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Baaghi 3 Movie Review: दमदार एक्शन से भरपूर है टाइगर श्रॉफ की ‘बागी 3’, भाई को बचाने के लिए एक्टर ने की सारी हदें पार

Baaghi 3 Movie Review: बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ एक दमदार एक्शन हीरो के रूप में पहले ही उभर चुके हैं। बागी 3 (Baaghi 3) में वे अपने इस पहलू को एक और नई बुलंदी पर ले गए हैं और...

दमदार एक्शन से भरपूर है टाइगर श्रॉफ की बागी 3

Baaghi 3 Movie Review, Rating Updates: ये एक धांसू किस्म की एक्शन फिल्म है। टाइगर श्रॉफ एक दमदार एक्शन हीरो के रूप में पहले ही उभर चुके हैं। इस नई फिल्म में वे अपने इस पहलू को एक और नई बुलंदी पर ले गए हैं और तीन तीन खलनायकों को धूल चटाते नजर आते हैं। इनमें दो तो विदेशी हैं और एक देसी। इस फिल्म में ऐसे ऐसे एक्शन सीक्वेंस हैं जो दर्शकों को अविश्वसनीय लग सकते है। लेकिन उनमें मनोरंजन भरपूर है।

जहां तक कहानी का मामला है ‘बागी 3’ में कई तरह के झोल है और इसी वजह से इसका जज्बाती पहलू कमजोर हो गया। दूसरे शब्दों में कहें तो फिल्म में मारपीट और धूम धड़ाम तो जबरदस्त है लेकिन दिल को छूने वाले लम्हे कम हैं। दो भाई हैं – रॉनी (टाइगर श्रॉफ ) और विक्रम ( रितेश देशमुख )। रॉनी छोटा है और विक्रम बड़ा। पर दोनों के पिता (जिसकी भूमिका जैकी श्रॉफ ने निभाई है) ने रॉनी पर ही जिम्मेदारी सौंपी थी कि अपने बड़े भाई का खयाल रखे।

बड़ा होकर विक्रम आगरा शहर में पुलिस में भर्ती हो जाता है। फिर हालात ऐसे बनते है कि विक्रम को सीरिया जाना पड़ता है जहां एक आतंकवादी ग्रुप उसका अपहरण कर लेता है। अब तो रॉनी को गुस्सा आ जाता है। उसे सीरिया जाना पड़ता है जहां न सिर्फ उसे आतंकवादियों को नेस्तनाबूद करना है बल्कि अपने भाई को भी छुड़ाना है। रॉनी ऐसा करेगा और सिर्फ अपने बूते सारे आतंकवादियों के छक्के छुड़ा देगा। वो सीरिया में ऐसी तबाही मचाता है कि पूछिए मत।

फिल्म पूरी तरह से टाइगर श्रॉफ के कंधे पर टिकी है। रॉनी के रूप में टाइगर कुछ कुछ सलमान खान वाले किरदार टाइगर की तरह दिखते हैं। यानी उनका एक्शन पर पूरी तरह से टाइगर नहीं बल्कि सलमान खान हावी रहे हैं। एक कंप्लीट एक्शन हीरो के रूप में दिखाने के चक्कर में श्रद्धा कपूर की भूमिका उभर नहीं पाई है। फिल्म के आधे हिस्से में तो वो लगभग नहीं के बराबर है। विक्रम की भूमिका में रितेश की भूमिका कुछ स्थलों पर अबूझ हो गई है। उनके चरित्र में कई तरह की असंगतियां है।

सीरिया में मुख्य खलनायक की भूमिका इस्राइली कलाकार जमील खौर ने निभाई है। उसमें एक खास किस्म का डरावानपन है। इस फिल्म में भारतीय में खलनायक की भूमिका में जयदीप अहलावत हैं। उनका किरदार रहस्य में लिपटा हुआ है। वो रहस्य देर से उजागर होता है। अंकिता लोखंडे ने विक्रम की पत्नी की भूमिका निभाई है। फिल्म का एक गाना ‘दस बहाने ‘ पुरानी फिल्म ‘दस’ से लिया गया है। इस गाने में नयापन और पुरानापन दोनों मौजूद हैं। यही इसका आकर्षण है।

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