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इस तरीके से करें नए वाहन की पूजा, माना जाता है शुभ

ज्योतिषियों का कहना है कि स्वस्तिक का निशान बनाने से सकारात्मक ऊर्जा आती है।

वाहन की कर्पूर से आरती करें और कर्पूर की राख से वाहन पर तिलक लगा दें। (सांकेतिक फोटो )

ज्योतिषियों का कहना है कि अगर आप कोई नया वाहन खरीदते हैं तो उसका पूजन अवश्य करना चाहिए। नये वाहन के पूजन के बाद ही वाहन चलाना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं तो इसे शुभ माना जाता है। वाहन की पूजा के लिए कर्पूर, नारियल, फूलमाला, जल का कलश, गुड़ या मिठाई, कलावा, सिंदूर घी मिश्रित सामग्री खरीद लें। ज्योतिषियों के मुताबिक घर में नए वाहन के प्रवेश से पहले आम के पत्ते से तीन बार गंगा जल छिड़के। अगर घर में गंगा जल नहीं है तो ताजा जल का इस्तेमाल करें। जल का छिड़काव करने के बाद वाहन पर सिन्दूर व धी के तेल के मिश्रण से स्वस्तिक का निशान बना दें।

शास्त्रों में स्वस्तिक का बहुत महत्व बताया गया है। इसे वाहन पर लगाने को शुभ माना जाता है। ज्योतिषियों का कहना है कि स्वस्तिक का निशान बनाने से सकारात्मक ऊर्जा आती है। कहा जाता है कि स्वस्तिक का निशान बनाने से यात्रा में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आता। स्वस्तिक का निशान बनाने के बाद वाहन को फूलमाला पहनाएं और वाहन पर तीन बार कलावा लपेट दें। ज्योतिषियों का मानना है कि कलावा रक्षासूत्र होता है, जो हमारे वाहन की रक्षा करता है।

घर के बाहर वाहन की कर्पूर से आरती करें और कर्पूर की राख से वाहन पर तिलक लगा दें। राख का तिलक वाहन को नजरदोष से बचाता है। इसके बाद कलश में रखे जल को दाएं-बाएं डाले दें। कहा जाता है कि ऐसा करने से वाहन के लिए स्वागत का भाव प्रदर्शित होता है। अब अपने वाहन पर मिठाई रख दें और पूजा के बाद इस मिठाई को गाय को खिला दें।

ज्योतिषियों का कहना है कि एक नारियल लेकर वाहन के चारों ओर सात बार चक्कर लगाएं और नारियल को वाहन के सामने फोड़े। ध्यान रहे जब भी वाहन को पहली बार स्टार्ट करें तो वाहन को इसी के ऊपर से चलाएं। अगर हो सके तो वाहन के लिए पीली कौड़ी लें और इसे काले धोगे में पिरो लें। बुधवार के दिन काले धागे वाली कौड़ी को अपने वाहन पर लटका दें। ज्योतिषियों का कहना है कि ऐसा करने से वाहन की रक्षा होती है।

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