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भीम के अंदर क्यों और कैसे आया दस हजार हथियों का बल? जानिए

पांडु पुत्र भीम के बारे में ऐसा कहा जाता है कि उसके भीतर दस हजार हथियों का बल था। जिसके कारण एक बार तो उन्होंने नर्मदा नदी का प्रवाह रोक दिया था।

Author नई दिल्ली | Updated: February 1, 2019 5:35 PM
फोटो क्रेडिट- यूट्यूब।

महाभारत के अनुसार भीम पांडवों में दूसरे स्थान पर थे। ये पवन देव के वरदान स्वरूप कुंती से उत्पन्न हुए थे। कहते हैं कि भीम पांडवों में सर्वाधिक बलशाली और बड़े कदकाठी के थे। महाभारत के युद्ध में भीम ने सभी कौरव भाइयों का वध कर दिया था। इन्हीं के द्वारा दुर्योधन के वध के साथ ही महाभारत के युद्ध का अंत हुआ था। भीम के बारे में माना जाता है कि उनमें दस हजार हथियों का बल था। भीमा के अंदर दस हजार हथियों का बल कैसे आया? जानते हैं यह प्रसंग।

पांडु पुत्र भीम के बारे में ऐसा कहा जाता है कि उसके भीतर दस हजार हथियों का बल था। जिसके कारण एक बार तो उन्होंने नर्मदा नदी का प्रवाह रोक दिया था। भीम के अंदर ऐसी शक्ति का संबंध पांडव और कौरव के बचपन से जुड़ा है। बचपन में कौरव और पांडव साथ ही खेलते थे। इस दौरान दौड़ने, निशाना लगाने और कुश्ती आदि सभी खेलों में भीम धृतराष्ट्र पुत्रों को हारा देते थे। वह ऐसा होड़ भाव के कारण करते थे। उनके मन में किसी प्रकार की वैर भावना नहीं थी। लेकिन दुर्योधन के मन में भीम के प्रति दुर्भावना पैदा हो गई। जिसके बाद उसने उचित अवसर पाकर भीम को मरने का विचार किया। एक दिन दुर्योधन ने पांडवों को गंगा के किनारे खेलन के लिए बुलाया। जिसे पांडवों ने स्वीकार कर लिया और गंगा तट पर आ गए। जिसके बाद उन सब के बीच खेल शुरू हुआ।

इसी बीच मौका पाकर दुर्योधन ने भीमा के भोजन में जहर मिला दिया। जहर के प्रभाव से जब भीम अचेत हो गए तो दुर्योधन ने दुशासन के साथ मिलकर भीम को बांध दिया और उसे गंगा में फेंक दिया। भीम इसी अवस्था में नाग लोक पहुंच गए। वहां सांपों ने भीम को खूब डसा। जिसके प्रभाव से जहर का असर कम हो गया। जब भीम को होश आया तो वे सांपों को मारने लगे। जिसके बाद सभी सांप डरकर नागराज वासुकी के पास गए और पूरी बात बताई। तब नागराज वासुकी अपने साथियों के साथ भीम के पास गए। वहां आर्यक नाग ने भीम को पहचान लिया। कहते हैं कि आर्यक नाग भीमा ने नाना का नाना था। वह भीम से बड़े प्यार से मिला। तब आर्यक ने वासुकी से कहा कि भीम को उन कुंडों का रस पीने दिया जाए जिनमें दस हजार हथियों का बल है। इस प्रकार भीम ने कुंडों का रस पीकर दस हजार हथियों का बल प्राप्त किया।

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