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बाखबर: सिस्टम लीक चौकीदार वीक

कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा फेसबुक के डाटा लीक की खबर बड़ी खबर बनी रही। इस बीच चैनल अपने-अपने नायक-खलनायक तय कर चुके थे। शुरू में डाटा का उपयोग करने वाले कांग्रेस, बीजेपी और जेडी (यू) तीनों दलों का नाम आया। फिर न जाने क्या जादू हुआ कि आरोपितों में सिर्फ कांग्रेस का नाम रह गया और धुलाई शुरू हो गई।

Author April 1, 2018 5:16 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

संसद कुछ देर खुलती फिर बंद हो जाती। सांसद दो-चार मिनट दर्शन देते, फिर शोर होने लगता। शोर में कैसे काम करे संसद! तीन-तीन अविश्वास प्रस्ताव। हम अविश्वास देखना चाहते, लेकिन शोर ने मदद की। अविश्वास होने ही नहीं दिया। ‘यौन उत्पीड़न’ के आरोपी जेएनयू के एक प्रोफेसर को निकालने की मांग की खबर सब चैनलों में छाई रही। अगले रोज प्रदर्शनकारियों और पुलिस की धक्का-मुक्की का लाइव कवरेज था। इस लपेटे में एक-दो टीवी कैमरामेन रिपोर्टर भी ठुक गए। मुद्दा पत्रकारों की आजादी का हो गया। पुलिस मुख्यालय के आगे विरोध-प्रदर्शन में कैमरे जमीन पर रख दिए गए। दूसरे कैमरे दिखाते रहे। पत्रकारों की जबर्दस्त एकता देख पुलिस ने जांच बिठा दी और ‘सॉरी-सॉरी’ करने लगी।
सिद्धरमैया सिद्ध खिलाड़ी नजर आए। लिंगायतों को अल्पसंख्यक का दर्जा देकर खेल ऐसा धार्मिक कर दिया कि हिंदू धर्म के धुरंधर तक परेशान होते दिखे। कर्नाटक के चुनाव का तनाव इस कदर दिखा कि अमित शाह जैसे नपा-तुला बोलने वाले भी प्रेस से कुछ का कुछ बोल गए कि एक बड़े जज महोदय ने कहा था कि सबसे भ्रष्ट सरकार येद्दियुरप्पा की सरकार रही है…। बाजू में येद्दियुरप्पा स्वयं मौजूद थे।

कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा फेसबुक के डाटा लीक की खबर बड़ी खबर बनी रही। इस बीच चैनल अपने-अपने नायक-खलनायक तय कर चुके थे। शुरू में डाटा का उपयोग करने वाले कांग्रेस, बीजेपी और जेडी (यू) तीनों दलों का नाम आया। फिर न जाने क्या जादू हुआ कि आरोपितों में सिर्फ कांग्रेस का नाम रह गया और धुलाई शुरू हो गई। सिर्फ एनडीटीवी के श्रीनिवासन जैन ने डाटा लीक का दूसरा पाठ दिया कि त्यागी की कंपनी के सह-संस्थापक अवनीश राय ने बताया कि भाजपा भी डाटा ग्राहक थी, हमने संघ के संजय जोशी को दिया था। राय के इस रहस्योद्घाटन की खबर सिर्फ एक और अंग्रेजी चैनल पर कुछ देर तक चर्चा में रही, फिर वहां से भी आउट हो गई। इस बीच कैंब्रिज एनालिटिका के ‘व्हिसलब्लोअर’ वाइली के कथन चैनलों में छाए रहे। राहुल ने मोदी को ‘बिग बॉस’ कहा तो भाजपा प्रवक्ताओं ने उनको आइटी मामले में ‘छोटा भीम’ से भी कम अक्ल बताया। सुरजेवाला ने साफ किया कि कांग्रेस ने किसी से कुछ नहीं लिया, हिम्मत हो तो पूरी जांच करा लें। फेसबुक अब तक डरावनी फेकबुक बन चुका था। न्यूज एक्स ने चिंता की कि वो आपका मस्तिष्क परिवर्तन कर सकते हैं। हेरा-फेरी कर सकते हैं। ब्योरा बना-बदल सकते हैं। क्या अब भी आप फेसबुक पर रहेंगे?

‘मिरर नाउ’ पर निखिल पाहवा बोले कि कुछ भी चलवाया जा सकता है। सोशल मीडिया पर बहुत कुछ फर्जी होता है। मिरर ने बताया कि कई नेताओं के फेसबुक में बहुत सारे फर्जी फॉलोअर हैं। राहुल के अड़सठ फीसद फर्जी फॉलोअर हैं। अमित शाह के इकसठ फीसद फॉलोअर फर्जी हैं। अन्यों के भी हैं। हजार-पांच सौ रुपए में आप अपने फॉलोअर खरीद सकते हैं। जनतंत्र भी फर्जी हुआ जा रहा है। एक चर्चा में एनडीटीवी के विक्रम चंद्रा ने कहा कि 2014 के चुनाव में सोशल मीडिया में मोदी के लिए जबर्दस्त समर्थन था…। कांग्रेस के जयवीर शेरगिल ने आरोप लगाया कि ये सरकार ‘डाटा भूखी’ है। मोदी एनसीसी का डाटा मांग रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता रेड्डी ने कहा- आप व्यर्थ में डर पैदा कर रहे हैं। एक एंकर ने मजाक किया कि एनसीसी का डाटा मांगना कहीं उत्तरी कोरिया की तरह होना तो नहीं है? एक चैनल ने बताया कि इस डाटा लीक के कारण फेसबुक ने अपना विश्वास खो दिया है। सिर्फ अड़तालीस फीसद अमेरिकी फेसबुक का भरोसा करते हैं। तब तक बंगाल में रामनवमी पर त्रिशूल दिखने लगे थे और बिहार में भी दंगे भड़क चुके थे, लेकिन डाटा लीक कथा को वे आउट न कर सके।

राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि वे बिग बॉस हैं जो लोगों की जासूसी करना पसंद करते हैं। वे हमारे बच्चों का डाटा लेना चाहते हैं। एक अंग्रेजी चैनल के एक रिपोर्टर की टिप्पणी थी कि लोगों को डर है कि कहीं उनका डाटा चोरी तो नहीं हो रहा? प्रतीक सिन्हा ने कहा कि नमोएप तो व्यक्तिगत है, पीएम का नहीं है। नमो का डाटा अगर अमेरिका तक जा रहा है तो इसकी जांच की जानी चाहिए। डाटा लीक की कथा निपटी नहीं थी कि चुनाव आयोग की घोषणा से पहले ही भाजपा और कांग्रेस के अति उत्साही आइटी वीरों ने कर्नाटक के चुनाव की सही तारीख लीक कर दी! कांग्रेस ने कहा कि यह मिली भगत है। भाजपा ने कहा, हमसे भी पहले तो कांग्रेस ने तारीख लीक की। चुनाव की तारीख लीक होने को लेकर ले-दे हो ही रही थी कि सीबीएसई के पेपर लीक हो गए। माता-पिता बच्चे सब परेशान। कंचन गुप्ता तक ने एक चैनल पर मंत्री जावड़ेकर और सीबीएसई के प्रमुख को बर्खास्त करने की मांग कर डाली। राहुल गांधी ने ‘लीक’ से ‘वीक’ की ऐसी तुक मिलाई कि देखते-देखते सब चैनलों पर छा गई: आधार लीक, डाटा लीक, डेट लीक, पेपर लीक…सिस्टम लीक, चौकीदार ठीक! सिस्टम लीक चौकीदार वीक!

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