वास्तु शास्त्र में घर का मंदिर सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। मान्यता है कि पूजा घर में रखी गई वस्तुओं का सीधा प्रभाव घर की सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति पर पड़ता है। इसलिए पूजा घर को हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मंदिर में कुछ ऐसी चीजें नहीं रखनी चाहिए, जो नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकती हैं। आइए जानते हैं पूजा घर में किन वस्तुओं को रखने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं इन वस्तुओं के बारे में…

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टूटे-फूटे बर्तन और पूजा सामग्री

वास्तु के अनुसार मंदिर में टूटे हुए दीपक, घंटी, कलश या अन्य पूजा के बर्तन नहीं रखने चाहिए। इन्हें अशुभ माना जाता है और इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है।

खंडित मूर्तियां

अगर किसी देवी-देवता की मूर्ति टूट जाए या खंडित हो जाए तो उसे पूजा घर में नहीं रखना चाहिए। ऐसी मूर्तियों को किसी पवित्र नदी या जलाशय में विधिपूर्वक विसर्जित कर देना चाहिए।

दो शंख एक साथ न रखें

वास्तु मान्यताओं के अनुसार पूजा घर में दो शंख एक साथ रखना उचित नहीं माना जाता। इससे पूजा का शुभ प्रभाव कम हो सकता है। हालांकि कुछ विशेष धार्मिक परंपराओं में अलग नियम हो सकते हैं।

सूखे या मुरझाए फूल

भगवान को अर्पित किए गए पुराने, सूखे या मुरझाए फूलों को लंबे समय तक मंदिर में नहीं रखना चाहिए। इससे नकारात्मकता बढ़ने की मान्यता है।

फटे हुए धार्मिक ग्रंथ

पूजा घर में फटे, गंदे या क्षतिग्रस्त धार्मिक ग्रंथ रखने से बचना चाहिए। धार्मिक पुस्तकों का सम्मानपूर्वक रख-रखाव करना शुभ माना जाता है।

जंग लगी धातु की वस्तुएं

मंदिर में जंग लगी घंटी, दीपक या अन्य धातु की वस्तुएं रखने से वास्तु दोष उत्पन्न होने की मान्यता है। इन्हें समय-समय पर साफ करना चाहिए।

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डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से वास्तु शास्त्र की गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।