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आपके घर में तो नहीं है वास्तुदोष? इस तरह लगा सकते हैं पता…

Vastu Shastra: घर के ब्रह्म स्थान को हमेशा दोष मुक्त रखना चाहिए। कर्ज से मुक्ति नहीं मिल पा रही है तो घर का वायव्य कोण दोष मुक्त करने की कोशिश करें। उत्तर और पश्चिम दिशा के मध्य के स्थान को वायव्य दिशा का नाम दिया गया है।

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Vastu Tips: वास्तु शास्त्र अनुसार अगर घर का वास्तु सही नहीं है तो आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अगर घर में पैसा नहीं टिक रहा है और परिवार में कलह का माहौल बना हुआ है तो इसका मतलब आप वास्तु दोष से पीड़ित हैं। वास्तु सही नहीं होने पर घर में नकारात्मक ऊर्जा हावी होने लगती है। आइए जानते हैं कि किन चीजों से समझा जा सकता है कि घर में वास्तुदोष है या नहीं…

घर में खराब वास्तु के कारण आर्थिक तंगी आती है। ऐसे घर में बरकत नहीं हो पाती। लोग बीमारियों से ग्रसित रहते हैं। कर्ज से मुक्ति नहीं मिल पाती। पड़ोसियों, मित्रों और सगे संबंधियों से विवाद होते रहते हैं। बनते हुए कार्य रूक जाते हैं। अगर आप इन सब चीजों का सामना कर रहे हैं तो ऐसे में वास्तु अनुसार कुछ बदलाव करके आप अपनी परेशानियां कुछ कम कर सकते हैं…

ध्यान रखें कि नया मकान बनवाते समय या नया घर खरीदते समय गृह प्रवेश से पहले वास्तु के देवता की पूजा जरूर कर लें। घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का चिन्ह लगाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा घर से दूर रहती है। घर के मुख्य द्वार पर घोड़े की नाल लगाने से वास्तु दोष दूर होता है। घर में गेंदे या तुलसी का पौधा जरूर रखना चाहिए। सुबह पूजा के समय शंख बजाने से घर परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। घर के ईशान कोण में भारी वस्तु या किसी भी प्रकार का कचरा न रखें इससे धन हानि होती है। स्टोररूम का उत्तर दिशा में होना अच्छा माना गया है। पूर्वजों की तस्वीर हमेशा दक्षिण दिशा में लगानी चाहिए। मंदिर में इसे कभी न लगाएं।

घर के ब्रह्म स्थान को हमेशा दोष मुक्त रखना चाहिए। कर्ज से मुक्ति नहीं मिल पा रही है तो घर का वायव्य कोण दोष मुक्त करने की कोशिश करें। उत्तर और पश्चिम दिशा के मध्य के स्थान को वायव्य दिशा का नाम दिया गया है। स्वास्थ्य खराब रहने का मतलब है कि घर का ईशान कोण दोष युक्त है। इसे ठीक करें। अगर आर्थिक स्थिति लगातार खराब रहती हो तो ध्यान दें कि आपके घर का मुख्य द्वार कहीं नैऋत्य कोण में तो नहीं। दक्षिण और पश्चिम दिशा के मध्य के स्थान को नैऋत्य दिशा का नाम दिया गया है।

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