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पूर्णिमा पर ही क्यों होता है चंद्र ग्रहण और क्या होते हैं इसके असर

इस बार रक्षा बंधन के दिन ही चंद्र ग्रहण पड़ रहा है, ऐसा संयोग 12 साल बाद बना है।

lunar eclipse, lunar eclipse 2017, effect of lunar eclipse, raksha bandhan, lunar eclipse on raksha bandhan, what is lunar eclipse, eclipse, religion news, jansataतस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है। (Photo Source: PTI)

सात अगस्त को रक्षा बंधन वाले दिन चंद्र ग्रहण लगेगा। ऐसा 12 वर्षों बाद हो रहा है कि रक्षा बंधन के दिन चंद्र ग्रहण भी है, इससे पहले साल 2005 में ऐसा संयोग बना था। साल 2017 में इससे पहले 10 और 11 फरवरी को चंद्र ग्रहण लगा था। चंद्र ग्रहण तब लगता है, जब सूरज और चांद के बीच धरती आ जाती है। ऐसे में सूरज की रोशनी चांद तक पहुंच नहीं पाती है। जब चांद पैनंबरा की तरफ जाता है तो चांद हमें धुंधला सा दिखता है। इसे पैनंबरा चंद्र ग्रहण कहा जाता है। जब तब चांद का कुछ हिस्सा पैनंबरा में होता है और थोड़ा सा हिस्सा बाहर होता है तो यह होता है आंशिक चंद्र ग्रहण। चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा को ही होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सूरज और चांद के बीच धरती इसी दिन आती है। चंद्रमा एक साल में ज्यादा से ज्यादा तीन बार धरती के उपछाया से गुजरता है। वैज्ञानिकों की मानें तो ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जो तब होती है जब सूर्य (सूरज), पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में होते हैं।

कई बार चांद हमें लाल रंग का दिखाई देता है। इसके पीछे की वजह हैं सूरज की किरणों का रंग। सूरज की किरणें लाल, नारंगी, लाल, नीली, पीली, हरी और बैंगनी रंग की होती हैं। जब सूरज की किरणें धरती के वायुमंडल में आती हैं तो ज्यादात्तर रंग बिखर जाते हैं और केवल लाल रंग ही बचता है। इस वजह से हमें चांद लाल रंग का दिखाई देता है। ऐसा पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान होता है। चंद्र ग्रहण से दो सप्ताह पहले या बाद में सूर्य ग्रहण होता है। बताया जा रहा है कि 21 अगस्त को सूर्य ग्रहण होगा।

चंद्र ग्रहण का कुछ राशियों पर सकारात्मक तो वहीं कुछ राशियों पर नकारात्मक असर पड़ता है। मेष, मीन, सिंह, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए धन लाभ का योग है तो धनु, तुला, मिथुन, वृश्चिक, कर्क राशि वालों के लिए यह चंद्र ग्रहण सही साबित होता नहीं दिख रहा है। इन राशि वाले जातकों के लिए कुछ दिन परेशानी रह सकती हैं। इस दिन गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर ही रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि माना जाता है कि ग्रहण के दिन वातारण में नकारात्मक ऊर्जा ज्यादा सक्रिय रहती है। जिसकी वजह से उन पर असर हो सकता है। इसके अलावा गरीबों को अनाज, वस्त्र और कुछ जरूरत की चीजें दान करने के लिए कहा गया है। ग्रहण के दिन कोई शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।

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