फतेहपुर की घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
याचिका में दावा किया गया है कि झूठे मामलों के कारण निर्दोष नागरिक आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। बीएनएसएस की धारा 215 लोक सेवकों के वैधानिक अधिकार की अवहेलना, सार्वजनिक न्याय के विरुद्ध अपराधों और साक्ष्य के रूप में दिए गए दस्तावेजों से संबंधित अपराधों के लिए अभियोजन से संबंधित है।