ताज़ा खबर
 

नवरात्रि व्रत विधि 2017: जानिए, मां दुर्गा के पूजन में किस विधि का उपयोग करना हो सकता है शुभ

Navratri 2017 Vrat Vidhi: नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना करें, घट को भगवान गणेश का रूप माना जाता है और किसी भी तरह की पूजा में सबसे पहले पूजा जाता है।

Author Updated: September 21, 2017 7:02 PM
Navratri Vrat Vidhi: जानिए किस पूजा विधि से प्रसन्न होती हैं मां दुर्गा

नवरात्र हिन्दुओं का ऐसा पर्व है जिसमें मां दुर्गा का पूजन किया जाता है। नवरात्र का अर्थ है नौ रातों का समूह, जिसमें मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। सबसे पहले भगवान रामचंद्र ने समुंद्र के किनारे नौ दिन तक दुर्गा मां का पूजन किया था और इसके बाद लंका की तरफ प्रस्थान किया था। फिर उन्होंने युद्ध में विजय भी प्राप्त की थी, इसलिए दसवें दिन दशहरा मनाया जाता है और माना जाता है कि अधर्म की धर्म पर जीत, असत्‍य की सत्‍य पर जीत के लिए दसवें दिन दशहरा मनाते हैं। नवरात्र के दिनों में मां दुर्गा कैलाश छोड़कर धरती पर आकर रहती हैं। नवरात्रों में मां दुर्गा का पूजन करके भक्त मनोवांछित फल पाते हैं। पुराणों में नवरात्रों की महिमा का बहुत सुंदर गुणगान मिलता है। स्वयं ब्रह्मदेव ने मां के नवरात्रों की महिमा बृहस्पति देव को बताते हुए उस ब्राह्मण पुत्री के बारे में कथा सुनाई जिसने सबसे पहले देवी दुर्गा के नवरात्र का उपवास रखा था।

नवरात्र की पूजा के लिए आवश्यक सामग्री-
नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना करें और उस दिन व्रत करने का संकल्प लें। घट स्थापना प्रतिपदा तिथि को की जाती है। घट को भगवान गणेश का रूप माना जाता है और किसी भी तरह की पूजा में सबसे पहले पूजा जाता है।
घट स्थापना के लिए कुछ जरुरी सामान चाहिए जैसे कि पाट (जिस पर देवी मां को विराजमान किया जाएगा), जौं, साफ और शुद्ध मिट्टी, कलश, नारियल, आम के पत्ते, लाल कपड़ा या चुनरी, मिठाई, फूल, कपूर, धूप, अगरबत्ती, लौंग, देसी घी, कलावा, शुद्ध जल से भरा हुआ चांदी, सोने या फिर तांबे का लोटा, चावल, फूलों की माला, सुपारी इत्यादि। इस सामान के साथ आप देवी मां और उसके 9 रूपों की पूजा-अर्चना शुरू करें।

नवरात्र की पूजा विधि-
नवरात्र वाले दिन सुबह जल्दी उठ स्नान आदि के बाद घर में धरती माता, गुरु देव तथा भगवान गणेश का आह्वान करने के बाद कलश की घर में स्थापना करे। इसके बाद कलश में आम के पत्ते व पानी डाले। कलश में नारियल को लाल कपडे़ अथवा मोली से बांधकर रखे। इसमें दो बादाम, दो सुपारी तथा एक सिक्का जरूर डाले। इसके बाद मां सरस्वती, मां लक्ष्मी तथा मां दुर्गा की पूजा करें। जोत व धुप की बत्ती जलाकर माता का पाठ करे। नवरात्र की समाप्ति घर में उस कलश के जल से छीटे मारे और कन्या पूजन करने के पश्चात प्रसाद वितरण करे। नवरात्र में हवन एवम कन्या पूजन अत्यन्त आवश्यक है। नारदपुराण में हवन एवम कन्या पूजन के बिना नवरात्र पूजा अधूरी मानी गयी है। इसके अलावा नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा के लिए लाल रंग के फूल एवम इस रंग की चीजों का प्रयोग फलदायी माना गया है। नवरात्र में “श्री दुर्गा सप्तशती” का पाठ करने से इच्छित फल की प्राप्ति होती है।

नवरात्र से जुड़े नौ सवाल

navratri, navratri 2017, navratri colours, navratri colours 2017, navratri color, navratri 2017 colours with date, navratri 2017 colours Navratri 2017: इस साल पारंपरिक हिन्दुओं का त्योहार शारदीय नवरात्र सितंबर 21 से गुरूवार से शुरू होकर शुक्रवार 29 सितंबर तक चलेंगे। (सांकेतिक फोटो)

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 नवरात्रि 2017: राशि के अनुसार करें मां की पूजा, जानिए क्या कहती है आपकी राशि
2 नवरात्रि पूजा विधि 2017: मां दुर्गा का पूजन घर पर करने से पहले जान लें ये बात तो होगी मां की अतिकृपा
3 नवरात्र‍ि 2017: मां भगवती आदिशक्ति के चौसठयोगिनी स्वरूप, जानि किस रूप का क्या है मंत्र
जस्‍ट नाउ
X