ताज़ा खबर
 

जानिए, आखिर माथे के बीच में ही क्यों लगाते हैं चंदन-टीका

माथे के बीच में टीके लगाने का वैज्ञानिक आधार भी है। जिसके अनुसार मनुष्य के दिमाग में सेराटोनिन और बीटा एंडोर्फिन का स्राव होता है। जिससे व्यक्ति के मन की उदासी दूर होती है।

Author नई दिल्ली | April 15, 2019 5:28 PM
सांकेतिक तस्वीर।

चंदन-टीका को हिंदू धर्म शास्त्रों में शुभता का प्रतीक माना गया है। जब हम किसी व्यक्ति को माथे पर टीका लगाए हुए देखते हैं तो मन में प्रश्न खड़ा होता है कि आखिर माथे के के बीच में ही तिलक क्यों लगाते हैं? क्या ये केवल दिखावे भर है या इसका कोई वैज्ञानिक आधार भी है? दरअसल माथे के बीच में चंदन-टीका लगाने के पीछे धार्मिक भावना के साथ अन्य लाभ की कामना भी मानी गई है। मुख्यरूप से लोग टीका चंदन, रोली, कुमकुम, हल्दी, भस्म और मिट्टी का लगाते हैं। आगे जानते हैं कि माथे के बीच में ही टीका क्यों लगाते हैं? साथ ही माथे के बीच में टीका लगाने के क्या लाभ बताए गए हैं।

शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार माथे के बीच में ज्ञान स्थल होता है। माना जाता है कि इस स्थान पर टीका लगाने से ज्ञान की वृद्धि होती है। साथ ही मन और मस्तिष्क बिलकुल शांत रहता है। जिससे व्यक्ति की कार्यक्षमता बढ़ती है। इसके अलावा कई प्रकार की मानसिक बीमारियों से भी बचा जा सकता है। माथे के बीच में टीके लगाने का वैज्ञानिक आधार भी है। जिसके अनुसार मनुष्य के दिमाग में सेराटोनिन और बीटा एंडोर्फिन का स्राव होता है। जिससे व्यक्ति के मन की उदासी दूर होती है। मन में सदैव उत्साह बना रहता है। साथ ही धन-धान्य में भी वृद्धि होती है।

माथे के बीच में टीका लगाने के लाभ भी धार्मिक ग्रन्थों में बताए गए हैं। जिसके मुताबिक हल्दी का टीका माथे के बीच में लगाने से त्वचा शुद्ध होती है। क्योंकि हल्दी में एंटी बायोटिक तत्व होते हैं, जो त्वचा पर किसी प्रकार का रोग नहीं होने देता है। वहीं जब हम माथे पर चंदन का टीका लगाते हैं तो हमारे पापों का नाश होता है। ज्योतिष के अनुसार माथे के बीच में टीका लगाने से ग्रह की शांति होती है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App