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बाखबर- दादी मां के नुस्खे

एक चैनल लालू के पीछे पड़ा है। एक ‘डॉक्टर डैथ’ के पीछे लगा है। एक माल्या को धर लेने के लिए अड़ा है। अगर इंग्लैंड माल्या को नहीं सौंपता, तो हमें इंग्लैड से संबंध खत्म कर लेने चाहिए! ऐसी लाइन भी देता है।

Vijay Mallya, Vijay Mallya case, Vijay Mallya new case, Legal Battle, Legal Battle of Vijay Mallya, liquor tycoon, liquor tycoon of india, liquor tycoon Vijay Mallya, Kingfisher Airlines, Kingfisher Airlines case, Business newsविजय माल्या पिछले साल भारत छोड़कर लंदन चले गए थे। (फाइल फोटो)

एक चैनल लालू के पीछे पड़ा है। एक ‘डॉक्टर डैथ’ के पीछे लगा है। एक माल्या को धर लेने के लिए अड़ा है। अगर इंग्लैंड माल्या को नहीं सौंपता, तो हमें इंग्लैड से संबंध खत्म कर लेने चाहिए! ऐसी लाइन भी देता है। एक तमिलनाडु में एमएलएज की सेल के रेट दिखा-दिखा कर चिल्ला रहा है कि क्या टेंटेड एमएलए राष्ट्रपति चुनेंगे?
एक चैनल सलमान को कोस रहा है। पूछ रहा है कि वे देश के साथ हैं कि पाक के साथ। सलमान ने कह दिया कि जो लोग युद्ध का आदेश देते हैं उनको वहां जाकर लड़ना चाहिए। सलमान की बात देशभक्त चैनलों के कलेजे पर लगी, सो बहस बरपा हो गई। एक अंगरेजी चैनल की सबसे ज्यादा चीखने वाली एंकर चीखने लगी कि लगता है सलमान रिलीज होने वाली अपनी फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ का प्रोमो कर रहे हैं। अगर वे प्रोमो कर रहे हैं, तो मदाम आप क्यों बहस करा रही हैं, सलमान को दिखा रही हैं? प्रोमो के खेल तो में लगता है चैनल भी शामिल रहते हैं! एक अंगरेजी चैनल है, जिसके एंकरों के लिए कांग्रेस अब भी शासक पार्टी है, सो कांग्रेस की ठुकाई का कोई अवसर नहीं छोड़ा जाता। एनरॉन की मरी कहानी को जीवित करके ही कांग्रेस एक बार फिर ठोक ली गई। ज्यों ही नानी को देखने जाने की राहुल की खबर टूटी, त्यों ही राहुल की खिल्ली उड़ाई जाने लगी। अरे भाई आपकी नानी न हो, उसकी है और उसे देखने जाने का हक तो दो! भाजपा प्रवक्ता जुटे। कहने लगे मंदसौर में फोटो खिंचवा के निकल लिए। एक पार्टी का उपाध्यक्ष कितना गैर-जिम्मेदार है? पार्टी गर्त में जा रही है, वे बाहर चले जाते हैं! हाय! विपक्ष की चिंता में अपना सत्ता पक्ष कैसा तो घुला जा रहा है!

