ज्योतिष शास्त्र में सफेद पुखराज को एक प्रभावशाली और शुभ रत्न माना गया है। वहीं इस रत्न का संबंध धन के दाता शुक्र ग्रह से माना जाता है। साथ ही यह रत्न आकर्षण, वैवाहिक सुख, आर्थिक समृद्धि और मानसिक शांति से जुड़ा हुआ माना जाता है। मान्यता है कि सफेद पुखराज धारण करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और शुक्र ग्रह से जुड़े शुभ फल प्राप्त होते हैं। आइए जानते हैं सफेद पुखराज धारण करने के लाभ और धारण करने की विधि…
12 या 13 जून कब है अधिक मास का प्रदोष व्रत, जानिए तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
इन राशियों के लिए शुभ माना जाता है सफेद पुखराज
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सफेद पुखराज विशेष रूप से वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए लाभकारी माना जाता है। इन राशियों के लोगों को यह रत्न प्रेम संबंधों, दांपत्य जीवन, करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम दिलाने में सहायक माना जाता है। साथ ही मेष, वृश्चिक और कर्क राशि के लोग भी सफेद पुखराज को धारण कर सकते हैं। वहीं अगर कुंडली में शुक्र ग्रह वीक मौजूद है, तो भी सफेद पुखराज पहन सकते हैं। वहीं अन्य राशियों के जातक भी व्यक्तिगत कुंडली के आधार पर इसे धारण कर सकते हैं।
सफेद पुखराज पहनने के लाभ
वैवाहिक जीवन में मधुरता और सामंजस्य बढ़ने की मान्यता है।
प्रेम संबंधों में मजबूती और आकर्षण बढ़ सकता है।
आर्थिक स्थिति में सुधार और धन लाभ के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।
कला, फैशन, मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है।
मानसिक तनाव कम करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
सुख-सुविधाओं और भौतिक समृद्धि में वृद्धि का कारक माना जाता है।
मीडिया, फैशन डिजाइनिंग, मॉडलिंग, फिल्म लाइन या लग्जरी आयटमों से जुड़ा कारोबार करने वाले लोगों को धारण करना चाहिए।
24 या 25 जून कब है निर्जला एकादशी, जानिए तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
सफेद पुखराज धारण करने की सही विधि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सफेद पुखराज को शुक्रवार के दिन धारण करना शुभ माना जाता है। इसे चांदी, सफेद सोना या प्लैटिनम की अंगूठी में जड़वाकर पहना जा सकता है।
धारण करने से पहले रत्न को कच्चे दूध, गंगाजल, शहद और शुद्ध जल से शुद्ध करें। इसके बाद मां लक्ष्मी और शुक्र देव का ध्यान करते हुए “ॐ शुं शुक्राय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। फिर अंगूठी को दाहिने हाथ की अनामिका (रिंग फिंगर) में धारण करें।
