इन 9 प्वाइंट्स में समझें, क्या कहती है आपकी मस्तिष्क रेखा? - What Your Mind Lines Says About Your Career And Behavior - Jansatta
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इन 9 प्वाइंट्स में समझें, क्या कहती है आपकी मस्तिष्क रेखा?

हस्त में मौजूद रेखाएं व्यक्ति के जीवन और उसके स्वभाव की परिचायक होती हैं। वहीं हमें बताती हैं कि व्यक्ति अपने जीवन में कितना सफल होगा और कितना असफल, मस्तिष्क रेखा भी जीवन के कुछ महत्वपूर्ण राज खोलती है।

सांकेतिक फोटो

ज्योतिष विद्या के अनुसार हाथ में मौजूद हर रेखा किसी ना किसी विषय की और जीवन की शक्ति की परिचायक होती है। यही रेखाएं आपके जीवन के गुणों को उजागर करती है और यदि इन्हीं रेखाओं में दोष हो तो इंसान के जीवन पर बुरा प्रभाव डालती हैं। सीधी और स्पष्ट रेखाएं सफलता का प्रमाण होती हैं और साथ ही हर रेखा किसी ना किसी घटना को स्पष्ट करती है। आज हम आपकी हथेली पर मौजूद मस्तिष्क रेखा की बात करने जा रहे हैं। ये रेखा ही आपके बुद्धिमान होने और ना होने की परिचायक होती है। ये रेखा हृदय रेखा के नीचे यानि अंगूठे के लगभग बीच से शुरू होती है। अगर मस्तिष्क रेखा स्पष्ट है तो ये कितनी लाभदायक हो सकती है और सामने वाले के चरित्र का परिचय भी देती है।

– मस्तिष्क रेखा से यदि कोई शाखा गुरूपर्वत यानि कनिष्ठ उंगली के नीचे तक जाती है तो वो व्यक्ति एक अच्छा साहित्यकार, कलाकार अभिनेता, नेता तथा भविष्यवक्ता होता है। अपने कार्यों के कारण से वो संसार में उसकी प्रख्याति होती है।
– जब मस्तिष्क रेखा का झुकाव बीच की उंगली यानि शनि पर्वत की और झुकाव होता है तो वो व्यक्ति दार्शनिक और चिंतनशील होता है।
– यदि मस्तिष्क रेखा का झुकाव या कोई शाखा सूर्य पर्वत की ओर जाती है तो वो व्यक्ति समाज में सम्मानीय जीवन जीता है।
– मस्तिष्क रेखा का झुकाव या कोई शाखा बुध पर्वत की ओर जाती है तो वो व्यक्ति सफल व्यापारी होता है तथा उसके पास बहुत-सी संपदा होती है।
– यदि मस्तिष्क रेखा हथेली के बीच से नीचे की ओर झुकी होती है तो वो व्यक्ति स्वार्थी, लोभी, भोगी, कामी तथा वैभव में जीवन व्यतीत करने वाला होता है।

– मस्तिष्क रेखा स्पष्ट और निर्दोष है तो वो व्यक्ति धनी, बुद्धिमान और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता वाला व्यक्ति होता है।
– यदि मस्तिष्क रेखा चन्द्र पर्वत तक पहुंचती है तो वो व्यक्ति कवि ह्रदय वाला होता है।
– मस्तिष्क रेखा अगर चन्द्र पर्वत पर जाकर क्रॉस बनाती है तो वो व्यक्ति वृद्धावस्था में पागल हो सकता है।
– मस्तिष्क रेखा यदि लहरियादार चलती है तो ऐसा व्यक्ति कथनी और करनी में अंतर रखता है और चंचल मन का रहता है।

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