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आपके द्वारा धारण किए गए रत्न की क्या है एक्सपायरी डेट, जानिए

कहते हैं कि मोती धारण करने से वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं। माना जाता है कि दो साल और दो महीने के बाद मोती प्रभावहीन हो जाती है।

Author नई दिल्ली | August 1, 2018 4:54 PM
सांकेतिक तस्वीर।

रत्न धारण करना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि ये रत्न व्यक्ति को अलग-अलग समस्याओं से बचाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि इन रत्नों भी एक एक्सपायरी डेट होती है? और इस डेट के बाद व्यक्ति पर पड़ने वाला इसका शुभ प्रभाव समाप्त हो जाता है? जी हां, आज हम आपको इसी बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि जिस भी रत्न को धारण किए 6 महीने से ज्यादा समय हो गया हो, वह प्रभावहीन हो जाता है। ऐसे में दोबारा उसके शुद्धिकरण की जरूरत पड़ती है। कहते हैं कि उस रत्न को संबंधित ग्रह के अनाज में एक दिन के लिए रख देना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से रत्न का शुद्धिकरण हो जाता है।

माना जाता है कि माणिक रत्न पर सूर्य ग्रह का प्रभाव होता है। कहते हैं कि इसे धारण करने से व्यक्ति का तनाव कम हो जाता है। माणिक को संंसार का सबसे मंहगा रत्न भी कहा जाता है। माना जाता है कि अच्छे गुणवत्ता वाले माणिक का शुभ प्रभाव व्यक्ति को चार साल और चार महीने तक मिलता है। बताते हैं कि यह समय पूरा हो जाने के बाद आपको माणिक को दूध और गंगाजल से धो देना चाहिए। इससे माणिक की पवित्रा वापस आ जाने की मान्यता है।

कहते हैं कि मोती धारण करने से वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं। माना जाता है कि दो साल और दो महीने के बाद मोती प्रभावहीन हो जाती है। बताते हैं कि चांदी की कटोरी में दूध और चावल डालकर उसमें मोती को रख देना चाहिए। इससे मोती की शुद्धता वापस आने की मान्यता है। माना जाता है कि मूंगा धारण करने से सेहत काफी अच्छी बनी रहती है। इससे व्यक्ति के अंदर साहस और पराक्रम आने की भी बात कही गई है। मूंगा का जीवनकाल तीन साल और तीन महीने माना गया है।

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