रत्न ज्योतिष अनुसार पुखराज धारण करने से धन-दौलत में होती है वृद्धि, लेकिन इन राशियों को ये बिल्कुल भी नहीं करता सूट

Yellow Sapphire Stone Benefits: ज्योतिष अनुसार अगर बृहस्पति ग्रह कुंडली में मजबूत स्थिति में हो तो इससे व्यक्ति को सारे सुख प्राप्त होते हैं। पुखराज अगर सूट कर जाए तो इससे जीवन में समृद्धि और खुशहाली आती है।

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मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन राशि के जातक इस रत्न को धारण कर सकते हैं।

Pukhraj Stone Benefits: पीले रंग का पुखराज रत्न सबसे कीमती रत्नों में आता है। बृहस्पति ग्रह के शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए इस रत्न को धारण करने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष अनुसार अगर बृहस्पति ग्रह कुंडली में मजबूत स्थिति में हो तो इससे व्यक्ति को सारे सुख प्राप्त होते हैं। पुखराज अगर सूट कर जाए तो इससे जीवन में समृद्धि और खुशहाली आती है। जानिए पुखराज धारण करने के और क्या हैं लाभ, किन्हें ये करता है सूट और किनके लिए हो सकता है खतरनाक।

पुखराज रत्न के लाभ: इस रत्न को धारण करने से बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है। व्यक्ति अपने लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर लेता है। ये रत्न दिमाग को शांति प्रदान करता है और व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता दिलाने का काम करता है। जिन लड़कियों के विवाह में देरी हो रही हो उन्हें भी ये रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है। पुखराज रत्न पहनने से वैवाहिक जीवन में भी खुशहाली बनी रहती है। लेकिन इस रत्न को धारण करने से पहले ज्योतिषी से परामर्श जरूर ले लेना चाहिए। अल्सर, पेचिस, गठिया, हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए ये रत्न लाभकारी माना जाता है।

किन्हें करना चाहिए धारण: मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन राशि के जातक इस रत्न को धारण कर सकते हैं। खासतौर से ये रत्न धनु और मीन वालों के लिए लाभकारी माना जाता है। वहीं वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों को पुखराज धारण नहीं करना चाहिए। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें पुखराज कभी भी पन्ना, हीरा, गोमेद, नीलम और लहसुनिया के साथ नहीं पहनना चाहिए। (यह भी पढ़ें- 4 साल मेष, कन्या समेत इन 4 राशियों पर नहीं पड़ेगी शनि की बुरी नजर, देखें क्या आपकी राशि भी इसमें शामिल है?)

पुखराज रत्न धारण करने की विधि: पुखराज रत्न कम से कम 3.25 कैरेट का होना चाहिए। इसे सोने या चांदी की अंगूठी में जड़वाकर पहनना चाहिए। अंगूठी पहनने से पहले उसे गंगाजल या दूध में डुबोकर शुद्ध कर लेना चाहिए। फिर गुरुवार के दिन इस अंगूठी को दाएं हाथ की तर्जनी उंगली में धारण कर लें। पुखराज रत्न का प्रभाव 3 सालों तक रहता है। इसके बाद नया पुखराज धारण कर लें। (यह भी पढ़ें- ज्योतिष अनुसार इन 4 राशि के लड़कों को एक से अधिक बार होता है प्यार, इनके प्रेम संबंध नहीं रहते स्थायी)

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