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बुरे सपनों का क्या है ज्योतिषीय कनेक्शन, जानिए

ज्योतिष के अनुसार कुंडली में चंद्रमा की स्थिति कमजोर होने से बुरे सपने आने लगते हैं। इस स्थिति में व्यक्ति अपने सपनों में सूखी नदी, मरे हुए पूर्वज, पुराना घर इत्यादि देखता है।

सांकेतिक तस्वीर।

हममें से कई लोगों को सोते समय बुरे सपने आते हैं। कुछ लोग तो इन बुरे सपनों से काफी डर भी जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा कुंडली में कुछ ग्रहों की दशा खराब होने की वजह से होता है। जी हां, ज्योतिष शास्त्र में इस बारे में विस्तार से उल्लेख किया गया है।  ज्योतिष के अनुसार, कुंडली में सूर्य ग्रह की दशा कमजोर होने पर व्यक्ति को बुरे सपने आने लगते हैं। इस स्थिति में व्यक्ति अपने सपनों में सूखा, फटी हुई जमीन, सूखा पेड़, घर-मकान में पड़ी दरारें, भूख-प्यास से तड़पते लोग इत्यादि देखता है। इससे वह शख्स काफी हद तक डर भी जाता है। इन सपनों को अशुभ सूर्य का लक्षण माना गया है। ऐसे में व्यक्ति को सूर्य को मजबूत करने के उपाय शुरू कर देने चाहिए।

ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है कि सूर्य को मजबूत करने के लिए नियमित रूप से जल चढ़ाना चाहिए। इसके अलावा प्राणायाम करने और गायत्री मंत्र का जाप करने से भी लाभ मिलने की मान्यता है। साथ ही रविवार के दिन गायत्री मंत्र के साथ हवन करने से भी लाभ मिलने की बात कही गई है। ज्योतिष के अनुसार कुंडली में चंद्रमा की स्थिति कमजोर होने से भी बुरे सपने आने लगते हैं। इस स्थिति में व्यक्ति अपने सपनों में सूखी नदी, मरे हुए पूर्वज, पुराना घर इत्यादि देखता है।

कुंडली में चंद्रमा को मजबूत करने के लिए भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। इसके लिए सोमवार का दिन अच्छा माना गया है। कुंडली में मंगल की दशा खराब हो तो भी व्यक्ति बुरे सपने देखने लगता है। इस स्थिति में व्यक्ति अपने सपने में लाल रंग की साड़ी पहने महिला, गिरती इमारतें, दोस्तों से झगड़ा, भाइयों से बंटवारा इत्यादि देखता है। इससे बचने के लिए मूंगे पर गणेश जी की आकृति बनवाकर उसे तांबे के लॉकेट में जड़वाकर धारण करना चाहिए।

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