Vijaya Ekadashi Tulsi Upay: सनातन धर्म में हर महीने की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। इन्हीं में से एक है फाल्गुन माह की विजया एकादशी, जिसका विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है। धार्मिक कथा के अनुसार, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने भी लंका पर विजय प्राप्त करने से पहले समुद्र तट पर विजया एकादशी का व्रत किया था। इसी कारण इसे विजया यानी विजय दिलाने वाली एकादशी कहा जाता है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को हर कार्य में सफलता मिलती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

विजया एकादशी का महत्व

विजया एकादशी का व्रत विशेष रूप से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन उपवास रखने और सच्चे मन से पूजा करने से पापों का नाश होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह व्रत जीवन की परेशानियों को कम करने और मानसिक शांति देने वाला माना गया है। इस दिन तुलसी पूजन का भी विशेष महत्व बताया गया है। तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप और भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है। इसलिए विजया एकादशी पर तुलसी से जुड़े कुछ खास उपाय करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

विजया एकादशी पर तुलसी के आसान उपाय

तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं

यूं तो रोज शाम को तुलसी के पास शुद्ध घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है, लेकिन विजया एकादशी के दिन इसका महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन तुलसी के पास घी का दीपक जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। धार्मिक मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।

भगवान विष्णु को तुलसी दल के साथ भोग लगाएं

अगर आप श्रीहरि विष्णु की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो इस दिन फल और मिठाई का भोग लगाएं। ध्यान रखें कि भोग में तुलसी के पत्ते यानी तुलसी दल अवश्य शामिल करें। मान्यता है कि भगवान विष्णु बिना तुलसी के भोग स्वीकार नहीं करते। तुलसी दल अर्पित करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है और जीवन में शुभता आती है।

तुलसी की परिक्रमा करें

विजया एकादशी के दिन तुलसी पूजन करते समय तुलसी के पौधे की 7 या 11 बार परिक्रमा करनी चाहिए। परिक्रमा करते समय तुलसी मंत्र या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें। सच्चे मन से सुख-शांति और समृद्धि की कामना करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

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डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।