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…आखिर क्‍यों घर में सोने या चांदी की कोई मूर्ति रखना है जरूरी, जान‍िए

हिंदू धर्म में चांदी को बहुत महत्वपूर्ण धातु माना गया है। कहा जाता है कि चांदी भगवान शंकर के नेत्रों से पैदा हुई थी।

सोना-चांदी की मूर्ति को घर में पूजा के लिए इस्तेमाल में लिया जाता है।

ज्योतिषियों का कहना है कि घर में चांदी या सोने से बनी एक मूर्ति जरुर होनी चाहिए। दोनों धातुओं का अपना अलग-अलग महत्व होता है। हमारे ग्रंथों में भी चांदी और सोने से बनी मूर्तियों के महत्व के बारें में बताया गया। ग्रंथों में कहा गया है कि घर में सोने से बनी मूर्ति रखने से घर के सदस्यों की कमजोरी दूर होती है। साथ ही घर में बिमारियां दूर रहती हैं। सोने से बनी मूर्ति बाजार में महंगे दामों पर मिलती है, जिसके कारण हर कोई इसे नहीं खरीद पाता। जो लोग सोने की मूर्ति नहीं खरीद पाते उन लोगों को चांदी से बनी मूर्ति खरीदने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषियों का कहना है कि चांदी भी सोने से समान ही महत्वपूर्ण होती है।

सोना-चांदी की मूर्ति को घर में पूजा के लिए इस्तेमाल में लिया जाता है। जिन लोगों के पास सोने की मूर्ति नहीं होती वो लोग केवल चांदी से बनी धातु का इस्तेमाल कर सकते हैं। कहा जाता है कि चांदी अन्य राशियों के मुकाबले ज्यादा प्रभावशाली होती है। घर में सोने-चांदी के बर्तन रखना शुभ माना जाता है। चांदी के बर्तन घर के वातावरण को अच्छा बनाते हैं। कहा जाता है कि चांदी के बर्तन खाना खाने से ताकत बढ़ती है। घर में चांदी के अलावा तांबे के बर्तन होने चाहिए। लोहे और प्लास्टिक के बर्तनों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इन बर्तनों में खाना खाना सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। चांदी के बर्तन के अलावा घर में पीतल और तांबे के बर्तन रखना भी शुभ माना जाता है।

हिंदू धर्म में चांदी को बहुत महत्वपूर्ण धातु माना गया है। कहा जाता है कि चांदी भगवान शंकर के नेत्रों से पैदा हुई थी। जिस घर में चांदी होती है, उस घर में सुख और संपन्नता आती है। चांदी का संबंध चंद्रमा और शुक्र से होता है। जिन लोगों को शुक्र और चंद्रमा कमजोर होता है उन्हें चांदी धारण करने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषियों का कहना है कि चांदी का इस्तेमाल करने से व्यक्ति का मन मजबूत और दिमाग तेज होता है। ज्योतिषी बताते हैं कि चांदी का छल्ला पहनने से मन संतुलित रहता है।

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