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दाना-पानी: आम कच्चा स्वाद पक्का

फल और सब्जियों का असल स्वाद उसी मौसम में आता है, जब वे पैदा होते हैं। यों अब हर चीज साल भर मिलने लगी है, पर बेमौसम इन्हें खाने पर न तो अच्छा स्वाद मिलता है और न सेहत के हिसाब से वे मुफीद बैठती हैं। यह आम का मौसम है। बहुत सारे लोग साल भर इंतजार करते हैं कि कब कच्चे आम आने शुरू हों और उनका आनंद लें। देश के हर हिस्से में कच्चे आम के व्यंजन बनते हैं। इन्हें बनाने का तरीका पारंपरिक ही होता है। इस बार आम के कुछ व्यंजन।

Author Published on: May 24, 2020 12:12 AM
दाना-पानी: आम और उसके व्यंजन।

मानस मनोहर
खट्टी-मीठी चटनी
यह सभी को पसंद आने वाला व्यंजन है। यों बाजार में बोतलबंद आम की मीठी चटनी सहज उपलब्ध हो जाती है, पर घर में बना कर खाने का आनंद ही अलग होता है। कच्चा आम इस मौसम में सेहत के लिए बहुत गुणकारी होता है, इसलिए इसे जिस भी रूप में भी बना कर खाएं, स्वाद के साथ-साथ सेहत लिए भी अच्छा है। आम की अम्लीयता पेट के पाचनतंत्र को दुरुस्त करती है, तेज गरमी और लू से राहत पहुंचाती है।

आम की खट्टी-मीठी चटनी बनाने के लिए आधा किलो कच्चा आम लें। ध्यान रखें कि आम सख्त और खट्टा हो। उसे धोकर छिलका उतार लें मोटा कद्दूकस कर लें। गुठली को फेंक दें। करीब ढाई सौ ग्राम गूदा मिलेगा। इसमें डालने के लिए इतनी ही मात्रा में चीनी की जरूरत पड़ेगी। वह भी निकाल लें।

इसके अलावा कुछ मसालों की जरूरत पड़ती है। एक चम्मच साबुत धनिया, एक चम्मच जीरा और एक चम्मच सौंफ लेकर तवे या फिर कड़ाही में महक उठने तक सेंक लें। फिर इनको दरदरा कूट लें। इन्हें अलग रखें। इसके अलावा इसमें कुछ काजू के टुकड़े और कुछ किशमिश डालें, तो अच्छा स्वाद आता है। इन्हें न भी डालें, तो हर्ज नहीं।

अब एक पैन या कड़ाही गरम करें। उसमें पहले कद्दूकस किया हुआ कच्चा आम डालें और मध्यम आंच रखें। इसके साथ ही चीनी भी डालें और चलाते हुए पकाएं। इसमें पानी बिल्कुल न डालें, आम की नमी ही काफी है। जब खदबदाहट शुरू हो जाए, तो उसमें आधा चम्मच नमक, एक छोटा चम्मच कुटी लाल मिर्च डालें और अच्छी तरह मिला लें।

जब आम पक कर गाढ़ा होने लगे तो उसमें कुटे हुए मसाले और मेवे डाल कर अच्छी तरह मिलाएं। जब चटनी अच्छी तरह गाढ़ी हो जाए तो आंच बंद कर दें। इस चटनी को शीशी में बंद करके रख दें। यह लंबे समय तक खराब नहीं होती।

आम की लौंजी
यह एक प्रकार से आम की खट्टी-मीठी चटनी का ही तरल रूप होता है। इसे रोटी, पूड़ी या परांठे के साथ खाने में अलग ही आनंद आता है। कई लोग इसे सब्जी की तरह खाते हैं। इसका चटपटा स्वाद अलग ही होता है।

लौंजी बनाने के लिए आधा किलो आम लेकर छिलका उतारें और मोटे-मोटे आकार में काट लें। इसकी गुठली फेंकने की जरूरत नहीं होती। फिर एक कड़ाही गरम करें। उसमें दो चम्मच घी डालें और उसमें साबुत धनिया, जीरा, सौंफ और दो-तीन साबुत लाल मिर्चों का तड़का दें। फिर कटे हुए आम को छौंक दें। जब आम नरम होने लगे, तो उसमें आधा चम्मच नमक, थोड़ी-सी हल्दी, एक छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर डालें और फिर एक गिलास पानी डाल दें। करीब ढाई सौ ग्राम चीनी या फिर गुड़ डालें और कड़ाही को ढंक दें।

आम को गलने तक पकने दें। अगर पानी कम पड़ रहा हो, तो थोड़ा और डाल सकते हैं। लौंजी रसदार सब्जी की तरह रसदार बनती है। जब आम अच्छी तरह पक कर गलने लगे, तो उसमें एक छोटा चम्मच चाट मसाला डालें और आंच बंद कर दें। लौंजी तैयार है। सब्जी की जगह इसका उपयोग कर सकते हैं।

आम और हरी मिर्च
चटनी के लिए तो कच्चे आम का उपयोग सभी करते हैं, पर आप इसकी सब्जी भी बना कर खाएं, बहुत स्वादिष्ट होती है। इसे बनाना भी बहुत आसान है।

चार-पांच मध्यम आकार के कच्चे आम लें। उनका छिलका उतार कर पतली-पतली कतरनों में काट लें। गुठली को फेंक दें। इतनी ही मात्रा में बड़ी मिर्चें लें। बड़े आकार की मिर्चें, जिन्हें सुंदरी मिर्च कहते हैं, इसके लिए उत्तम होती हैं। उनमें बहुत तीखापन भी नहीं होता और खाने में अच्छी होती हैं। इन मिर्चों को बीच से फाड़ कर बीज निकाल दें। इन्हें अलग रखें। फिर दो मध्यम आकार के प्याज लेकर उन्हें लंबा-लंबा काट लें। इन्हें भी अलग रखें। इसमें डालने के लिए गरम तवे पर एक चम्मच सूखा धनिया, एक चम्मच जीरा, एक चम्मच सौंफ और आधा चम्मच मेथी दाना सेंक कर दरदरा कूट लें।

अब एक कड़ाही में दो से चीन चम्मच घी गरम करें। उसमें सिर्फ हींग का तड़का दें और पहले कटे हुए आम को छौंक दें। जब आम थोड़े नरम हो जाएं यानी तीन से चार मिनट बाद प्याज डालें और अच्छी तरह मिलाएं। दो मिनट बाद इसमें कटी हुई मिर्चें डालें और तेज आंच पर चलाते हुए पकाएं। इसी समय जरूरत भर का नमक डालें और चलाते हुए पकाएं। ध्यान रखें कि इसमें प्याज और मिर्चों का कचकचापन तो बना रहे, पर आम पक कर अच्छी तरह नरम हो जाए।

इसलिए कड़ाही को ढकने की जरूरत नहीं होती। आम थोड़ा पानी छोड़ेगा, जब वह पूरी तरह सूख जाए, तो उसमें कुटे हुए मसाले डालें और अच्छी तरह मिला दें। अब आंच बंद कर दें और कड़ाही पर ढक्कन लगा दें, ताकि मसालों की खुशबू सारी सब्जी में फैल जाए। कच्चे आम-हरी मिर्च की सब्जी तैयार है। इसे किसी भी चीज के साथ खा सकते हैं। ये तीनों चीजें एक तरह से अचार का काम करती हैं, सो इन्हें कभी भी परोसा जा सकता है।

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