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सप्ताह के व्रत त्योहार (17 फरवरी से 23 फरवरी): महाशिवरात्रि समेत इस सप्ताह जानिए कौन-कौन से व्रत त्योहार पड़ने वाले हैं

Weekly Festivals 2020: 18 फरवरी को महर्षि दयानंद सरस्वती (Maharshi Dayanand Saraswati) जयंती मनाई जायेगी। फिर विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi), प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat), महाशिवरात्रि (Mahashivratri) और फाल्गुन अमावस्या (Falgun Amavasya) जैसे खास दिन भी इसी सप्ताह में पड़ने वाले हैं।

फरवरी के व्रत त्योहार: जानिए 17 फरवरी से 23 फरवरी तक के सभी तीज त्योहार…

Weekly Calendar 2020 (Saptahik Festivals), 17 February To 23 February 2020: नये सप्ताह में कई व्रत त्योहार पड़ने जा रहे हैं। 18 फरवरी को महर्षि दयानंद सरस्वती (Maharshi Dayanand Saraswati) जयंती मनाई जायेगी। फिर विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi), प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat), महाशिवरात्रि (Mahashivratri) और फाल्गुन अमावस्या (Falgun Amavasya) जैसे खास दिन भी इसी सप्ताह में पड़ने वाले हैं। इस हफ्ते का सबसे खास त्योहार है महाशिवरात्रि जिस दिन शिव भक्त शिवालयों में जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। उनकी विशेष पूजा अर्चना की जाती है। जानिए 17 फरवरी से 23 फरवरी तक के सभी तीज त्योहार…

18 फरवरी, दिन मंगलवार: इस दिन महर्षि दयानंद सरस्वती (Maharshi Dayanand Saraswati) की जयंती है। महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती आधुनिक भारत के महान चिन्तक और समाज-सुधारक थे जिन्होंने भारत को जोड़ने का काम किया। उन्होंने वेदों की सत्ता को सदा सर्वोपरि माना। वेदों की ओर लौटो यह उनका प्रमुख नारा था।

19 फरवरी, दिन बुधवार: इस दिन विजया एकादशी मनाई जायेगी। विजय प्राप्ति के लिए इस एकादशी को खास माना जाता है। साल में कुल 24 एकादशी आती हैं जिनमें इस एकादशी का विशेष महत्व है। एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिन व्रत रखने वाले पारण द्वादशी तिथि को करते हैं।

20 फरवरी, दिन गुरुवार: इस दिन प्रदोष व्रत रखा जायेगा। ये व्रत हर माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथियों को रखा जाता है। इस दिन फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी है। भगवान शिव की कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत रखने की मान्यता है। इस व्रत की महिमा से सभी प्रकार के दुखों का अन्त हो जाता है।

21 फरवरी, दिन शुक्रवार: इस दिन महा शिवरात्रि पर्व मनाया जायेगा। जो हर साल फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आता है। कई पौराणिक कथाओं अनुसार ये शिव और शक्ति के मिलन का महा पर्व है तो कई कथाओं अनुसार इस दिन भगवान शिव का जन्म हुआ था। एक साल में कुल 12 शिवरात्रि आती हैं। जिसमें सावन में आने वाली शिवरात्रि और फाल्गुुन मास की महाशिवरात्रि का सबसे अधिक महत्व माना गया है।

23 फरवरी, दिन रविवार: इस दिन फाल्गुन अमावस्या है जिसे दर्श अमावस्या भी कहा जाता है। अमावस्या तिथि पर पितरों के लिए तर्पण कार्य करने का विशेष महत्व माना जाता है।

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