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Toofan, Movie Review: तेज नहीं फरहान अख्तर का ‘तूफान’, सलमान की ‘सुल्तान’ को देना चाहता था टक्कर!

Toofan, Movie Review: अगर ये फिल्म सिर्फ़ बॉक्सिंग पर केंद्रित होती शायद ज्यादा अच्छी होती। लेकिन निर्देशक की आकांक्षा बड़ी थी। सलमान खान की `सुल्तान’ को मात देने की। दिक्कत यही से शुरू हो गई।

फिल्म तूफान के पोस्टर में फरहान अख्तर

Toofan, Movie Review, Ratings: नाम कुछ भी रख लें उससे काम बन ही जाए ये जरूरी नहीं। निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने `तूफान’ नाम की फिल्म तो बना ली लेकिन फिल्म प्रेमियों के दिल में देर तक टिकनेवाला तूफान नहीं है। वजह ये है कि ब़ॉक्सिंग और अंतर्धामिक प्रेम और विवाह के मसले को मिलाने की कोशिश सफल नहीं हुई है।

अगर ये फिल्म सिर्फ़ बॉक्सिंग पर केंद्रित होती शायद ज्यादा अच्छी होती। लेकिन निर्देशक की आकांक्षा बड़ी थी। सलमान खान की `सुल्तान’ को मात देने की। दिक्कत यही से शुरू हो गई। `तूफान’ भी स्पोर्ट्स बेस्ड फिल्म`सुल्तान’ की तरह एक बॉक्सर की कहानी है जिसका नाम है अज्जू (फरहान अख्तर)। अज्जू मुंबई में रहनेवाला मवाली किस्म का शख्स है जो एक भाई के लिए काम करता है। वसूली उगाही आदि का।

हालांकि अच्छे दिल का है लेकिन fस धंधे में उसमें उसे लोगों को कूटना भी पड़ता है। इस चक्कर में कभी कभी उसकी भी कुटाई हो जाती है। फिर एक दिन जब उसकी कुटाई हो जाती है तो वह अस्पताल पहुंच जाता है। वहां अनन्या (मृणाल ठाकुर) नाम की एक डॉक्टर उसको हड़काती है। फिर हालात ऐसे बनते हैं अनन्या उस पर लट्टू हो जाती है। इसके बाद अज्जू नाना प्रभु नाम के बॉक्सिंग कोच से बॉक्सिंग सीखना शुरू कर देता है।

हालांकि नाना प्रभु बजरंग बली का भक्त है और मुसलमानों को खास पसंद नही करता। लेकिन उसका दिल पिघलता है, आगे चलकर ये पिघला हुआ दिल फिर पत्थर बन जाता है कि अज्जू तो उसकी बेटी से इश्क करता है। जी हां, अनन्या नाना प्रभु की बेटी है। यानी `लव जिहाद’ जैसा मामला आ जाता है।

अज्जू बॉक्सर तो बन जाता है लेकिन क्या अनन्या उसकी होगी और आगे चलकर उसकी बॉक्सिंग का क्या होगा? ऐसे ही पेचों के साथ कहानी आगे बढ़ती जाती है और इतनी ज्यादा आगे बढ़ती है कि पौने तीन घंटे के बाद खत्म होती है। तब तक मोबाइल पकड़े या ल़ैपटॉप पर फिंल्म देखते दर्शक थक चुका होता है। (फिल्म अमेजन पर रिलीज हुई है।)

फिल्म में सात गाने हैं और इनमें ज्यातातऱ भर्ती के हैं। निर्देशक की इच्छा रही होगी कि फरहान को रोमांटिक हीरो के तौर पर भी पेश किया जाए। बॉक्सर के रूप में फरहान जमें हैं और इसके लिए उन्होंने मेहनत भी काफी की है। लेकिन रोमांटिक हीरो का खिताब जीतना उनके लिए मुश्किल हैं। जहां जहां बॉक्सिंग के संबंधित दृश्य हैं फिल्म अपना चुबंकत्व बनाए रखती है। वैसे मृणाल ठाकुर आकर्षक लगी हैं और जहां तक परेश रावल का सवाल है वे बॉक्सिंग कोच के रूप में धांसू लगे हैं।

तूफान (21/2*)
निर्देशक- राकेश ओम प्रकाश मेहरा
कलाकार- फरहान अख्तर, परेश रावल, मृणाल ठाकुर, विजय राज, दर्शन कुमार, मोहन अगाशे।

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