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बाखबर- आन बान शान और मेहमान

'दावोस में प्रधानमंत्री के भाषण में विदेशी निवेशकों को आमंत्रण बड़ी खबर नहीं बन पाती। खबर की समूची जगह गुंडों ने घेर रखी है! सिर्फ गणतंत्र दिवस की भव्य परेड का सीधा प्रसारण राहत देता है। आसियान देशों के सभी दसों राष्ट्र प्रमुख खास मेहमान हैं।'
Author January 28, 2018 06:04 am
Padmavati Box Office Collection: फिल्म ‘पद्मावत’ में दीपिका पादुकोण। (Photo Source: Instagram)

पदमावत’ रिलीज हो गई। साढ़े चार हजार सिनेमा हॉल हाउस फुल दिखा रहे हैं।
सात राज्यों में ‘फ्रिंज’ का राज है। गुंडों का राज है।
एबीपी चैनल लाइन लगाता है: ‘गुंडों के हवाले देश?’
चैनलों के एंकर चीखते रहते हैं कि सरकारें क्या कर रही हैं। उधर गुंडे मूंछों पर ताव देते रहते हैं और हम देखते रहते हैं!
कट टू अर्णव: आप कायर सेना के चीफ हैं।
करणी सेना के चीफ: आप बकवास सेना के चीफ हैं।
अर्णव: आपके लोग बसों में आग लगाते हैं, बच्चों पर हमला करते हैं, आपको शर्म आनी चाहिए। इसी चैनल पर अभी माफी मांगनी चाहिए!
चीफ: मैं मां पदमावती से माफी मागूंगा।
अर्णव: आपको अभी गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
वीरता बरस रही है। एक समूह की आन बान शान के पीछे सरकारें खड़ी हैं।
शहर में कर्फ्यू है। गुंडों का कर्फ्यू है, सरकारें पीछे खड़ी हैं, गुंडे आगे खड़े हैं। वही खबर बनाते हैं, वही बहसों में आते हैं, वही धमकी देते हैं।
बहसों के आखिरी चरणों में राजपूती आन बान शान हिंदुओं की आन बान शान बना दी गई है।
आह! एक सोया हुआ नेता अचानक जागा है: धर्म और जाति को ठीक से दिखाना चाहिए।

एक मंत्री: इतिहास को तोड़-मरोड़ कर नहीं दिखाना चाहिए। उनसे बात करनी चाहिए।
एक विचारक जी: हिंसा करने का हक किसी को नहीं, किंतु जनभावनाओं का अनादर करने का हक किसी को नहीं!
एक बस के शीशे टूटे हैं। बच्चे बस के फर्श पर बैठे रो रहे हैं। पत्थर बरसाए गए हैं, लेकिन किसने बरसाए किसी को नहीं मालूम।
‘करणी के गुंडों ने बरसाए हैं’- एक एंकर कहता है। करणी वाला कहता है, हमारे लोग नहीं थे, बाहर के होंगे।
ऐसी है अपनी वीरता! ऐसी है कायर आन बान शान!
तीन दिन तक देश गुंडों के हवाले है!
अदालत! हम नहीं मानते। हम जनता पर गोली कैसे चलाएं, बसें जलें तो जलें, सिनेमा टूटता है टूटे, लेकिन आन बान शान वाले हम आपको पदमावत नहीं देखने देंगे! शहर में कर्फ्यू है।
ये जनता की सरकारें हैं या करणी सेना की? संविधान की शपथ की जगह क्या करणी सेना की शपथ ली है। ऐसा ‘सुशासन’ है कि दुशासन भी मात है।
दुश्शासन को कवर करते एंकर केंद्र सरकार से पूछते हैं कि बड़े सरजी आप क्या इसी तरह देखते रहेंगे?
केंद्र मासूमियत से कहता है: कानून-व्यवस्था का मसला राज्य सरकारों का है। हम क्या कर सकते हैं?
एनडीटीवी की निधि राजदान कहती हैं कि एक ओर पीएम देश के विकास को प्रतिश्रुत हैं और इधर यह हाल है कि हिंसा है। ऐसे में निवेशक कैसे आएंगे?
आना है तो तरह-तरह की करणी सेनाओं को नमन करना होगा!
रिपब्लिक एक के बाद एक तीन स्टिंग दिखाता है। सबमें भाजपा के छोटे-बड़े नेता अंदर की बात बोलते हैं। करणी सेना के उत्पात क्यों हो रहे हैं, यह सब पहले से सुनियोजित था। एक नेता तो यहां तक साफ कर देता है कि हम दो हजार उन्नीस का एजंडा सेट कर रहे हैं!
बिल्ली थैले के बाहर है।

देश गुडों के हवाले है! एबीपी का यह शीर्षक एकदम सटीक है!
गुरुग्राम से गुजरात तक, बनारस से बिहार तक गेस्टापो राज है। हमले हैं, धमकी है, आगजनी है, लूट है।
एक मंत्री कहता है कि सिर्फ एक हलवाई की दुकान लुटी है!
एक चैनल में एक रिपोर्टर एक आम आदमी से पूछती है, तो वह असल बात बताता है कि यह सब वोटों की राजनीति के लिए हो रहा है।
स्टिंग वाले नेता भी तो यही कह रहे थे कि एजंडा सेट किया जा रहा है। इस हाहाकारी हिंसा में चैनल अपने पुनीत कर्तव्य के धंधे को नहीं भूलते।
एक चैनल अंग्रेजी में ‘जनता’ का ‘अप्रूवल’ लेकर आया है कि दो हजार उन्नीस में किसे कितनी सीटें मिलेंगी। एक पोलस्टर जोर-जोर से बताने लगता है कि एक ही दल है, जिसे मिलेंगी और पहले से ज्यादा मिलेंगी। एंकर खुशी से हिलने लगता है: अरे यही तो हम कह रहे थे।
एक हिंदी चैनल भी देश के मूड को बता रहा है कि उसके पोल के अनुसार वही दल जीतेगा। वही दल जीतेगा। एक और अंग्रेजी चैनल देश के मूड को भांपने में लगा है और पोल के आधर पर कहता है कि पॉपूलरिटी तो है, लेकिन कुछ-कुछ गिरने लगी है।
दावोस में प्रधानमंत्री के भाषण में विदेशी निवेशकों को आमंत्रण बड़ी खबर नहीं बन पाती। खबर की समूची जगह गुंडों ने घेर रखी है!
सिर्फ गणतंत्र दिवस की भव्य परेड का सीधा प्रसारण राहत देता है। आसियान देशों के सभी दसों राष्ट्र प्रमुख खास मेहमान हैं। देश की बढ़ती ग्लोबल कीर्ति पर एंकर बम-बम हैं। लेकिन इसमें भी विवादी खबर पलक्कड़ में मोहन भागवत के ‘झंडारोहण’ की है और परेड में राहुल को आगे सीट न दिए जाने की है!

 

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  1. Mahesh Sharma
    Jan 28, 2018 at 2:44 pm
    Biography of Padmavati in Hindi : /2njJaxE
    (2)(0)
    Reply