ताज़ा खबर
 

हिंदू धर्म में नया साल चैत्र महीने से क्यों शुरू होता है, जानिए

चैत्र महीने के पहले दिन से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत भी होती है। इस दिन देशभर में माता दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है।

सांकेतिक तस्वीर।

नए साल की शुरुआत पहली जनवरी से मानी जाती है। ऐसा ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार है। आमतौर पर पहली जनवरी को ही नए साल का सेलिब्रेशन होता है। लेकिन हिंदू धर्म में चैत्र महीने की पहली तारीख से नए साल की शुरुआत मानी गई है। आज हम आपको बताएंगे कि ऐसा क्यों है। हिंदू धर्म में वसंत ऋतु का खास महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के पहले दिन से ही वसंत ऋतु की शुरुआत होती है। श्रीमद्भागवत गीता में भी वंसत ऋुत का उल्लेख किया गया है। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि सभी ऋतुओं में वसंत ऋतु ही उनका स्वरूप है। इस प्रकार से हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों के लिए वसंत ऋतु बहुत ही खास हो जाती है। कहते हैं कि वसंत ऋतु में भगवान श्रीकृष्ण विशेष रूप से अपने भक्तों का कल्याण करते हैं।

भगवान राम का भी चैत्र मास से गहरा कनेक्शन है। चैत्र मास के पहले दिन ही राम जी का राज्यभिषेक हुआ था। इस प्रकार से इसी दिन से अयोध्या में रामराज कायम हुआ था। राम जी ने इसी दिन बाली का वध किया था। दरअसल बाली ने सुग्रीव की पत्नी और राज्य की संपत्ति को हड़प लिया था। इस कारण से प्रभु श्रीराम ने सुग्रीव से अपने बड़े भाई बाली से युद्ध करने को कहा। इस युद्ध के दौरान राम ने छुपकर बाली पर तीर चलाया और वह मारा गया।

चैत्र महीने के पहले दिन से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत भी होती है। इस दिन देशभर में माता दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है। इस पूजा को बहुत ही खास माना गया है। वेद-पुराणों में कहा गया है कि चैत्र मास का पहला दिन बहुत ही शुभ होता है। इस दिन का हर एक पल शुभ फलदायी माना गया है। इसे किसी नए काम की शुरुआत के लिए भी अच्छा माना गया है। इस प्रकार से हिंदू धर्म में चैत्र मास की पहली तारीख की महत्ता को समझा जा सकता है।

Next Stories
1 वास्तु शास्त्र: विवाह में हो रही देरी को खत्म करने के लिए करें ये पांच उपाय!
2 उत्पन्ना एकादशी 2018: जानें इस एकादशी का महत्व और व्रत विधि, इस मुहूर्त पर करें पूजा
3 जानिए क्यों किए जाते हैं रोटी के ये पांच टोटके!
ये पढ़ा क्या?
X