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बाखबर: साधो घर में झगड़ा भारी

एक दिवस अपरान्ह काल में चैनल चैनल पीएम बोले। पीएम का इंटरव्यू सब पर भारी। चैनल बारंबार दिखाते। सारे मुद्दों पर चर्चा थी एक एक बात साफ थी। नब्बे मिनट का इंटरव्यू था। एएनआई धन्य-धन्य था। हर चैनल अति ही प्रसन्न था!

Author January 6, 2019 4:17 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी। (फोटो – पीटीआई)

साधो घर में झगड़ा भारी!
नई भक्तिनें दर्शन चाहें, और भक्त जी रोक लगावें! सबरीमला की महिमा न्यारी!
साधो घर में झगड़ा भारी!
वो नास्तिक हैं। ये आस्तिक हैं। वो कम्युनिस्ट हैं। ये भाजपा हैं, कांग्रेसी हैं। वे धर्म को नहीं मानते। धर्म बिना ये रह नहीं सकते।
सबरीमला पर है मारा मारी।
साधो घर में झगड़ा भारी!
आधी रात दर्शन करवाए। हाय हाय दर्शन करवाए!
पाप कराया पाप कराया! हाय हाय यह कलजुग आया! पाप कराया पाप कराया! मंदिर को अपवित्र कराया! शुद्धीकरण की करो तैयारी!
एक मर गया, बीस पिट गए! कैसी है बीमारी।
साधो घर में झगड़ा भारी!
चैनल दुखी। दुखी हैं एंकर। किसकी लाइन लेवें एंकर। बीच बचाव करें तो ठुकते। मीडिया की लाचारी!
भक्तों में कंपटीशन भारी!
साधो घर में झगड़ा भारी!
शुक्रवार को सारे चैनल दिखा रहे थे कैसे केरल ‘उबल’ रहा है!
ईश्वर की कंट्री है न्यारी!
साधो घर में झगड़ा भारी!

सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी खबर दी। दस जनवरी की डेट सुनाई। मंदिर के ‘टाइटिल डीड’ की शुरू होत सुनवाई। एक खास बेंच बन जाई!
चैनलों की बन आई। सबने लंबी बहस कराई।
क्या क्या सीन दिखावें चैनल! मंदिर तुरत बनावें चैनल! बाबा देत गवाही!
एक बाबा से चैनल पूछे : आत्मदाह की धमकी दी है, डेट नहीं बतलाई?
चैनल ऐसी खबर बनाई!
मंदिर नहीं तो सरकार नहीं! अब न बना तो कभी न बनेगा?
सरकार ने चुप्पी लगाई!
मंदिर वहीं बनाएंगे हम! मंदिर नहीं तो वोट न होगा। मंदिर बिन सरकार न होगी! बच्चा बच्चा राम का! जन्मभूमि के काम का!
नारे लगते भारी!
चैनल पर एक बाबा बोले : इंपीचमेंट का मोशन लाई। न्यायाधीश को देहु भगाई !
एंकर बोला : कैसा शाप देत हैं सांई?
बाबा बोले : हमरी आस्था का सवाल है…

एक दिवस अपरान्ह काल में चैनल चैनल पीएम बोले। पीएम का इंटरव्यू सब पर भारी। चैनल बारंबार दिखाते। सारे मुद्दों पर चर्चा थी एक एक बात साफ थी। नब्बे मिनट का इंटरव्यू था। एएनआई धन्य-धन्य था। हर चैनल अति ही प्रसन्न था!
पर, कांग्रेस को चैन कहां है? सीधी प्रेस कान्फ्रेंस कर डाली!
ऐसा तो रोज होता है। एक बोलता है तो भैया दूसरा भी बोला करता है!
वो कहते हैं ये झूठा है। ये कहते हैं वो झूठा है। हर दिन की तू तू मैं मैं है।
कैसे सच बतलाई!
संसद में राहुल ने चाहा टेप सुनाएं! टेप सुना कर पोल दिखाएं! इतने में हंगामा भारी!
चैनल बार बार दिखलाते। हंगामे की कथा सुनाते! कुछ सांसद परचे बरसाते। नारे लगाते भारी!
साधो संसद में झगड़ा भारी!
संसद को संसद ही रहने दो। मछली बाजार उसे न बनाओ!
संसद की बलिहारी!
साधो घर में झगड़ा भारी!

देशभक्ति का पाठ पढ़ाएं! गुजराती आदेश कराएं। अपने स्कूलों के बालक ‘यस सर’ ‘यस सर’ कभी न बोलें। बोलें तो ‘जय हिंद’ ही बोलें।
देशभक्ति बढ़ जाई!
उधर कमलनाथ जी बोले। अब सरकारी दफ्तरों में वंदेमातरम् नहीं चलेगा!
खूब हुई हाय हाय! खूब हुई हाय हाय! हाय हाय हाय हाय! ये तो देशद्रोह है भाई!कांग्रेस की हुई पिटाई!
कमलनाथ ने खबर बनाई! ‘इमरजेंसी के फाइटरों’ की पेंशन है रुकवाई! हाय हाय हाय हाय! हाय हाय हाय हाय! ये क्या हो रहा है भाई!
तीन लोक से यूपी न्यारी!
पूर्वांचल के वीसी जी ने छात्रों से खुल्लमखुल्ला बोला : जब भी जाना मार के आना! पड़े जरूरत मर्डर भी कर सकते भाई!
बाकी हम हैं हातिमताई!
बुलंदशहर का नामी बंदा! लिंचिंग में आरोपित बंदा! गायब रहा महीने बंदा, पकड़ गया खुर्जे में बंदा!
एंकर बोला : इतनी देर लगी क्यों भाई? खुर्जा क्या अमेरिका भाई? क्यों खेले हो बत्तीस दिन तक छुपम छुपाई?

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