजिक बदलाव आए
गैस सब्सिडी : सितंबर, 2015 में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की अपील पर करोड़ों लोगों ने गैस सब्सिडी छोड़ दी। पहली बार अपील के बाद वर्ष 2016 में एक करोड़ लोगों ने गैस सब्सिडी छोड़ी। वर्तमान में करीब पचीस करोड़ उपभोक्ताओं में से चार फीसद उपभोक्ता सब्सिडी का लाभ नहीं ले रहे हैं।
योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान : प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम के जरिए योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की मुहिम छेड़ी। संयुक्त राष्ट्र से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने की अपील की। इस मुहिम को सफलता मिली।
एक्जाम वॉरियर्स : फरवरी, 2015 में ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने एक्जाम वॉरियर्स की बात की थी। उन्होंने छात्रों को परीक्षाओं की चिंता करने के बजाय, बिना डरे, परीक्षाओं का मुकाबला करने के लिए कहा था। इसके बाद के कई एपिसोडों में भी उन्होंने विभिन्न परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर बात की। बच्चों के माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों पर परीक्षा का दबाव न डालें।
स्वास्थ्य अभियान : प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ के जरिए देश के लोगों को स्वस्थ रखने के लिए अभियान भी चलाए। उन्होंने मई, 2015 में देश को यह बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का ऐलान किया है। मई, 2018 में प्रधानमंत्री ने देश के नागरिकों को स्वस्थ बनाने के लिए उन्हें फिट इंडिया चैलेंज भी दिया था।
बेटी बचाओ : ‘मन की बात’ के जून, 2015 के एपिसोड में प्रधानमंत्री ने ‘सेल्फी विद डॉटर’ अभियान की चर्चा की थी। यह अभियान हरियाणा के एक गांव के सरपंच सुनील जगलान ने शुरू किया था। यह अभियान बेटियों को बचाने के लिए शुरू किया गया था। इस अभियान के तहत लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी बेटियों के साथ लाखों सेल्फियां डालीं।
पराली जलाना : दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण की समस्या को देखते हुए नवंबर, 2015 में प्रधानमंत्री ने पंजाब और हरियाणा के किसानों से पराली न जलाने की अपील की। उनकी इस अपील का कुछ हद तक असर तो हुआ है। अक्तूबर, 2018 के एपिसोड में प्रधानमंत्री ने पंजाब के किसान गुरुबचन सिंह के बारे में बताया, जिन्होंने अपने बेटे की शादी बेहद सादगी से की। उन्होंने कन्या पक्ष से शर्त रखी कि वे लोग न तो पराली जलाएंगे और न ही जलाने देंगे। नाभा जिले के कल्लार माजरा गांव के किसान पराली जलाना बंद कर चुके हैं।
संदेश टू सोल्जर्स : अक्टूबर, 2016 में दिवाली से पहले प्रधानमंत्री ने देश के नागरिकों से सैनिकों को एक खास संदेश भेजने को कहा था। इस अभियान का नाम था ‘संदेश टू सोल्जर्स’। इसके तहत नरेंद्र मोदी ऐप और ‘माई जीओवी वेबसाइट’ पर संदेश भेजने का आह्वान किया गया था। उनकी इस अपील को जबरदस्त समर्थन मिला और बहुत-सी हस्तियों ने देश के सैनिकों के नाम अपने संदेश दिए थे।
किताबें भेंट करना : जून, 2017 के एपिसोड में प्रधानमंत्री ने नेताओं और लोगों से फूलों के गुलदस्तों के बजाय किताबें उपहार में देने की आदत बनाने की अपील की। इसका खासा असर होने लगा है।
नशीले पदार्थों से मुक्ति : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर, 2014 के एपिसोड में भारत को नशीले पदार्थों से मुक्त करने की अपील की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों से आग्रह किया कि वे इस बारे में अभियान चलाएं। इसके बाद ऐसे अभियानों में तेजी देखी गई।

बहुचर्चित स्वच्छ भारत अभियान
‘मन की बात’ के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की मुहिम चलाई। रिकार्ड संख्या में देश भर में टॉयलेट बने। लोगों की सोच बदली। कई राज्यों को खुले में शौच से मुक्ति मिली। प्रधानमंत्री ने लोगों से देश भर में लगी महान लोगों की मूतियों की सफाई की अपील की थी। इसके बाद यह पूरे देश में बड़ा अभियान बना। प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ के उनचास एपिसोड में से सैंतीस में स्वच्छता का जिक्र किया है। सितंबर, 2016 में उन्होंने व्यापार जगत को इस अभियान से जोड़ा। अप्रैल, 2018 में उनकी अपील पर चार लाख से ज्यादा छात्र स्वच्छ भारत ग्रीष्म इंटर्नशिप का हिस्सा बन गए। जून, 2016 में उन्होंने एक सेवानिवृत्त सरकारी अध्यापक का उल्लेख किया, जो स्वच्छ भारत के लिए हर महीने अपनी पेंशन का एक तिहाई हिस्सा दान में देते हैं।

50वीं कड़ी का प्रसारण आज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम ‘मन की बात’ का रविवार, 25 नवंबर को प्रसारित होने वाला पचासवां एपिसोड खास होगा। मोदी ने पचासवें एपिसोड के लिए देशवासियों से सुझाव मांगे हैं। लोगों की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए ‘मन की बात’ कार्यक्रम को नमो ऐप (नरेंद्र मोदी मोबाइल ऐप) से जोड़ा गया है। इसमें सबसे ज्यादा अंक हासिल करने वालों को ‘मन की बात’ से संबंधित पुस्तक देने की घोषणा की गई है। नमो ऐप पर आॅनलाइन माध्यम से तैयार क्विज के हर सवाल के जवाब तीस सेकेंड में देने होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले एक ट्वीट संदेश में कहा था कि इस महीने की 25 तारीख की ‘मन की बात’ विशेष है। उन्होंने अपने ट्विट में कहा कि आप अपने उन पसंदीदा विषयों के बारे में अपने सुझाव तथा विचार भेज सकते हैं, जिन पर आप चाहते हैं कि प्रधानमंत्री बात करें।

इस मौके पर लोगों की राय जानने के लिए लिए एक सर्वे कराया गया है। सर्वे में पूछा गया है कि प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात में उठाए गए विषयों में स्वच्छता, खेल, योग, परीक्षा में छात्रों को समर्थन, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन- में से कौन-सा विषय लोगों से जुड़ने में सबसे बेहतर रहा। इसके अलावा सेल्फी विद डॉटर, इनक्रेडिबल इंडिया, फिट इंडिया, संदेश टू सोल्जर, एग्जाम वारियर, इंडिया पॉजिटिव में से किस अभियान ने आपके मन पर गहरा प्रभाव छोड़ा? कौन-सा ऐसा विषय है, जिसे प्रधानमंत्री अब तक नहीं उठा पाए? क्या आप मानते हैं कि मन की बात कार्यक्रम के कारण रेडियो लोगों में लोकप्रिय हुआ? मन की बात में सुझाव देने का सबसे बेहतर माध्यम कौन-सा है? क्या आप स्वयंसेवा के किसी कार्य से जुड़े हैं?

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