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कौन से बर्तन हैं आपके लिए लकी-अनलकी, जानिए ज्योतिष के अनुसार

ज्योतिष की मानें तो कुंडली में सूर्य और मंगल की दशा कमजोर होने पर व्यक्ति का आत्मविश्वास काफी गिर जाता है। ऐसे में तांबे के बर्तन में पानी पीने की सलाह दी जाती है।

Author नई दिल्ली | July 4, 2018 5:51 PM
सांकेतिक तस्वीर।

बर्तन हम सबके किचन का अहम हिस्सा हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कौन से बर्तन हमारे लिए लकी और अनलकी होते हैं। जी हां, ज्योतिष शास्त्र में इस बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है कि कौन से बर्तनों पर किस ग्रह का प्रभाव होता है और इनका हमारे जीवन पर क्या असर पड़ता है। आज हम आपको इसी बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। ज्योतिष के अनुसार तांबे के बर्तन पर सूर्य और मंगल ग्रह का आधिपत्य होता है। चांदी के बर्तन पर चंद्रमा का आधिपत्य होता है। कहते हैं कि पीतल और सोने का आधिपत्य बृहस्पति ग्रह को जाता है। और शनि ग्रह का आधिपत्य लोहे पर जाता है। वहीं, राहु और केतु का आधिपत्य एल्युमीनियम पर बताया गया है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हम जिस धातु के बर्तन में भोजन ग्रहण करते हैं, उससे हमारी कुंडली में इन ग्रहों का प्रभाव घटता और बढ़ता है। ऐसे में जीवन में ग्रहों की वजह से आने वाली तरह-तरह की समस्याओं को सही बर्तन में भोजन करके दूर किए जाने की मान्यता है। बताते हैं कि कुंडली में चंद्रमा की दशा कमजोर होने पर व्यक्ति खुद को एकाग्रचित नहीं कर पाता है। और ऐसे व्यक्ति को माता-पिता का साथ नहीं मिलता। ऐसे में व्यक्ति को चांदी के बर्तन में भोजन करने की सलाह दी जाती है।

ज्योतिष की मानें तो कुंडली में सूर्य और मंगल की दशा कमजोर होने पर व्यक्ति का आत्मविश्वास काफी गिर जाता है। ऐसे में तांबे के बर्तन में पानी पीने की सलाह दी जाती है। कहा जाता है कि सोने और पीतल के बर्तन में भोजन करने से सुख की प्राप्ति होती है। और कुंडली में बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है। मालूम हो कि ज्योतिष शास्त्र में एल्युमीनियम के बर्तन में भोजन करने से मना किया गया है। कहते हैं कि इससे कुंडली पर राहु-कुते का प्रभाव बढ़ जाता है। ऐसे में व्यक्ति के बीमारियों को चपेट में आने की मान्यता है।

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