Vastu Tips For Main Door: वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि यही वह स्थान है जहां से सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और सौभाग्य का प्रवेश होता है। मान्यता है कि मुख्य द्वार की दिशा, साफ-सफाई और उससे जुड़े वास्तु नियम घर के वातावरण और परिवार की उन्नति पर प्रभाव डाल सकते हैं। ऐसे में यदि आप नया घर बनवा रहे हैं, खरीदने की योजना बना रहे हैं या अपने मौजूदा घर के मुख्य द्वार में बदलाव करना चाहते हैं, तो कुछ वास्तु नियमों का ध्यान रखना लाभकारी हो सकता है। जानिए मुख्य द्वार से जुड़े उन महत्वपूर्ण वास्तु नियमों के बारे में, जिनका पालन करने से घर में सकारात्मकता और खुशहाली बनी रह सकती है। आइए जानते हैं एस्ट्रोलॉजर, वास्तु एक्सपर्ट पूजा वर्मा से मुख्य द्वार के वास्तु नियम..

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घर के मुख्य द्वार को रखें साफ

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार हमेशा मजबूत, साफ-सुथरा और अच्छी स्थिति में होना चाहिए। मुख्य द्वार पर कभी भी टूटा-फूटा या क्षतिग्रस्त दरवाजा नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि इसे आर्थिक परेशानियों और नकारात्मक ऊर्जा का कारण माना जाता है। यदि दरवाजा खराब हो गया है, तो उसे समय रहते ठीक करवा लेना या बदल देना बेहतर होता है।

मुख्य दरवाजे खोलते या बंद करते न आएं आवाज

मुख्य द्वार पर लगाई जाने वाली डोरबेल की आवाज भी मधुर और सुखद होनी चाहिए। बहुत तेज, कर्कश या चुभने वाली ध्वनि वाली डोरबेल घर के वातावरण में नकारात्मकता बढ़ा सकती है।

घर के मुख्य द्वार में न रखें ये चीजें

इसके अलावा मुख्य द्वार के आसपास जूते-चप्पलों की रैक, कूड़ेदान, टूटे-फूटे सामान या पुराना फर्नीचर रखने से बचना चाहिए। वास्तु के अनुसार इससे सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह में बाधा उत्पन्न होती है और घर में अशुभ प्रभाव बढ़ सकते हैं।

मुख्य द्वार में आएं पर्याप्त प्रकाश और हवा

मुख्य द्वार पर पर्याप्त रोशनी और सूर्य का प्रकाश पहुंचना भी शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि बनी रहती है। इसलिए मुख्य प्रवेश द्वार को हमेशा साफ, व्यवस्थित और प्रकाशयुक्त रखने का प्रयास करें।

क्या दरवाजे के पीछे कपड़े टांगने का होता है असर

वास्तु एक्सपर्ट कहती हैं कि घर के मौजूद मुख्य दरवाजे को ऊर्जा के प्रवेश का मार्ग माना जाता है। इसलिए इस जगह को साफ-सुथरा रखने के साथ कुछ नियमों का पालन करना चाहिए, जिससे किसी भी प्रकार से अगर ऊर्जा आने में बाधा उत्पन्न न हो। वास्तु एक्सपर्ट का मानना है कि ऐसा करने से तनाव बढ़ सकता है ।इसके अलावा आर्थिक स्थिति, करियर, बिजनेस में भी बुरा असर पड़ सकता है। दरवाजे के पीछे कपड़े टांगने से उस स्थान पर अंधेरा और भारीपन बढ़ जाता है। ऐसे में मानसिक अशांति महसूस हो सकती है। इसके अलावा परिवार के सदस्यों की सेहत पर बुरा असर देखने को मिल सकता है।

दरवाजे को लेकर वास्तु नियम

  • वास्तु शास्त्र के अनुसार दरवाजे के आसमास की जगह साफ रखने की कोशिश करें। इसके साथ ही कोशिश करेंगे कि ज्यादा भारी या कपड़े, जूते-चप्पल, झाड़ू- पोछा या फिर डस्टबिन न रखें। इससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है।

मुख्य द्वार में रोजाना करें ये वास्तु उपाय

  • मुख्य द्वार के पास दीपक या कपूर जला सकते हैं। इसके अलावा आप चाहे, तो रोजाना आटा से रंगोली बना सकते हैं। हल्का पीला या सफेद रंग सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है। इसके अलावा स्वस्तिक या ऊं का चिन्ह लगाना शुभ होता है

अगर दरवाजे के पीछे कपड़े टांगने हैं, तो क्या नियम अपनाएं

अगर आपके घर में इतनी जगह नहीं है कि कपड़ों को किसी ओर जगह टांग सके, तो इसके लिए इन वास्तु नियमों पर ध्यान दें।

कभी भी इतने भारी कपड़े न टांगे कि दरवाजा खोलने में परेशान हो रही है। हमेशा दरवाजा पूरा आराम से बिना किसी आवाज के खुल जाना चाहिए। इसलिए कभी भी ऐसी भारी चीजें न टांगे या रखें।

अगर संभव हो तो दरवाजे के पीछे केवल हल्के रंग के कपड़े ही टांगने चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, गेट के पीछे हल्के रंह के कपड़े टांगना लाभकारी हो सकता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि काले, नीले या फिर डार्क रंग के कपड़े न टांगे। इसको लेकर वास्तु में माना जाता है कि घर के मुख्य द्वार के आसपास का क्षेत्र ऊर्जा का प्रवेश स्थान होता है, इसलिए वहां साफ-सफाई और हल्के, व्यवस्थित रंगों का वातावरण रखना शुभ माना जाता है।

डिस्क्लेमर- यह लेख सामान्य वास्तु मान्यताओं और परंपरागत विश्वास पर आधारित है। इसका वैज्ञानिक प्रमाण आवश्यक रूप से सिद्ध नहीं है।