Vrat Vidhi: Fasting On Tuesday And Make Lord Hanuman Happy He Will Remove All Kundali Mangal Dosh - कुंडली का दोष कम करने के लिए किया जाता है मंगलवार का व्रत, जानिए क्या है सरल विधि - Jansatta
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कुंडली का दोष कम करने के लिए किया जाता है मंगलवार का व्रत, जानिए क्या है सरल विधि

मंगलवार के व्रत में सिर्फ एक समय यानि रात्रि के समय ही भोजन करना चाहिए। इस व्रत को लगातार 21 मंगलवार तक करने का विधान होता है।

मंगलवार को किया जाता है हनुमान जी के लिए व्रत।

पौराणिक कथाओं में हनुमान जी को शिवजी का 11वां अवतार बताया गया है। पवनपुत्र हनुमान जी को कलयुग का देवता कहा जाता है। यही कारण है कि जब किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि, मंगल, राहु और केतु जैसे पापी ग्रहों के दुष्प्रभाव होते हैं तो उसे मंगलवार को हनुमान जी पूजा करने की सलाह दी जाती है। कहा जाता है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से कई ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। जिन लोगों की कुडंली ने मंगल दोष होता है, उन लोगों को मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने की सलाह दी जाती है। इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से मंगल ग्रह के अशुभ योग भी दूर होते हैं। इसलिए आज हम आपके लिए लेकर आए हैं मंगलवार के व्रत की विधि, जिसका प्रयोग करने से आपका व्रत सफल हो सकता है।

मंगलवार के व्रत के दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को सिर्फ गेहूं कज और गुड़ का ही सेवन करना चाहिए। मंगलवार के व्रत में सिर्फ एक समय यानि रात्रि के समय ही भोजन करना चाहिए। इस व्रत को लगातार 21 मंगलवार तक करना चाहिए। इस व्रत के लिए मान्यता है कि व्रती के सारे कुकर्मों का पाप इस व्रत को करने से खत्म हो जाता है। इस दिन व्रत करने वाले विशेष ध्यान रखें कि पूजा करते समय लाल पुष्प ही प्रभु को अर्पित करें और इस दिन लाल रंग के कपड़े पहने। हनुमान चालीसा का पाठ करना तो शुभ है ही इसके साथ मंगलवार व्रत कथा का पाठ भी करना शुभ माना जाता है। इस दिन व्रत करने वालों को सात्विक विचार रखने चाहिए।

इस व्रत के भोजन में किसी भी प्रकार से नमक का प्रयोग नहीं किया जाता है। इस व्रत को मंगलग्रह की शांति के लिए किया जाता है। इस दिन व्रत करने वालों को सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि करके व्रत का संकल्प कर लेना चाहिए। मंगलवार को व्रत करने वाले सुबह के समय अपने आपको गंगाजल डालकर शुद्ध कर लेना चाहिए। इसके बाद लाल वस्त्र धारण करके पूजा की तैयारी करनी चाहिए। इसके बाद घर की ईशानकोण की दिशा में हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करना चाहिए। इसके बाद पूजन स्थल पर लाल कपड़ा बिछाकर चार बत्तियों वाला दीपक जलाएं और व्रत का संकल्प लेना चाहिए और उसके बाद लाल गंध, फूल, अक्षत आदि से विधिवत हनुमान की पूजा करनी चाहिए।

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