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बच्चों का वास्तु दोष के कारण नहीं लगता है पढ़ाई में मन, अपनाएं ये आसान उपाय

बच्चों के करियर की चिंता में माता-पिता उनपर दबाव बनाना शुरु कर देते हैं जिस कारण बच्चों की परफॉमेंस खराब हो जाती है।

बच्चे का पढ़ाई में मन ना लगने का कारण वास्तु दोष भी हो सकता है।

आज के प्रतियोगिता के दौर में परिजन बच्चों के भविष्य को लेकर बहुत चिंतित रहते है। बच्चे हमारे देश और समाज का भविष्य हैं। इसलिए हम अपने बच्चों के भविष्य को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं। हमें ये बात हमेशा सताती रहती है कि बच्चे की पढ़ाई कैसी रहेगी और उसका प्रभाव करियर पर कैसा होगा। इसी चिंता में अक्सर माता-पिता बच्चों पर अनावश्क दबाव डालना शुरु कर देते हैं। यदि बच्चा किसी विषय में या पढ़ाई में मन नहीं लगा पाता है तो उसकी 2-3 ट्यूशन लगा देते हैं ये बिना सोचे-समझे कि इससे उस पर सिर्फ दबाव बढे़गा।

माता-पिता को ये समझना जरुरी होता है कि उनके बच्चे का पढ़ाई में मन ना लगने का कारण क्या है। पढ़ाई में मन ना लगने के कारण कई बार वास्तु दोष भी हो सकता है और इसी कारण बच्चे पढ़ाई में अच्छा परफॉर्म भी नहीं कर पाते हैं। इस समस्या से बचने के लिए माता-पिता को बच्चों की समस्या को समझने के बाद उपाय करने चाहिए। वास्तु के ये उपाय बच्चों की कुंडली से वास्तुदोष खत्म करने में मदद करते हैं।

– स्टडी रूम दक्षिण या पश्चिम दिशा में होना चाहिए। इसमें हल्का हरा रंग का प्रयोग करना चाहिए। क्योंकि बुध शिक्षा का कारक ग्रह होता है। ज्योतिष के मुताबिक बुध का रंग हरा होता है।
– स्टडी रूम में मोबाइल, लैपटॉप आदि समान नहीं रखना चाहिए। इससे बच्चों का ध्यान भटकता है।
– स्टडी रूम में मेज कभी भी कोने में नहीं होनी चाहिए। मेज या टेबल हमेशा रूम के बीच में दीवार से हटकर होनी चाहिए।
– स्टडी रूम में लाइट पीछे से आनी चाहिए। सामने से लाइट नहीं आनी चाहिए।
– पढ़ाई करते समय बच्चे का मुंह उत्तर या पूर्व दिशा में रहना चाहिए। ऐसा करने से पढ़ाई में एकाग्रता रहती है।
– स्टडी रूम में मां सरस्वती व भगवान श्रीगणेश की तस्वीर लगाना अच्छा होता है।
– स्टडी रूम का गेट पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए।

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