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लहसुन-प्याज खाने का ग्रह दोष से क्या है कनेक्शन, जानिए

ऐसा बताते हैं कि लहसुन की कलियों की माला बनाकर कुछ दिनों तक गले में पहनना चाहिए। इस उपाय से कुंडली में राहु और केतु का बुरा प्रभाव नहीं पड़ने की मान्यता है।

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लहसुन-प्याज हम सबके भोजन का अहम हिस्सा है। लहसुन-प्याज के बिना कई सारे खाद्य पदार्थ स्वादहीन हो जाएंगे। इन सबके बीच लहसुन-प्याज को धर्म से भी जोड़ा गया है। लहसुन-प्याज को लेकर कई तरह की बातें प्रचलित हैं। कुछ लोगों का मानना है कि लहसुन-प्याज खाना अधर्म है। इसके साथ ही लहसुन-प्याज का ग्रह दोष से भी कनेक्शन बताया गया है। ऐसा कहा जाता है कि कुंडली में राहु के खराब होने से व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मान्यता है कि जिस व्यक्ति का राहु खराब होता है उसे हार्ट प्रॉब्लम, शुगर, ब्लडप्रेशर और पाइल्स की समस्या का सामना करना पड़ता है। कहते हैं कि जिन लोगों की कुंडली में केतु की दशा खराब होती है उन्हें जोड़ों में दर्द की समस्या से जूझना पड़ता है।

ऐसा बताते हैं कि लहसुन की कलियों की माला बनाकर कुछ दिनों तक गले में पहनना चाहिए। इस उपाय से कुंडली में राहु और केतु का बुरा प्रभाव नहीं पड़ने की मान्यता है। इसके अलावा राहु और केतु के प्रकोप से बचने के लिए प्याज की गांठ काले कपड़े में बांधकर अपने गले में धारण करने के लिए कहा गया है। कुछ लोगों को सोते समय रात में बुरे सपने आते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इससे बचने के लिए हींग और लहसुन पीसकर अपने सिरहाने रखना चाहिए। इसके अलावा घर के बाहर कच्ची प्याज दबाने के लिए कहा जाता है। इससे राहु-केतु के प्रकोप से बचने की बात कही गई है।

इस संदर्भ में एक बड़ी ही प्रचलित कथा है। इसके मुताबिक समुद्र मंथन के दौरान भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र से राहु और केतु के सिर कटे थे। इस दौरान राहु और केतु के सिरों से अमृत की कुछ बूंदें धरती पर गिर गईं। ऐसा कहा जाता है कि लहसुन और प्याज इन्हीं बूंदों की उपज हैं। कहते हैं कि चूंकि लहसुन और प्याज अमृत के बूंद से बने इसलिए ये रोगों और रोगाणुओं के लिए संजीवनी बूटी के समान प्रभावशाली हैं। कहते हैं कि राक्षसों के मुंह में चले जाने की वजह से लहसुन-प्याज से तेज गंध आती है। इसी वजह से लहसुन-प्याज को अपवित्र भोजन माना गया है।

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