इजरायल-ईरान युद्ध: सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, भारत के इन 4 सेक्टरों पर भी भारी पड़ेगा संकट
पश्चिम एशिया में युद्ध भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि यह क्षेत्र कच्चे माल का एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता है। स्टील, उर्वरक, सीमेंट और बिजली पारेषण जैसे उद्योग कच्चे माल के लिए इस क्षेत्र पर निर्भर हैं। युद्ध के कारण आपूर्ति बाधित होने की आशंका है, जिससे इन उद्योगों पर असर पड़ेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की संभावना वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति संकट को बढ़ा सकती है।