दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को श्रमिकों के लिए कई कल्याणकारी उपायों की घोषणा की, जिनमें ‘लेबर चौक’ पर मोबाइल स्वास्थ्य सुविधाएं स्थापित करना, श्रमिकों की बेटियों के लिए सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करना और उन्हें सीधी वित्तीय सहायता प्रदान करना शामिल है। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर धीरपुर में संत निरंकारी अस्पताल के निर्माण स्थल पर निर्माण श्रमिकों के साथ बातचीत करते हुए गुप्ता ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार श्रमिकों को उनके बच्चों की शिक्षा और विवाह के लिए भी सहायता प्रदान करना चाहती है। उन्होंने श्रमिकों से आग्रह किया कि वे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए दिल्ली भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराएं।

रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य श्रमिकों पर आर्थिक बोझ कम करना और उन्हें अधिक से अधिक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि इसी के तहत दिल्ली के पंजीकृत भवन एवं निर्माण श्रमिकों के लिए पंजीकरण शुल्क 20 रुपये और नवीनीकरण शुल्क पांच रुपये को पूरी तरह माफ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम विभाग श्रमिकों के पंजीकरण के लिए ‘लेबर चौक’ पर विशेष कैंप आयोजित करेगा। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला श्रमिकों को जल्द ही मानदेय प्रदान किया जाएगा।

श्रमिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए विशेष मोबाइल वैन तैयार की जा रहीं

रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार निर्माण स्थलों और ‘लेबर चौक’ पर श्रमिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए विशेष मोबाइल वैन तैयार कर रही है। उन्होंने बताया, “श्रमिकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए आधुनिक ‘लेबर चौक’ और ‘श्रमिक सेवा केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के जरिये मोबाइल वैन सीधे श्रमिकों तक सेवाएं पहुंचाएंगी। ‘श्रमिक सेवा केंद्र’ पर पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, प्राथमिक उपचार, रोजगार के अवसर, कौशल विकास और शिकायत निवारण जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।”

New Delhi: Delhi Chief Minister Rekha Gupta takes a selfie with workers during the International Labour Day event as she visits the Sant Nirankari Hospital construction site, at Dhirpur, in New Delhi, Friday, May 1, 2026. (PTI Photo)(PTI05_01_2026_000025B)

मुख्यमंत्री ने कहा, “इससे श्रमिकों को लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा और सेवाएं अधिक पारदर्शी व आसान बनेंगी।” गुप्ता ने श्रमिकों की बेटियों के लिए ‘सामूहिक विवाह योजना’ शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र जोड़े को आर्थिक सहायता दी जाएगी और विवाह समारोह के लिए टेंट, भोजन और अन्य सभी जरूरी व्यवस्थाओं का खर्च सरकार उठाएगी।

उन्होंने घोषणा की कि श्रमिकों की बेटियों के लिए हर साल दो सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान गुप्ता ने ‘रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल)’ योजना के तहत एक व्यापक कौशल विकास कार्यक्रम की शुरुआत की। इस पहल के तहत हर साल लगभग 35,000 श्रमिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें प्रत्येक बैच में कम से कम 20 श्रमिक शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री ने 1,000 निर्माण श्रमिकों को सुरक्षा किट बांटी

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने 1,000 निर्माण श्रमिकों को सुरक्षा किट बांटी। एक बयान के मुताबिक, सुरक्षा किट में हेलमेट, दस्ताने, मास्क, ‘रिफ्लेक्टिव जैकेट’ और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने निर्माण श्रमिकों के परिवारों से जुड़े 100 बच्चों को शिक्षा किट प्रदान की, जिनमें स्कूल बैग, किताबें, स्टेशनरी, शैक्षणिक सामग्री और जरूरी शिक्षण उपकरण शामिल हैं।

श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि श्रमिकों के पंजीकरण के लिए पोर्टल कई वर्षों से बंद पड़ा था, जिसे अब बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले श्रम कल्याण बोर्ड की योजनाओं के बारे में कोई नहीं जानता था, लेकिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन में विभिन्न कल्याणकारी पहल शुरू की गई हैं। मिश्रा ने कहा कि प्रदूषण के कारण निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगने के दौरान सरकार ने पंजीकृत श्रमिकों को 10-10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की थी।