मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संविधान संशोधन के जरिए महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाई लेकिन कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने उनके हक की चोरी की और इसके लिए देश की आधी आबादी उन्हें माफ नहीं करेगी।

उन्होंने विपक्षी दल कांग्रेस की मौजूदा स्थिति में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग को चुनौती देते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को कोई भी परिसीमन के संशोधन के बिना पास नहीं कर सकता।

मुख्यमंत्री यादव, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार द्वारा बुलाए गए विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री के जवाब के बाद यह संकल्प पारित हो गया। हालांकि इससे ठीक पहले कांग्रेस के सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए। इससे पहले, सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर कांग्रेस ने पार्टी की ओर से पेश महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग वाले एक निजी विधेयक पर पहले चर्चा कराने की मांग की लेकिन अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इसे अस्वीकार कर दिया।

इसके विरोध में कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया। हालांकि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का सरकारी संकल्प ध्वनिमत से पारित हो गया। मुख्यमंत्री ने संकल्प में चर्चा के दौरान कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि आधी आबादी का आरक्षण रोककर कांग्रेस ने उनका गला घोटा और पाप किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नकारात्मकता ऐसी रही है कि वह पक्ष में और विपक्ष में रहते हुए महिला आरक्षण का विरोध करती रही है। उन्होंने कहा, “कांग्रेसी गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं। इससे तो गिरगिट भी शरमा जाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को कोई भी परिसीमन के संशोधन के बिना पास नहीं कर सकता है।”