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गणेश जी की पूजा में क्यों चढ़ाए जाते हैं पत्ते, जानिए

बुधवार के दिन गणेश जी को पत्ते अर्पित करना बहुत ही शुभ माना गया है। इसके साथ ही चतुर्थी की तिथि को भी गणपति बाप्पा को पत्ते अर्पित करना सही रहता है।

Author नई दिल्ली | July 30, 2018 8:14 PM
पत्तियों से बने गणेश जी।

गणेश जी की पूजा में आपने पत्तों का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गणपति की पूजा में आखिर पत्तों का इस्तेमाल क्यों किया जाता है? बता दें कि गणेश जी को विघ्नविनाशक भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि गणेश जी प्रसन्न होने पर अपने भक्त की सारी बाधाओं को दूर कर देते हैं। इसके साथ ही गणेश जी की पूजा से कुंडली में ग्रहदोष दूर होने की भी मान्यता है। कहते हैं कि गणेश जी की पूजा करना बहुत ही आसान है। केवल पत्तों से भी गणेश की पूजा की जा सकती है। ऐसा भी कहा जाता है कि अलग-अलग पत्तों से गणपति की पूजा करने से अलग-अलग लाभ प्राप्त होता है। चलिए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

कहते हैं कि पूजा में इस्तेमाल होने वाले पत्तों का महत्व मिठाई, दूर्वा और फूल से भी बढ़कर है। प्रत्येक पत्ते का अपना अलग रंग और सुगंध होती है। कहते हैं कि ये सभी पत्ते कुंडली में अलग-अलग ग्रहों की दशा को मजबूत करते हैं। इसके साथ ही इन अलग-अलग पत्तों को गणेश जी को अर्पित करने की अलग-अलग विधि भी बताई गई है। बुधवार के दिन गणेश जी को पत्ते अर्पित करना बहुत ही शुभ माना गया है। इसके साथ ही चतुर्थी की तिथि को भी गणपति बाप्पा को पत्ते अर्पित करना सही रहता है।

मालूम हो कि गणेश जी को पत्ते चढ़ाने से पहले स्नान कर लेना जरूरी बताया गया है। इसके बाद गणेश जी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं। इसके बाद उन्हें मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। अब आप अपनी कामना के अनुसार गणेश जी को अलग-अलग पत्ते अर्पित कर सकते हैं। पत्ते अर्पित करते समय इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि एक बार में इनकी संख्या कम से कम नौ हो। बताते हैं कि पूरी श्रद्धाभाव से ऐसा करने पर गणेश जी अपने भक्त की मनोकामनाओं की पूर्ति करते हैं।

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