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किस रंग का सूती धागा बांधने से क्या फायदा होने की है मान्यता, जानिए

लाल धागा को कलावा भी कहा जाता है। लाल धागे का संबंध सूर्य और मंगल से बताया गया है। कहते हैं कि लाल रंग का सूती धागा हाथ में धारण करने से आयु बढ़ती है।

Author नई दिल्ली | August 7, 2018 2:21 PM
सांकेतिक तस्वीर।

आपने कई लोगों को शरीर के अलग-अलग अंगों पर धागा बांधते देखा होगा। ऐसा भी हो सकता है कि आपने खुद भी कोई धागा धारण किया हुआ हो। लेकिन क्या आपको अलग-अलग रंगों का धागा धारण करने के फायदे के बारे में पता है। यदि नहीं तो आज हम आपको इस बारे में विस्तार से बताएंगे। मान्यता है कि हमारा शरीर पंचतत्वों से मिलकर बना है। और इनसे मिलने वाली ऊर्जा हमें संचालित करती है। कहते हैं कि जब हमें बुरी नजर लग जाती है तो इन पंचतत्वों की ऊर्जा नहीं मिल पाती है। ऐसे में पांव में काला धागा बांधने की सलाह दी जाती है। माना जाता है काले रंग का धागा धारण करने से लगी हुई नजर समाप्त हो जाती है। बता दें कि काला धागा गले, पैर या हाथ में भी धारण किया जा सकता है।

मालूम हो कि काले रंग के धागे को बुरी शक्तियों से बचाने वाला माना कहा है। इसी कारण से काला धागा काल भैरव को भी चढ़ाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र में काले धागे का संंबंध शनि और राहु ग्रह से बताया गया है। इसे धारण करने से इन ग्रहों की दशा सही रहने की मान्यता है। मालूम हो कि पीले रंग का धागा धारण करना भी काफी शुभ माना गया है। माना जाता है कि पीले रंग का धागा हाथ में धारण करने से आत्मविश्वास और एकाग्रता में इजाफा होता है।

लाल धागा को कलावा भी कहा जाता है। लाल धागे का संबंध सूर्य और मंगल से बताया गया है। कहते हैं कि लाल रंग का सूती धागा हाथ में धारण करने से आयु बढ़ती है। माना जाता है कि लाल धागा हमारी शत्रुओं से रक्षा करता है। इसलिए इसे रक्षासूत्र भी कहा जाता है। बता दें कि केसरिया रंग बहुत ही पवित्र माना गया है। कहते हैं कि मनोकामना को पूर्ण करने के लिए कलाई में केसरिया रंग का सूती धागा धारण करना चाहिए।

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