अमित शाहजी का आभार कि उन्होंने ‘गांधी चतुर बनिया थे’ कह कर जनता की जनरल नॉलेज में इजाफा किया। कांग्रेस फिर ‘टैÑप’ में और अमित शाहजी से कहने लगी कि माफी मांगें! चैनलों की चतुराई देखिए कि इस बड़ी चर्चा को विषय नहीं बनने दिया! मगर अपने भैया संदीप दीक्षित का जवाब नहीं कि खबर में छाए भी तो धिक्कृत होकर!यों आजकल खबर में छाने का यही तरीका बचा है। संदीपजी ने जाने किस धुन में सेना के चीफ पर दे मारा यह जुमला कि वे सड़क के गुंडे की तरह बोलते हैं! देशभक्त एंकर और रिटायर्ड सेनाधिकारी इस अपराध को कैसे सहते? सो, धांय धांय करने लगे। एंकरों ने लाइन दी कि ये तो पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं! राहुल ने ही कांग्रेस की लाज संभाली कि सेना के खिलाफ ऐसी बातें कांग्रेसी लोग न किया करें! तब एंकर उन पर पिल पड़े। एंकरों को किसी न किसी पर पिलना होता है। जो हाथ लग जाए, सो ठीक, राहुल हों तो और भी ठीक!  टीआरपी बढ़ाने का एक फार्मूला एक नए अंगरेजी चैनल ने दिया: पहले आप विपक्ष के किसी बड़े नेता को पूरे दिन लक्ष्य बनाएं। फिर उसके मुंह में अपने रिपोर्टर से तब तक गनमाइक ठुंसवाते रहें, जब तक कि वह अपना धैर्य खोकर भड़क न जाए और ज्यों ही वह भड़का त्यों ही टीआरपी का मसाला आपको मिला। अगर गुस्से में कुछ कह दे, जरा धक्का दे दे, तोआपकी पौ बारह! ‘हाय हाय’ कहते आप सीधे नंबर वन पर! लालू के पीछे पड़े रहने वाले चैनल के रिपोर्टरों ने यही किया। पहले लालू बड़े धैर्य से रिपोर्टरों के बदतमीजी भरे सवालों का जवाब देते रहे। तब भी रिपोर्टर वही वही सवाल दागते रहे, तो चिढ़ कर बोले कि तुम वही वही पूछते हो… लेकिन रिपोर्टर फिर भी नहीं टले और फिर से गनमाइक ठूंसने लगे। अचानक लालू भड़क उठे। कह उठे कि देंगे घुमाय के नाचते रहोगे। फिर एक सीन में उनके बाउंसर ने एक रिपोर्टर को ‘हफ’ कह कर डांटा तो शुरू हो गई हाय हाय! गनमाइक ठंूस कर व्यक्ति को तंग करके, उकसा के खबर बनाना कौन-सी पत्रकारिता है भाई? क्या किसी को खामोश रहने का हक नहीं है? क्या आप जबरिया माइक ठूसेंगे और ना कहने पर धिक्कारेंगे?

सबसे आदर्श बातें और कुछ दिलचस्प चर्चाएं आयुष मंत्रालय के सौजन्य से नसीब हुर्इं। नई जारी एडवाइजरी कहती थी कि गर्भवती महिला को ‘नो मीट, नो सेक्स, नो लस्ट’। चैनल ले उड़े। अपने चैनल कितने भी देशभक्त दिखें, मंत्रालय की एडवाइजरी की कुटाई करने-कराने से नहीं हिचके! इंडिया टुडे की पद्मजा से लेकर सीएनएन की भोंसले तक ने आयुष-उपदेशों की जम कर धुनाई करवाई। एक चर्चा में एक आयुर्वेदाचार्य कहने लगे कि मन के तीन तत्त्व हैं सत, रज, तम। सात्विक भोजन से गर्भवती का बच्चा सात्विक गुणों वाला होगा, तामसिक से तामसिक वृत्ति वाला और राजसिक से राजसी वृत्ति वाला! जब पूछा कि क्या गारंटी है? तो जवाब आया कि दादी-नानी की कहानियों में ये बातें आती हैं। यानी दादी-नानी के नुस्खे हैं। सीएनएन न्यूज की बहस में एक डॉक्टरनी बोलीं कि चलो गर्भवती सेक्स करे न करे, लेकिन वह ‘डिजायर’ से भी दूर रहे, यह कैसे हो सकता है? सब कुछ हो सकता है! दादी-नानी के नुस्खे जो ठहरे! एमपी का किसान आंदोलन महापंचायत करता हुआ दिल्ली के जंतर मंतर पर दस्तक दे रहा है, लेकिन एक चैनल के अलावा किसी ने उसे कवर नहीं किया है। जब कुछ हो जाएगा तब देखेंगे, वरना चैनलों के लिए किसान क्या बेचता है?

 

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