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गणेश का वध होने पर भोले शंकर पर खूब क्रोधित हो गई थीं माता पार्वती, दे दी थी यह धमकी

माता पार्वती का क्रोध बढ़ता देखकर भगवान शिव कहते हैं कि ये पाप उनसे हुआ है और इसके बाद माता पार्वती क्रूर रुप धारण कर लेती हैं

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भगवान शिव और माता पार्वती का पुत्र गणेश की कथाएं हर किसी ने सुनी हैं लेकिन आज हम आपको भगवान गणेश की उन प्रचलित कथाओं में से एक कथा का एक हिस्सा बताने जा रहे हैं जिसमें भगवान शिव ने उनका सिर धड़ से अलग कर दिया था। माता पार्वती ने मिट्टी से भगवान गणेश का निर्माण किया था। इस बात की जानकारी भगवान शिव को नहीं थी कि उनका एक पुत्र है जिसका निर्माण माता पार्वती ने किया है। भगवान शिव माता पार्वती से मिलने आने वाले होते हैं ये खबर सुनकर माता पार्वती स्नान करने चली जाती हैं। लेकिन उस समय कोई गण उपस्थित ना होने के कारण वो गणेश को बाहर पहरेदारी के लिए खड़ा करके जाती हैं कि कोई अन्य अंदर प्रवेश ना कर सके। इसके पश्चात भगवान शिव वहां पहुंचते हैं और अपनी गुफा में जाने का प्रयास करते हैं।

गणेश जो दरवाजे पर पहरेदारी कर रहे होते हैं वो शिवजी को अंदर जाने से रोकते हैं। शिव को आश्चर्य होता है कि ये बालक कौन है जो उन्हें उनके ही निवास स्थान पर जाने से रोक रहा है। भगवान गणेश कहते हैं कि उनकी माता की आज्ञा है कि कोई भी उनकी आज्ञा के बिना प्रवेश नहीं कर सकता है। इसी बात पर गणेश जी और शिव जी में युद्ध तक की बात आ जाती है। गणेश कहते हैं कि अगर आपको अंदर जाना है तो उससे पहले आपको मुझसे युद्ध करना होगा। इस युद्ध में भगवान शिव अपने त्रिशूल से गणेश का सिर धड़ से अलग कर देते हैं। सभी देव भी वहां मौजूद होते हैं और उन्हें भी इस बात का अंदाजा नहीं होता कि गणेश कौन है।

इन सब की अवाजें सुनकर माता पार्वती बाहर आती हैं और ये देखती हैं कि उनके पुत्र का धड़ अलग और सिर अलग है तो वो परेशान होने लगती हैं और वहां मौजूद सभी से क्रोधित होकर पूछती हैं कि मेरे पुत्र के साथ ये किसने किया है और कौन मेरे कोप का भागी बनना चाहता है। माता पार्वती का क्रोध बढ़ता देखकर भगवान शिव कहते हैं कि ये पाप उनसे हुआ है। इसके बाद माता पार्वती क्रूर रुप धारण कर लेती हैं और भगवान शिव पर क्रोधित हो जाती हैं और उनके आगे शर्त रखती हैं कि उन्हें उनका पुत्र वापस चाहिए अन्यथा वो धरती को नष्ट कर देंगी। इसके बाद भगवान शिव अपने गणों को धरती पर भेजते हैं और कहते हैं कि जो माता अपने पुत्र से अलग हो उसका सिर काट के ले आए।

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