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माता लक्ष्मी को भी किया जा सकता है प्रसन्न, जानें वास्तु में क्या है पानी का महत्व

वास्तु शास्त्र के अनुसार माना जाता है कि घर के नल से लगातार पानी बहता है तो धन की हानि होने लगती है।

दिल्ली जल बोर्ड के सख्त रुख के बाद इस पर राजनीति शुरू हो गई है। (प्रतीकात्मक फोटो)

आज के जीवन में हर कोई दुखों से बचकर खुशी से रहना चाहता है, उसे चाहत होती है कि वो अपना जीवन विलासपूर्ण व्यतीत करे। इसी चाहत को पूरा करने के लिए कई बार हम ऐसे तरीके अपनाते हैं जिसके कारण बड़ी रकम खर्च होती चली जाती है, फिर भी किसी प्रकार की सफलता नहीं मिलती है। ज्योतिष शास्त्र कई ऐसे उपाय बताता है जिसमें बिना किसी अधिक मेहनत और खर्चे के आपकी परेशानियों को दूर कर आर्थिक स्थिति को ठीक करता है। पानी एक ऐसा जरुरत है जो जीवन के लिए जरुरी तो है ही लेकिन वास्तु के अनुसार उसे भी बहुत जरुरी माना गया है।

– परिवार में माता के साथ संबंध मधुर नहीं रहते हैं और साथ ही वाहन रोजाना किसी तरह का नुकसान करवाता है तो इसका अर्थ होता है कि कुंडली के चतुर्थ भाव में दोष है। इस दोष से बचने के लिए सोमवार के दिन चावल बनाएं और उसका सेवन करें। माना जाता है कि इस दिन कोई अतिथि आ जाए तो ये शुभ संकेत होता है।
– यदि संपत्ति का झगड़ा चल रहा है तो इससे बचने के लिए एक कटोरी में पानी सूर्य की कटोरी में रख दें और शाम के समय उस जल को अशोक या आम के पत्तों में डूबोकर पूरे घर में छिड़काव करें। इससे घर की सारी नकारात्मकता खत्म हो जाएगी।
– माना जाता है कि पानी में नमक डालकर उसका पोछा लगाएं, इससे घर में वैभव और सुख का आगमन होता है।

– यदि घर के किसी नल में से लगातार पानी बह रहा हो तो इसका अर्थ है कि आपके घर से लक्ष्मी का प्रवाह भी इसी तरह लगातार होता रहेगा।
– सुबह शाम पूजा करने के बाद शंख में रखे जल से पूरे घर में छिड़काव करना चाहिए, इससे घर में किसी तरह की नकारात्मक शक्तियां होंगी तो वो घर छोड़ देती हैं।
– मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पूजा घर में शंख में जल भरकर रखना चाहिए।

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