Vastu Tips For Negative Energy: वास्तु शास्त्र के अनुसार, हर व्यक्ति और हर वस्तु से उसके स्वभाव और स्थिति के अनुसार तरंगे निकलती रहती हैं। यहीं तरंगे निकलकर वातावरण में जमा हो जाती है। जब इन तरंगों का मात्रा बढ़ जाती हैं, तो ये एक विशेष प्रकार की ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। ये ऊर्जा नकारात्मक या फि सकारात्मक हो सकती है। उदाहरण के लिए अगर आप किसी मंदिर में पवित्र और शुद्ध भाव से जानते हैं, तो ये तरंगे शुभ और सकारात्मक होती है। इसके उल्टे अगर आप नकारात्मक भाव और क्रोध, गुस्सा आदि से जाते हैं, तो इससे नकारात्मक ऊर्जा निकलती है।
जहां सकारात्मक ऊर्जा व्यक्ति के जीवन में खुशियां लेकर आती है, तो वहीं दूसरी ओर नकारात्मक ऊर्जा प्रगति पर बाधा लाती है। अगर आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा है, तो सेहत, तरक्की से लेकर आर्थिक स्थिति पर बुरा असर देखने को मिलता है। इतना ही नहीं घर की रौनक भी चली जाती है। घर के लोग किसी न किसी कारण परेशान बने रहते हैं। जीवन में कई तरह के कष्ट आने लगते हैं। ऐसे में वास्तु शास्त्र में ऐसे संकेतों के बारे में बताया गया है जिन्हें आप पहचान कर समय रहते इन नकारात्मक शक्ति से छुटकारा पा सकते हैं। आइए जानते हैं पंडित केपी शुक्ल से नकारात्मक ऊर्जा के संकेत से लेकर इनसे निजात पाने के उपायों के बारे में…
घर पर नकारात्मक ऊर्जा होने पर दिखते हैं ये संकेत
तुलसी का पौधा – अगर आपके घर में मौजूद तुलसी का पौधा रखरखाव करने के बाद भी बार-बार सुख रहा है, तो ये नकारात्मक ऊर्जा के कारण हो सकता है।
गृह क्लेश अधिक होना- अगर घर के सदस्यों के बीच किसी न किसी बात को लेकर अनबन बनी रहती हैं। ऐसे में रिश्ता टूटने तक की नौबत आ जाती है। ये भी नकारात्मक ऊर्जा का कारण हो सकता है।
हर काम में अड़चन आना- कई बार नकारात्मक ऊर्जा का असर आपके कार्यों में भी देखने को मिल सकता है। तय समय पर काम पूरा न होना या फिर हर चीज में अड़चन आना।
घर के सदस्यों का बीमार रहना- घर में किसी न किसी सदस्य को बीमार होना भी नकारात्मक ऊर्जा के कारण हो सकता है।
अनावश्यक खर्च बढ़ना- बेकार के खर्चों से आप परेशान रहते हैं। अनावश्यक खर्चों में पैसा अधिक जाता है, तो ये संकेत हैं कि घर में नकारात्मक ऊर्जा अधिक है।
नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के वास्तु उपाय
- सबसे पहले अपने घर में सूर्य का पर्याप्त प्रकाश आने दें। घर में सूर्य की रोशनी आने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो सकती है।
- घर में इनडोर प्लांट लगा सकते हैं। ऐसे में आप तुलसी (उत्तर/पूर्व), मनी प्लांट (दक्षिण-पूर्व), लकी बैंबू (पूर्व), स्नेक प्लांट (दक्षिण-पूर्व), और पीस लिली (बेडरूम) शामिल कर सकते हैं। किसी भी पौधे को सही दिशा में रखना बेहद जरूरी है।
- घर पर जब आप पोछा लगा रहे हैं, तो पानी में एक चम्मच सेंधा या फिर साधारण नमक मिला लें। ऐसा करने से भी नकारात्मक ऊर्जा जाती है।
- हर अमावस्या को घर की विशेष सफाई करें और जो वस्तुएं काम की नहीं हैं उन्हें हटा दें।
- प्रातः काल घर की सफाई के बाद मंत्र जप करें।
- हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। अगर आप पाठ नहीं कर पा रहे हैं तो इसे मोबाइल, टीवी आदि में चला सकते हैं।
- घर में गुग्गल या चंदन की सुगंध वाली धूपबत्ती जलाएं। ऐसा करने से वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो सकती है।
- घर में कांच और क्रिस्टल से बनी चीजें लगाएं, क्योंकि ये ऊर्जा को संतुलित करने में मदद करते हैं।
- घर में मौजूद तिजोरी या फिर अलमारी को उत्तर या पूर्व दिशा में रखें और साफ रखें।
- कांटेदार पौधे जैसे कैक्टस आदि मुख्य दरवाजे या घर के अंदर सीधे नहीं रखने चाहिए। इससे भी नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
- घर के मुख्य दरवाजे, लिविंग रूम पर हैंगिंग क्रिस्टल लग रहे हैं। इसे लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई वास्तु नियम, उपाय और धार्मिक महत्व की जानकारी सामान्य मान्यताओं, वास्तु शास्त्र, पंचांग और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पूर्ण सत्यता या सटीक परिणामों का कोई दावा नहीं करता है। किसी भी प्रकार के वास्तु नियम अपनाने से पहले अपने क्षेत्र के विद्वान ज्योतिषी या पुरोहित से परामर्श अवश्य लें।
