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Student Of The Year 2 Movie Review: जवानी के जोश और जीत के जुनून से भरपूर है टाइगर-तारा और अनन्या की Student Of The Year 2

Student Of The Year 2 Movie Review: तारा सुतारिया, टाइगर श्रॉफ और अनन्या पांडे की फिल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2 की लोगों के बीच जबरदस्त चर्चा है। फिल्म कई ट्विस्ट एंड टर्न्स से भरपूर है।

Student Of The Year 2 Movie Review: टाइगर श्रॉफ की फिल्म का एक पोस्टर।

Student Of The Year 2 Movie Review: जिनको भी ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ का इंतजार होगा, उनको दो उत्सुकताएं जरूर होंगी। एक तो यह कि अपने टाइगर श्रॉफ इस फिल्म में छात्र की भूमिका में कैसे लगेंगे? ऐसे लोगों के लिए यह अच्छी खबर है कि टाइगर झकास स्टूडेंट लगे हैं।

दूसरी उत्सुकता उनकी होगी, जिनको यह मालूम होगा कि इस फिल्म से बॉलीवुड में पहली बार कदम रखने वाली अनन्या पांडे अभिनेता चंकी पांडे की बेटी हैं। उनको लेकर भी एक कौतुहल था कि क्या वे अपने को साबित कर पाएंगी? इसका जवाब भी हां में ही है। पर शुरू में यह बता देना भी जरूरी होगा कि ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ एक कॉलेजियाई ड्रामा तो है ही, साथ ही ये स्पोर्ट्स फिल्म भी है। शायद ये पहली फिल्म है जो कबड्डी को इतने विस्तार से दिखाती है। फिल्म की कहानी देहरादून के सेंट टेरेसा कॉलेज को लेकर है। इस कॉलेज में कोई लड़का या लड़की कभी पढ़ते-लिखते नहीं दिखते। यहां कोई अध्यापक भी नहीं दिखता है। रोहन (टाइगर श्रॉफ) भी इसी कॉलेज में पहुंचना चाहता है क्योंकि बचपन की उसकी गर्लफ्रेंड मिया उर्फ मृदुला (तारा सुतारिया) भी यहीं पढ़ती है। एक स्कॉलरशिप के सहारे रोहन को यहां प्रवेश तो मिल जाता है लेकिन उसका सामना होता है एक नकचढ़ी किस्म की लड़की श्रेया (अनन्या) और उसके भाई मानव (आदित्य सील) से। आदित्य इस कॉलेज में हर साल ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ का खिताब जीतता है और खेलकूद में माहिर है। वो एक धनी बाप का बिगड़ैल बेटा जैसा है। रोहन की प्रेमिका मिया मानव के पास चली जाती है और श्रेया का दिल रोहन की तरफ खिंचता जाता है। अब क्या होगा? क्या मिया यानी मृदुला फिर से रोहन के पास आएगी या श्रेया ही उसकी नई गर्लफेंड बनेगी? यह भी कि कॉलेज का नया ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ कौन होगा? मानव या रोहन?

फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि कबड्डी की प्रतियोगिता जीतने के लिए जंग जीतने का हौसला चाहिए और फौजी बनने जैसा जबर्दस्त प्रशिक्षण भी। आदित्य सील ने जानदार खलनायक सा किरदार निभाया है। ऐसा किरदार जिसे सामने आते ही दर्शकों को लगता है – काश हीरो इसका थोबड़ा जल्द से जल्द तोड़े। फिल्म में हंसी-मजाक भी भरपूर है। हां, करण जौहर की फिल्म में समलैंगिता का संकेत न हो यह तो हो नहीं सकता। तो यहां स्त्री समलैंगिकता की तरफ इशारा करनेवाला एक सीन भी है। बस यह फिल्म पारिवारिक ड्रामा नहीं है।

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