ताज़ा खबर
 

घर के सामने खेलता दिखे गाय और कुत्ता तो क्‍या कहती है मान्‍यता

यदि कुत्ता अपने मुंह में मांस का टुकड़ा लेकर आपके पास आए तो इसे शकुन समझा जाता है। मान्यता है कि इस दशा में व्यक्ति को धन लाभ होता है।

Author नई दिल्ली | Published on: May 2, 2018 7:35 PM
कुत्ते को उल्लू और कौए की भांति यम का दूत बताया गया है।

हिंदू धर्म में कुत्ते से तमाम मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। इन मान्यताओं में कई लोग विश्वास करते हैं और उसी के आधार पर कुत्ते के साथ व्यवहार करते हैं। कुत्ते को उल्लू और कौए की भांति यम का दूत बताया गया है। कई लोग कुत्ते को अमांगलिक भी मानते हैं। इसके मुताबिक कुत्ते के होने से घर में अमंगल आता है। इससे घर पर मंगल कार्यों में बाधाएं आती हैं। इसके अलावा कुत्ते के हाव-भाव से कई सारे शकुन और अपशकुन जुडे़ हुए हैं। कहते हैं कि यदि कुत्ता घर के सामने गाय के साथ खेलता हुआ दिखाई दे तो इसे काफी शुभ माना जाता है। यह इस बात का संकेत है कि घर में रहने वाले दंपत्ति को संतान प्राप्ति हो सकती है।

इन्हीं मान्यताओं के अनुसार, यदि कुत्ता अपने मुंह में किसी इंसान का हाथ, पैर या फिर कोई अन्य अंग दबाकर लेकर आए तो इसे भी शकुन माना जाता है। कहते हैं कि ऐसा होने से व्यक्ति को भूमि लाभ होता है। यह लाभ किसी भूमि विवाद के समाधान के रूप में भी हो सकता है। वहीं, यदि आप कहीं यात्रा के लिए निकलने वाले हों और कुत्ता आपके सामने अपने पैर से शरीर खुजलाए तो इसे अपशकुन समझा जाता है। ऐसे में आपको उस यात्रा के लिए नहीं निकलना चाहिए।

यदि कुत्ता अपने मुंह में मांस का टुकड़ा लेकर आपके पास आए तो इसे शकुन समझा जाता है। कहते हैं कि इस दशा में व्यक्ति को धन लाभ होता है। यह धन आपको दिए हुए ऋण के वापस मिलने के रूप में या व्यवसाय में प्रगति से हो सकता है। इसके अलावा यदि रात के समय में कुत्ता आपके द्वार पर रोए तो इसे अत्यन्त अपशकुन माना जाता है। इससे आपको सावधान हो जाने की जरूरत होती है। कुछ जाने-माने टोटकों का पालन करके आप इस संभावित अपशकुन से बच सकते हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 महाभारत काल में भी थे हनुमान और जामवंत समेत रामायण युग के ये पांच लोग
2 MP के इस मंदिर में राजा की तरह पूजे जाते हैं राम, दी जाती है बंदूकों से सलामी
3 बुद्ध पूर्णिमा 2018 पूजा शुभ मुहूर्त: विष्णु जी के 9वें अवतार हैं भगवान बुद्ध, जानिए कब है शुभ मुहूर्त